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Sant Kabir Nagar News: गैंगस्टर की कार्रवाई पर जोर, अपराधियों की संपत्ति के ब्यौरे का पता नहीं
Fri, 23 Jun 2023 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:28 PM IST
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गैंगस्टर एक्ट के लंबित अपराधों की आनलाइन विवेचना की समीक्षा करते एएसपी
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शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। निरोधात्मक कार्रवाई करके पुलिस अपराध एवं अपराधियोंं पर अंकुश लगाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी तेजी के साथ कर रही है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कराना तो दूर, उसका ब्यौरा तक नहीं जुटा पा रही है। इससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है।
संगठित तरीके से गैंग बनाकर अपराध करने वाले अपराधियों को पुलिस चिह्नित करके गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करती है। इसमें खास बात यह है कि गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जद में आए आरोपियों पर आरोप होता है कि आर्थिक, भौतिक और दुनियावी लाभ के लिए अपराध करते हैं और संपत्ति अर्जित करते हैं।
पुलिस जिन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करती है, उनके जरिये अपराध से कमाई गई संपत्ति का ब्यौरा जुटा कर उसे कुर्क कराने की कार्रवाई भी कराती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2022 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 21 केस दर्ज हुए, जिसमें 62 लोग आरोपी बनाए गए। जबकि वर्ष 2023 में पुलिस ने अब तक गैंगस्टर एक्ट के 14 केस दर्ज हुए और उसमें 52 लोग आरोपी बनाए गए हैं। वर्ष 2021 से अब तक दर्ज गैंगस्टर एक्ट के 32 केस की विवेचना लंबित है। जबकि पुलिस वर्ष 2022 में दर्ज गैंगस्टर के पांच प्रकरणों में आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटा पाई और करीब 27,21,000 रुपये की संपत्ति कुर्क कराई।
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शेष दर्ज गैंगस्टर एक्ट के केस में पुलिस अभी तक आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा नहीं जुटा पाई है। इससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है। संवाद
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एएसपी के सवाल पर थानाध्यक्षों ने खड़े कर लिए हाथ
तीन दिन पूर्व एएसपी संतोष कुमार सिंह ने ऑनलाइन सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें वर्ष 2021 से अब तक लंबित गैंगस्टर एक्ट के अपराधों की विवेचनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। इसमें 32 केस की विवेचना प्रचलित होने की बात सामने आई। गैंगस्टर एक्ट के दर्ज केस के विवेचकों से सवाल-जवाब भी किया और जल्द ही विवेचना पूर्ण किए जाने का निर्देश दिया। एएसपी ने थानाध्यक्षों से सवाल किया कि अपराध के जरिये अर्जित की गई आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाया गया है अथवा नहीं। इसमेंं कुछ को छोड़कर अधिकांश ने हाथ खड़े कर लिए।
एएसपी ने निर्देश दिया कि पूर्व के भी जो केस दर्ज है और जो विवेचनाधीन है, सभी के आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति का ब्यौरा जुटाया जाए। इसमें गोरखपुर और बस्ती मंडल मुख्यालय पर डीआईजी स्टॉप कार्यालय से आरोपियों की संपत्ति का विवरण पता करने में मदद ली जाए, जिससे उनकी संपत्ति जुटाकर कुर्क कराया जा सके।
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गैंगस्टर एक्ट के जो भी केस की विवेचना लंबित है, उसे जल्द ही पूर्ण किए जाने का निर्देश विवेचकों को दिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि अपराध से अर्जित इन आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा भी जुटाएं, ताकि उसे कुर्क कराए जाने की कार्रवाई कराई जा सके। इसमें किसी तरह की सुस्ती बरतने वाले विवेचकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अपराध एवं अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस सतर्क है।
-सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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संतकबीरनगर। निरोधात्मक कार्रवाई करके पुलिस अपराध एवं अपराधियोंं पर अंकुश लगाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी तेजी के साथ कर रही है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कराना तो दूर, उसका ब्यौरा तक नहीं जुटा पा रही है। इससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है।
संगठित तरीके से गैंग बनाकर अपराध करने वाले अपराधियों को पुलिस चिह्नित करके गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करती है। इसमें खास बात यह है कि गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जद में आए आरोपियों पर आरोप होता है कि आर्थिक, भौतिक और दुनियावी लाभ के लिए अपराध करते हैं और संपत्ति अर्जित करते हैं।
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पुलिस जिन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करती है, उनके जरिये अपराध से कमाई गई संपत्ति का ब्यौरा जुटा कर उसे कुर्क कराने की कार्रवाई भी कराती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2022 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 21 केस दर्ज हुए, जिसमें 62 लोग आरोपी बनाए गए। जबकि वर्ष 2023 में पुलिस ने अब तक गैंगस्टर एक्ट के 14 केस दर्ज हुए और उसमें 52 लोग आरोपी बनाए गए हैं। वर्ष 2021 से अब तक दर्ज गैंगस्टर एक्ट के 32 केस की विवेचना लंबित है। जबकि पुलिस वर्ष 2022 में दर्ज गैंगस्टर के पांच प्रकरणों में आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटा पाई और करीब 27,21,000 रुपये की संपत्ति कुर्क कराई।
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शेष दर्ज गैंगस्टर एक्ट के केस में पुलिस अभी तक आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा नहीं जुटा पाई है। इससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है। संवाद
एएसपी के सवाल पर थानाध्यक्षों ने खड़े कर लिए हाथ
तीन दिन पूर्व एएसपी संतोष कुमार सिंह ने ऑनलाइन सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें वर्ष 2021 से अब तक लंबित गैंगस्टर एक्ट के अपराधों की विवेचनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। इसमें 32 केस की विवेचना प्रचलित होने की बात सामने आई। गैंगस्टर एक्ट के दर्ज केस के विवेचकों से सवाल-जवाब भी किया और जल्द ही विवेचना पूर्ण किए जाने का निर्देश दिया। एएसपी ने थानाध्यक्षों से सवाल किया कि अपराध के जरिये अर्जित की गई आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाया गया है अथवा नहीं। इसमेंं कुछ को छोड़कर अधिकांश ने हाथ खड़े कर लिए।
एएसपी ने निर्देश दिया कि पूर्व के भी जो केस दर्ज है और जो विवेचनाधीन है, सभी के आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति का ब्यौरा जुटाया जाए। इसमें गोरखपुर और बस्ती मंडल मुख्यालय पर डीआईजी स्टॉप कार्यालय से आरोपियों की संपत्ति का विवरण पता करने में मदद ली जाए, जिससे उनकी संपत्ति जुटाकर कुर्क कराया जा सके।
गैंगस्टर एक्ट के जो भी केस की विवेचना लंबित है, उसे जल्द ही पूर्ण किए जाने का निर्देश विवेचकों को दिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि अपराध से अर्जित इन आरोपियों की संपत्ति का ब्यौरा भी जुटाएं, ताकि उसे कुर्क कराए जाने की कार्रवाई कराई जा सके। इसमें किसी तरह की सुस्ती बरतने वाले विवेचकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अपराध एवं अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस सतर्क है।
-सत्यजीत गुप्ता, एसपी