फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Pvt school going for trusting private teachers

प्रावइेट शिक्षकों के भरोसे चल रहा राजकीय विद्यालय

Tue, 06 Feb 2018 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर Updated Tue, 06 Feb 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
Pvt school going for trusting private teachers
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोविंदगंज। - फोटो : अमर उजाला
रोसया। पौली क्षेत्र के गोविंदगंज में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को खुले पांच वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। विद्यालय में नवीं और दसवी की कक्षाएं भी संचालित होती हैं, लेकिन पढ़ाने का दायित्व निजी शिक्षकों पर है। पढ़ाने वाले शिक्षकों के पारिश्रमिक का इंतजाम छात्रों से फीस की वसूली से की जाती है। स्कूल में 276 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन

क्षेत्र के गोविंदगंज के आस-पास कोई हाईस्कूल व इंटर कॉलेज नहीं होने से यहां के बच्चों को पढ़ाई के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती थी। जिसे ध्यान में रखकर शासन ने वर्ष 2012 में गोविंदगंज में राजकीय विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की और भवन का निर्माण शुरू हुआ। नौ की कक्षाएं भी उसी सत्र में जूनियर हाईस्कूल भवन में शुरू कर दी गईं। जबकि वर्ष 2016 में विद्यालय का भवन बनकर तैयार होने के बाद कार्यदायी संस्था ने विभाग को भवन भी हैंडओवर कर दिया। तभी से राजकीय विद्यालय भवन में बच्चेे शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन यहां सरकारी अध्यापक की तैनाती नहीं हुई है। क्षेत्र की जरूरत और बच्चों की परेशानी को देख जूनियर हाई स्कूल गोविंदगंज के प्रधानाध्यापक मास्टर मकबूल ने राजकीय विद्यालय को संचालित कराने का निर्णय लिया।
विज्ञापन

मास्टर मकबूल बताते हैं कि कक्षा आठ तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद यहां के बच्चों के सामने आगे की पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। अधिक दूरी पर विद्यालय होने के कारण छात्र तो किसी तरह पढ़ने चले जाते हैं, लेकिन छात्राओं के लिए दूरी तय करने में परेशानी है। छात्राएं कक्षा आठवीं की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई मजबूरन बंद कर देती थीं। जिसे ध्यान में रखते हुए राजकीय विद्यालय को संचालित कराने का निर्णय लिया। बताया कि यहां पर शिक्षा देने का दायित्व प्राइवेट शिक्षक के रूप में संजय, बैजनाथ और राकेश कुमार संभाल रहे हैं। जिनके पारिश्रमिक के लिए 50 रुपये प्रति छात्र फीस की वसूली की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजकीय विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती किए जाने की मांग कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया गया। उन्होंने बताया कक्षा नौ में 138 और कक्षा दसवीं में भी उतने ही छात्र पढ़ते हैं। छात्रा मनीषा, डोली, इंद्रावती, रीमा और काजल ने बताया कि शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से प्राइवेट शिक्षक उन्हें पढ़ा रहे हैं। इस संबंध में डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि शिक्षकों की जिले में बेहद कमी है। जिसकी वजह से कुछ प्राइवेट शिक्षक के जरिए पठन-पाठन कराया जा रहा है। शासन से शिक्षकों की डिमांड की गई है। जैसे ही शिक्षक उपलब्ध होंगे, उनकी तैनाती कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed