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सड़क के मुद्दे पर हड़िया माफी में खूनी संघर्ष मारपीट, आठ घायल
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सड़क के मुद्दे पर हड़िया माफी में खूनी संघर्ष मारपीट, आठ घायल
धनघटा। क्षेत्र के हड़िया माफी गांव में मंगलवार की सुबह मनरेगा से सड़क निर्माण के मुद्दे पर प्रधान व पूर्व प्रधान के पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों में लाठी-डंडे व ईट-पत्थर चलने लगे। मारपीट में दोनों पक्षों से आठ लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर चार लोगों के विरुद्ध हत्या का प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। एक पक्ष ने फायरिंग का भी आरोप लगाया है।
ग्राम प्रधान रेहाना खातून के पुत्र हयात मोहम्मद का कहना है कि मंगलवार की सुबह मनरेगा के तहत वह सड़क निर्माण करा रहे थे। सड़क के किनारे गांव निवासी सजीद का खेत है। मजदूर जब उनके खेत से मिट्टी निकाल रहे थे। आरोप है कि उसी समय पूर्व प्रधान सिराज अहमद कई लोगों के साथ आए और काम करने से मजदूरों को रोक दिया। उनसे जब काम रोकने का कारण पूछा गया तो वे लोग फावड़े से हयात मोहम्मद को पर हूला कर दिया। आरोप है कि उसी समय फायरिंग भी की गई। घटना के बाद वह और उनके साथ अमीन, आमिर और गांव निवासी राज मंगल के साथ एक बाइक से थाने पर जा रहे थे। वे लोग पारासिर चौराहे के करीब पहुंचे तो कार में सवार होकर पीछे से आए विपक्षियों ने बाइक को चपेट में ले लिया। वे लोग जमीन पर गिर गए। उसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडा से पीटने लगे। इससे अमीन, राज मंगल, आमिर, हयात मोहम्मद, आरिफ, मोहम्मद रजा घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने अमीन, आमिर, आरिफ को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मारपीट में दूसरे पक्ष के पूर्व प्रधान सिराज अहमद, साजिद भी घायल हुए हैं। उनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में चल रहा है। थानाध्यक्ष विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस मामले में सजीद, अबुजैद, पूर्व प्रधान सिराज अहमद और हजला के विरुद्ध जान से मारने का प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पंचायत चुनाव में ही पड़ गई थी विवाद की नींव
मनरेगा कार्य में लोडर मशीन का इस्तेमाल विवाद का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के हड़िया माफी गांव में मंगलवार की सुबह दो पक्षों के बीच हुए विवाद का कारण गांव के लोग मनरेगा का कार्य मजदूरों की जगह मशीन से कराया जाना बता रहे हैं। वैसे प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। इसके मूल में पंचायत का चुनाव बताया जा रहा है।
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गांव वालों का कहना है कि पूर्व प्रधान सिराज अहमद और प्रधान रेहाना खातून के पति अमीन लगातार तीन चुनाव में प्रधान पद के दावेदार रहे हैं। दो बार मोहम्मद सिराज प्रधान चुने गए तो 2020 के चुनाव में रेहाना खातून पत्नी अमीन प्रधान बनीं। उसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन मामला थाने तक पहुंचने से पहले समझौता हो गया था। मंगलवार की सुबह प्रधान लोडर मशीन से चकरोड का निर्माण करा रहे थे। इसका विरोध पूर्व प्रधान सिराज अहमद के पक्ष के लोगों ने किया। उसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। हड़िया माफी गांव के लोगों का कहना है कि यदि लोडर मशीन का प्रयोग मनरेगा कार्य में नहीं हुआ होता तो शायद इतना बड़ा विवाद नहीं होता। हड़िया माफी में दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त तनाव है। थानाध्यक्ष विनय कुमार पाठक ने बताया कि हड़िया माफी में पुलिस तैनात है। दूसरी तरफ, खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने मनरेगा का कार्य लोडर मशीन से कराने की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि मशीन से चक रोड का निर्माण कार्य कराया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
