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Sant Kabir Nagar News: तनाव से टूटता जा रहा लोगों के सब्र का बांध, उठा रहे आत्मघाती कदम
Sat, 27 Apr 2024 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 27 Apr 2024 12:51 AM IST
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- हर तरफ से निराश लोगों का जीवन से हो रहा मोहभंग
- गृह क्लेश, कारोबार में नुकसान, प्रेम प्रसंग बन रही वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अवसाद से ग्रसित लोगों का जीवन से मोहभंग हो जाता है। ऐसे में हर तरफ से निराश होकर लोगों के सब्र का बांध खुद ही टूटता जा रहा है और अपने जीवन की डोर खुद ही तोड़ कर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। मौजूदा दौर में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गृह क्लेश, कारोबार में नुकसान, प्रेम प्रसंग व बदनामी से हुई आत्मग्लानि के चलते भी लोग खुद ही जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं।
हताशा के चक्रव्यूह में फंसकर लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। ऐसे में वह अपने मन की बात किसी परिजन अथवा मित्र से कह करके मानसिक रोगी बनते जा रहे हैं। हर तरफ से निराश लोग आत्महत्या का कदम उठा ले रहे हैं। आज के आपाधापी के समय से परिजन भी अपने बच्चों अथवा परिवार को कम ही समय दे पाते हैं। वह उनके मनोस्थिति को जब तक भांप पाते हैं तब तक उनका बच्चा अथवा परिवार का सदस्य आत्मघाती कदम उठा चुका होता है। ज्यादातर आत्मघाती कदम पारिवारिक क्लेश से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा प्रेम प्रसंग में नाकामी भी आत्मघाती कदम के रूप में सामने आ रही है। ऐसे में परिवार के सदस्य को चाहिए कि वह अपने बच्चों अथवा परिवार के सदस्यों की मनोस्थिति को भांपकर उन्हें अवसाद से बाहर लाने में मदद करें। जिससे लोग आत्मघाती कदम न उठाने के लिए विवश हो।
आत्महत्याओं पर एक नजर
- महुली थाना क्षेत्र के कलान गांव में 24 अप्रैल की रात में 17 वर्षीय ममता ने घर में छत की कुंडी से लटक कर आत्महत्या कर लिया। परिजनों के मुताबिक व मनोरोगी थी और घटना के समय अपने घर में बिल्कुल अकेली थी।
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- मेंहदावल क्षेत्र के बारागद्दी गांव निवासी सायदा उर्फ साजिदा ने 4 फरवरी ने आत्महत्या कर लिया था। उसने फांसी लगा ली थी। पुलिस व परिजनों के मुताबिक सायदा किसी बात से काफी तनाव में चल रही थी।
- मेंहदावल क्षेत्र के गगनई बाबू गांव निवासी जितेंद्र निषाद ने 12 फरवरी को फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इसी तरफ नई बाजार निवासी गुलाम हुसैन ने 27 फरवरी और महदेवा निवासी फूलचंद ने 21 अप्रैल को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सभी का पत्नी से विवाद था। जिसको लेकर तनाव नहीं झेल पाए और आत्मघाती कदम उठा लिए।
- धनघटा क्षेत्र के सेवईपार गांव निवासी सुमित ने अपने ही गांव के सिवान में दुपट्टे से लटक कर जान गंवा दी। पुलिस जांच में मामला प्रेम प्रसंग में नाकामी का पाया गया।
आत्महत्या का कारण
- सामाजिक तौर पर दूरी
- मानसिक बीमारी
- आवेश आने की प्रवृत्ति
- आपसी संबंध खराब होना
- आर्थिक समस्या
आत्महत्या के रोकथाम
-सामाजिक संबंध अच्छे होने चाहिए
-मानसिक बीमारी का इलाज कराएं
-बीमारी के बारे में खुलकर बात करें
-आत्महत्या करने से पहले आने वाले विचार
-अचानक से संपत्ति का प्लान करना
-विरासत की बात करना
-व्यवहार में बदलाव होना
मानसिक बीमारी से ग्रसित लोग ज्यादातर आत्महत्या करते हैं। पारिवारिक विवाद से भी ज्यादातर लोग अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। समय से इलाज शुरू होने पर मानसिक बीमारी दूर हो रही है। सामाजिक संबंध अच्छा रहने से भी काफी हद तक आत्महत्या से बचा जा सकता है। मानसिक बीमारी और खराब रिश्ते सबसे अधिक आत्महत्या का कारण बन रहे हैं।
