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पंगेसियस मछली बढ़ाएगी आय

Sun, 28 May 2017 11:01 PM IST
santkabirnagar
santkabirnagar Updated Sun, 28 May 2017 11:01 PM IST
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संतकबीरनगर। 
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मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। मत्स्य पालक अब पोखरे, तालाब की जगह सीमेंटेड टैंक में पंगेसियस मछली का पालन कर सकेंगे। खासियत यह है कि साल में दो दफा मत्स्य पालक पंगेसियस मछली का पालन करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं।


रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम के तहत पंगेसियस मछली का पालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए पोखरे और तालाब की अब जरूरत नहीं होगी। अब चार सीमेंटेड टैंक बनाए जाएंगे। प्रत्येक टैंक 7.62 मीटर लंबा और उतना ही मीटर चौड़ा और 1.5 मीटर गहरा बनाया जाएगा। चारों टैंक में पाइप लाइन के जरिए पानी की सप्लाई की व्यवस्था दी जाएगी। इसमें बॉयो फिल्टर के माध्यम से गंदे पानी को शुद्ध करके फिर उसी टैंक के पानी में पहुंचा दिया जाएगा। प्रत्येक टैंक में 6000 से लेकर 6500 मछली का बीज डाला जाएगा।  मछलियों के भार से दुगुना भोजन उन्हें दी जाएगी। प्लेट्स के रूप में मछलियों का आहार उन्हें मुहैया कराया जाएगा। प्लास्टिक की सीट के जरिए टैंक को ढक कर मछलियों को छाया की सुविधा दी जाएगी। सात से आठ महीने के अंदर प्रत्येक टैंक से करीब 40 क्विंटल मछली का उत्पादन होगा। मछली का उत्पादन साल में दो बार किया जा जा सकेगा। इसके लिए 21 लाख का प्रोजेक्ट तैयार होगा और उसमें 11.25 लाख का अनुदान सरकार मत्स्य पालकों को देगी। जबकि शेष धनराशि मत्स्य पालक को खुद लगाना होगा। इसके लिए मत्स्य पालक चाहेंगे तो बैंक से ऋण भी ले सकेंगे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य वीपी सिंह ने बताया कि पंगेसियस मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ऐसी पहल शुरू की है। पंगेसियस मछली की खासियत है कि इसमें कांटे नहीं होते हैं और यह कम समय से ही विकसित हो जाती है। सात से आठ महीने में ही पंगेसियस मछली तैयार हो जाती है। मत्स्य पालक साल में दो बार पंगेसियस मछली का उत्पादन करके आय बढ़ा सकते हैं। मत्स्य पालकों को सिर्फ यहीं ध्यान देना होगा कि ठंड के मौसम में पंगेसियस मछली की मृत्यु दर बढ़ जाती है। जबकि गर्मी में इसके बेहतर उत्पादन का उपयुक्त मौसम होता है। करीब आधा हेक्टेयर से कम भूमि में ही मत्स्य पालक सीमेंटेड टैंक के जरिए पंगेसियस मछली का उत्पादन कर सकते हैं। वैज्ञानिक विधि के जरिए मत्स्य पालकों को पंगेसियस मछली उत्पादन करने की सुविधा मिल रही है। इसका लाभ मत्स्य पालकों को उठाना चाहिए।
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