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Sant Kabir Nagar News: सब्जियों की खेती को बढ़ावा... प्रति हेक्टेयर 50 फीसदी अनुदान
Mon, 10 Jun 2024 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 10 Jun 2024 10:59 PM IST
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संतकबीरनगर। जनपद में सब्जियों और फूलों के खेती को उद्यान विभाग बढ़ावा दे रहा है। सब्जियों और फूलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 फीसदी अनुदान मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान किसी भी कार्य दिवस पर उद्यान विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं
बेमौसमी सब्जियों ओर फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग संरक्षित खेती करने वाले किसानों को खेती लागत पर 50 फीसदी अनुदान देगा। इसके लिए किसान को सब्जियों और फूलों की खेती के लिए पाली हाउस और नेटशेड हाउस स्थापित करनी होगी। उद्यान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रति एकड़ पॉली हॉउस को स्थापित करने पर औसत खर्च लगभग 37 लाख रुपया और शेडनेट हाउस स्थापित करने पर लगभग 28 लाख रुपया खर्च आएगा। दोनों संरचनाओं के निर्माण पर विभाग 50 फीसदी अनुदान देगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। इस योजना के तहत सब्जियों और फूलों की खेती करने के इच्छुक किसी भी कार्य दिवस पर उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
बेहतर होती हैं पॉली हाउस की सब्जियां
पॉली हाउस और नेटशेड हाउस में खेती से उगाई गई बेमौसमी सब्जियां और फूल गुणवत्ता में खुले में की गई खेती से बेहतर होती है। इसका बाजार मूल्य भी अधिक होता है। इन संरचनाओं में जरबेरा, कट रोज आदि फूलों की खेती की जाती है। जबकि रंगीन शिमला मिर्च, ब्रोकली, खीरा स्ट्रावेरी आदि सब्जियों और फल की खेती की जाती है। यह खुले में उगाई जाने वाली सब्जियों और फूलों से बेहतर होते हैं।
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बेमौसमी सब्जियों और फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए संरक्षित खेती योजना संचालित है। सब्जियों और फूलों की खेती के लिए कृषक को पॉली हाउस और नेटशेड हाउस स्थापित करना है। प्रति हेक्टेयर खेती पर 50 फीसदी अनुदान की व्यवस्था है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। पॉली हाउस में होने वाली सब्जियां गुणवत्ता में खुले खेत की सब्जियों की अपेक्षा बेहतर होती है।
- समुद्र गुप्त मल्ल, जिला उद्यान अधिकारी
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बेमौसमी सब्जियों ओर फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग संरक्षित खेती करने वाले किसानों को खेती लागत पर 50 फीसदी अनुदान देगा। इसके लिए किसान को सब्जियों और फूलों की खेती के लिए पाली हाउस और नेटशेड हाउस स्थापित करनी होगी। उद्यान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रति एकड़ पॉली हॉउस को स्थापित करने पर औसत खर्च लगभग 37 लाख रुपया और शेडनेट हाउस स्थापित करने पर लगभग 28 लाख रुपया खर्च आएगा। दोनों संरचनाओं के निर्माण पर विभाग 50 फीसदी अनुदान देगा। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। इस योजना के तहत सब्जियों और फूलों की खेती करने के इच्छुक किसी भी कार्य दिवस पर उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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बेहतर होती हैं पॉली हाउस की सब्जियां
पॉली हाउस और नेटशेड हाउस में खेती से उगाई गई बेमौसमी सब्जियां और फूल गुणवत्ता में खुले में की गई खेती से बेहतर होती है। इसका बाजार मूल्य भी अधिक होता है। इन संरचनाओं में जरबेरा, कट रोज आदि फूलों की खेती की जाती है। जबकि रंगीन शिमला मिर्च, ब्रोकली, खीरा स्ट्रावेरी आदि सब्जियों और फल की खेती की जाती है। यह खुले में उगाई जाने वाली सब्जियों और फूलों से बेहतर होते हैं।
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बेमौसमी सब्जियों और फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए संरक्षित खेती योजना संचालित है। सब्जियों और फूलों की खेती के लिए कृषक को पॉली हाउस और नेटशेड हाउस स्थापित करना है। प्रति हेक्टेयर खेती पर 50 फीसदी अनुदान की व्यवस्था है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। पॉली हाउस में होने वाली सब्जियां गुणवत्ता में खुले खेत की सब्जियों की अपेक्षा बेहतर होती है।
- समुद्र गुप्त मल्ल, जिला उद्यान अधिकारी