- डाॅक्टर दीप्शी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग, एचआरपीजी कॉलेज
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- गृह क्लेश, कारोबार में नुकसान, प्रेम प्रसंग बन रही वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अवसाद से ग्रसित लोगों का जीवन से मोहभंग हो जाता है। ऐसे में हर तरफ से निराश होकर लोगों के सब्र का बांध खुद ही टूटता जा रहा है और अपने जीवन की डोर खुद ही तोड़ कर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। मौजूदा दौर में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गृह क्लेश, कारोबार में नुकसान, प्रेम प्रसंग व बदनामी से हुई आत्मग्लानि के चलते भी लोग खुद ही जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं।
हताशा के चक्रव्यूह में फंसकर लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। ऐसे में वह अपने मन की बात किसी परिजन अथवा मित्र से कह करके मानसिक रोगी बनते जा रहे हैं। हर तरफ से निराश लोग आत्महत्या का कदम उठा ले रहे हैं। आज के आपाधापी के समय से परिजन भी अपने बच्चों अथवा परिवार को कम ही समय दे पाते हैं। वह उनके मनोस्थिति को जब तक भांप पाते हैं तब तक उनका बच्चा अथवा परिवार का सदस्य आत्मघाती कदम उठा चुका होता है। ज्यादातर आत्मघाती कदम पारिवारिक क्लेश से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा प्रेम प्रसंग में नाकामी भी आत्मघाती कदम के रूप में सामने आ रही है। ऐसे में परिवार के सदस्य को चाहिए कि वह अपने बच्चों अथवा परिवार के सदस्यों की मनोस्थिति को भांपकर उन्हें अवसाद से बाहर लाने में मदद करें। जिससे लोग आत्मघाती कदम न उठाने के लिए विवश हो।
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आत्महत्याओं पर एक नजर
- महुली थाना क्षेत्र के कलान गांव में 24 अप्रैल की रात में 17 वर्षीय ममता ने घर में छत की कुंडी से लटक कर आत्महत्या कर लिया। परिजनों के मुताबिक व मनोरोगी थी और घटना के समय अपने घर में बिल्कुल अकेली थी।
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- मेंहदावल क्षेत्र के बारागद्दी गांव निवासी सायदा उर्फ साजिदा ने 4 फरवरी ने आत्महत्या कर लिया था। उसने फांसी लगा ली थी। पुलिस व परिजनों के मुताबिक सायदा किसी बात से काफी तनाव में चल रही थी।
- मेंहदावल क्षेत्र के गगनई बाबू गांव निवासी जितेंद्र निषाद ने 12 फरवरी को फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इसी तरफ नई बाजार निवासी गुलाम हुसैन ने 27 फरवरी और महदेवा निवासी फूलचंद ने 21 अप्रैल को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सभी का पत्नी से विवाद था। जिसको लेकर तनाव नहीं झेल पाए और आत्मघाती कदम उठा लिए।
- धनघटा क्षेत्र के सेवईपार गांव निवासी सुमित ने अपने ही गांव के सिवान में दुपट्टे से लटक कर जान गंवा दी। पुलिस जांच में मामला प्रेम प्रसंग में नाकामी का पाया गया।
आत्महत्या का कारण
- सामाजिक तौर पर दूरी
- मानसिक बीमारी
- आवेश आने की प्रवृत्ति
- आपसी संबंध खराब होना
- आर्थिक समस्या
आत्महत्या के रोकथाम
-सामाजिक संबंध अच्छे होने चाहिए
-मानसिक बीमारी का इलाज कराएं
-बीमारी के बारे में खुलकर बात करें
-आत्महत्या करने से पहले आने वाले विचार
-अचानक से संपत्ति का प्लान करना
-विरासत की बात करना
-व्यवहार में बदलाव होना
मानसिक बीमारी से ग्रसित लोग ज्यादातर आत्महत्या करते हैं। पारिवारिक विवाद से भी ज्यादातर लोग अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं। समय से इलाज शुरू होने पर मानसिक बीमारी दूर हो रही है। सामाजिक संबंध अच्छा रहने से भी काफी हद तक आत्महत्या से बचा जा सकता है। मानसिक बीमारी और खराब रिश्ते सबसे अधिक आत्महत्या का कारण बन रहे हैं।
- डाॅक्टर दीप्शी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग, एचआरपीजी कॉलेज