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धनघटा। क्षेत्र के हड़िया माफी गांव में मंगलवार की सुबह मनरेगा से सड़क निर्माण के मुद्दे पर प्रधान व पूर्व प्रधान के पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों में लाठी-डंडे व ईट-पत्थर चलने लगे। मारपीट में दोनों पक्षों से आठ लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर चार लोगों के विरुद्ध हत्या का प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। एक पक्ष ने फायरिंग का भी आरोप लगाया है।
ग्राम प्रधान रेहाना खातून के पुत्र हयात मोहम्मद का कहना है कि मंगलवार की सुबह मनरेगा के तहत वह सड़क निर्माण करा रहे थे। सड़क के किनारे गांव निवासी सजीद का खेत है। मजदूर जब उनके खेत से मिट्टी निकाल रहे थे। आरोप है कि उसी समय पूर्व प्रधान सिराज अहमद कई लोगों के साथ आए और काम करने से मजदूरों को रोक दिया। उनसे जब काम रोकने का कारण पूछा गया तो वे लोग फावड़े से हयात मोहम्मद को पर हूला कर दिया। आरोप है कि उसी समय फायरिंग भी की गई। घटना के बाद वह और उनके साथ अमीन, आमिर और गांव निवासी राज मंगल के साथ एक बाइक से थाने पर जा रहे थे। वे लोग पारासिर चौराहे के करीब पहुंचे तो कार में सवार होकर पीछे से आए विपक्षियों ने बाइक को चपेट में ले लिया। वे लोग जमीन पर गिर गए। उसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडा से पीटने लगे। इससे अमीन, राज मंगल, आमिर, हयात मोहम्मद, आरिफ, मोहम्मद रजा घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने अमीन, आमिर, आरिफ को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मारपीट में दूसरे पक्ष के पूर्व प्रधान सिराज अहमद, साजिद भी घायल हुए हैं। उनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली में चल रहा है। थानाध्यक्ष विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस मामले में सजीद, अबुजैद, पूर्व प्रधान सिराज अहमद और हजला के विरुद्ध जान से मारने का प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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पंचायत चुनाव में ही पड़ गई थी विवाद की नींव
मनरेगा कार्य में लोडर मशीन का इस्तेमाल विवाद का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के हड़िया माफी गांव में मंगलवार की सुबह दो पक्षों के बीच हुए विवाद का कारण गांव के लोग मनरेगा का कार्य मजदूरों की जगह मशीन से कराया जाना बता रहे हैं। वैसे प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। इसके मूल में पंचायत का चुनाव बताया जा रहा है।
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गांव वालों का कहना है कि पूर्व प्रधान सिराज अहमद और प्रधान रेहाना खातून के पति अमीन लगातार तीन चुनाव में प्रधान पद के दावेदार रहे हैं। दो बार मोहम्मद सिराज प्रधान चुने गए तो 2020 के चुनाव में रेहाना खातून पत्नी अमीन प्रधान बनीं। उसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन मामला थाने तक पहुंचने से पहले समझौता हो गया था। मंगलवार की सुबह प्रधान लोडर मशीन से चकरोड का निर्माण करा रहे थे। इसका विरोध पूर्व प्रधान सिराज अहमद के पक्ष के लोगों ने किया। उसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। हड़िया माफी गांव के लोगों का कहना है कि यदि लोडर मशीन का प्रयोग मनरेगा कार्य में नहीं हुआ होता तो शायद इतना बड़ा विवाद नहीं होता। हड़िया माफी में दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त तनाव है। थानाध्यक्ष विनय कुमार पाठक ने बताया कि हड़िया माफी में पुलिस तैनात है। दूसरी तरफ, खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने मनरेगा का कार्य लोडर मशीन से कराने की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि मशीन से चक रोड का निर्माण कार्य कराया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।