{"_id":"69fb7d1802ca5dd24201a06f","slug":"pradhans-powers-seized-in-financial-irregularities-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-150176-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: वित्तीय अनियमितता में प्रधान के अधिकार सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: वित्तीय अनियमितता में प्रधान के अधिकार सीज
विज्ञापन
संतकबीरनगर। डीएम आलोक कुमार ने ग्राम पंचायत पचपोखरी के प्रधान अब्दुल कय्यूम के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मनरेगा और राज्य वित्त योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद की गई है।
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में 135 सक्रिय जॉब कार्ड धारकों के बावजूद एक ही व्यक्ति रियाजुद्दीन के खाते में लाखों रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस भुगतान में भारी अनियमितता पाई गई है, जो नियमों के विपरीत है।
संतकबीरनगर के बघौली विकास खंड स्थित पचपोखरी ग्राम पंचायत में की गई जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रधान और अन्य नाै व्यक्तियों ने बार-बार नोटिस और अनुस्मारक के बावजूद अपना पक्ष नहीं रखा और न ही बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत की।
विज्ञापन
डीएम आलोक कुमार ने कार्रवाई करते हुए प्रधान के सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
इसके अलावा जिला पंचायतराज अधिकारी को ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्यों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि आगे कार्यों का संचालन समिति के माध्यम से कराया जा सके।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में 135 सक्रिय जॉब कार्ड धारकों के बावजूद एक ही व्यक्ति रियाजुद्दीन के खाते में लाखों रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस भुगतान में भारी अनियमितता पाई गई है, जो नियमों के विपरीत है।
विज्ञापन
संतकबीरनगर के बघौली विकास खंड स्थित पचपोखरी ग्राम पंचायत में की गई जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रधान और अन्य नाै व्यक्तियों ने बार-बार नोटिस और अनुस्मारक के बावजूद अपना पक्ष नहीं रखा और न ही बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत की।
विज्ञापन
डीएम आलोक कुमार ने कार्रवाई करते हुए प्रधान के सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
इसके अलावा जिला पंचायतराज अधिकारी को ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्यों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि आगे कार्यों का संचालन समिति के माध्यम से कराया जा सके।