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Sant Kabir Nagar News: पकड़ा गया रेलवे के ई-टिकट का धंधेबाज
Sun, 07 Jun 2026 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:34 AM IST
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पुरानी बस्ती। रेलवे सुरक्षा बल बस्ती एवं लखनऊ मंडल की स्पेशल टास्क टीम की संयुक्त कार्रवाई में को ई-टिकट का धंधेबाज गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से व्यक्तिगत यूजर आईडी का इस्तेमाल कर निकाले गए 46 हजार रुपये से अधिक मूल्य के रेल ई-टिकट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा संदिग्ध मोबाइल नंबर भी मिले हैं।
रेलवे पुलिस के अनुसार, 5 जून को लखनऊ मुख्यालय से कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर एवं यूजर आईडी की जानकारी हुई। इनके सत्यापन के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त गोरखपुर के निर्देशन में टीम गठित की गई। लखनऊ स्पेशल टास्क टीम के प्रभारी निरीक्षक अजमेर सिंह यादव, मुकेश कुमार सिंह और आरपीएफ बस्ती के प्रभारी निरीक्षक राशिद बैग मिर्जा के नेतृत्व में टीम सक्रिय हुई। मुखबिर की सूचना पर टीम ने संतकबीरनगर जनपद के लोहरौली बाजार स्थित नौशाद टेलीकॉम मोबाइल सेंटर पर छापेमारी की। इस दौरान दुकान संचालक मोहम्मद शाबान निवासी सिसवा दाखिली, थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर को व्यक्तिगत आईडी पर रेल ई-टिकट बनाकर बेचते हुए पकड़ा गया। टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अवैध कारोबार में एक अन्य सहयोगी रोहित कुमार के शामिल होने की जानकारी दी, जिसकी तलाश की जा रही है। जांच में पता चला कि आरोपी विभिन्न व्यक्तिगत यूजर आईडी का उपयोग कर रेल टिकट बुक करता था और यात्रियों से प्रति टिकट 1200 से 1300 रुपये तक अधिक वसूल करता था। आरोपी के पास से 7 लाइव (यात्रा शेष) ई-टिकट तथा 4 यात्रा पूर्ण ई-टिकट बरामद हुए।
इन टिकटों की कुल कीमत 46,165.55 रुपये आंकी गई है। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध आरपीएफ थाने में धारा 143 रेल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है। जालसाज अलग-अलग यूजर आईडी का इस्तेमाल कर दूसरे के आधार पर तत्काल सेवा और आरक्षण श्रेणी का ई-टिकट निकाल लेता था। इसके बाद अधिक कीमत वसूल कर यात्रियों को बेच देता था।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं ई-टिकट के धंधेबाज
ई-टिकट के धंधेबाजों का नेटवर्क बस्ती समेत आसपास के गाेंडा, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले तक फैला हुआ है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात से आने- जाने वाले यात्रियों के संपर्क में धंधेबाज बने रहते हैं। रेलवे का कंफर्म टिकट के लिए लोग स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर जाने के बजाय इन धंधेबाजों से संपर्क साधते है। यह मुंहमांगी रकम लेकर ई- टिकट वाट्सएप के जरिये यात्रियों तक पहुंचाते हैं। ऑनलाइन ट्रांजक्शन के माध्यम से रकम वसूल लेते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार दूसरों के आधार का इस्तेमाल करके यह धंधेबाज ई- टिकट ऑनलाइन बुक कर लेते हैं। मामला पकड़ में न आए इसलिए हर बार अलग- अलग यूजर आईडी का प्रयोग किया जाता है। इसके पहले बस्ती के नगर बाजार से एक सीएससी संचालक सिराज कुरैशी को ई- टिकट के अवैध धंधा में संलिप्त होने पर पकड़ा गया था। जबकि सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के इंदीग्रांट से मोबिन नामक आरोपी को पकड़ा जा चुका है। इन आरोपियों के पास से कई नाम की आईडी, यूजर आईडी, पॉसवर्ड, कंप्यूटर और ई- टिकट बरामद किया गया था।
रेलवे पुलिस के अनुसार, 5 जून को लखनऊ मुख्यालय से कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर एवं यूजर आईडी की जानकारी हुई। इनके सत्यापन के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त गोरखपुर के निर्देशन में टीम गठित की गई। लखनऊ स्पेशल टास्क टीम के प्रभारी निरीक्षक अजमेर सिंह यादव, मुकेश कुमार सिंह और आरपीएफ बस्ती के प्रभारी निरीक्षक राशिद बैग मिर्जा के नेतृत्व में टीम सक्रिय हुई। मुखबिर की सूचना पर टीम ने संतकबीरनगर जनपद के लोहरौली बाजार स्थित नौशाद टेलीकॉम मोबाइल सेंटर पर छापेमारी की। इस दौरान दुकान संचालक मोहम्मद शाबान निवासी सिसवा दाखिली, थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर को व्यक्तिगत आईडी पर रेल ई-टिकट बनाकर बेचते हुए पकड़ा गया। टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अवैध कारोबार में एक अन्य सहयोगी रोहित कुमार के शामिल होने की जानकारी दी, जिसकी तलाश की जा रही है। जांच में पता चला कि आरोपी विभिन्न व्यक्तिगत यूजर आईडी का उपयोग कर रेल टिकट बुक करता था और यात्रियों से प्रति टिकट 1200 से 1300 रुपये तक अधिक वसूल करता था। आरोपी के पास से 7 लाइव (यात्रा शेष) ई-टिकट तथा 4 यात्रा पूर्ण ई-टिकट बरामद हुए।
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इन टिकटों की कुल कीमत 46,165.55 रुपये आंकी गई है। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध आरपीएफ थाने में धारा 143 रेल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है। जालसाज अलग-अलग यूजर आईडी का इस्तेमाल कर दूसरे के आधार पर तत्काल सेवा और आरक्षण श्रेणी का ई-टिकट निकाल लेता था। इसके बाद अधिक कीमत वसूल कर यात्रियों को बेच देता था।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं ई-टिकट के धंधेबाज
ई-टिकट के धंधेबाजों का नेटवर्क बस्ती समेत आसपास के गाेंडा, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले तक फैला हुआ है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात से आने- जाने वाले यात्रियों के संपर्क में धंधेबाज बने रहते हैं। रेलवे का कंफर्म टिकट के लिए लोग स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर जाने के बजाय इन धंधेबाजों से संपर्क साधते है। यह मुंहमांगी रकम लेकर ई- टिकट वाट्सएप के जरिये यात्रियों तक पहुंचाते हैं। ऑनलाइन ट्रांजक्शन के माध्यम से रकम वसूल लेते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार दूसरों के आधार का इस्तेमाल करके यह धंधेबाज ई- टिकट ऑनलाइन बुक कर लेते हैं। मामला पकड़ में न आए इसलिए हर बार अलग- अलग यूजर आईडी का प्रयोग किया जाता है। इसके पहले बस्ती के नगर बाजार से एक सीएससी संचालक सिराज कुरैशी को ई- टिकट के अवैध धंधा में संलिप्त होने पर पकड़ा गया था। जबकि सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के इंदीग्रांट से मोबिन नामक आरोपी को पकड़ा जा चुका है। इन आरोपियों के पास से कई नाम की आईडी, यूजर आईडी, पॉसवर्ड, कंप्यूटर और ई- टिकट बरामद किया गया था।