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सामुदायिक शौचालय का निर्माण सात गांवों में अूधरा
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सामुदायिक शौचालय का निर्माण सात गांवों में अूधरा
रकम निकालने के बाद भी कार्य पूरा कराने में रुचि नहीं दिखा रहे जिम्मेदार
डीपीआरओ ने सचिवों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावा केे सात गांवों में धन निकासी के बाद भी सामुदायिक शौचालय अधूरे हैं। डीपीआरओ ने संबंधित चार सचिवों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही कार्य पूर्ण कराते हुए निर्मित शौचालय की फोटोग्राफ के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक क्षेत्र में 113 ग्राम पंचायतें हैं। खाते से धन आहरण के बावजूद अभी तक सात गांवों में सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं। इनमें से पांच गांवों में शौचालय निर्माण सिर्फ स्ट्रक्चर (ढांचा) तक सीमित है। अन्य दो गांव के सामुदायिक शौचालय में पानी कनेक्शन, दरवाजा, टाइल्स, हैंडपंप मोटर आदि सुविधा नहीं है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सेमरियावां ब्लॉक के सात गांवों के संबंधित चार ग्राम सचिवों ने धन आहरण कर निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने का प्रमाणपत्र व फोटोग्राफ उपलब्ध नहीं कराया है। इससे प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत सचिवों ने ग्राम प्रधान से मिलकर बिना कार्य कराए ग्राम निधि से सरकारी धन का गबन कर लिया है। ग्राम सचिवों द्वारा शासन के उच्च प्राथमिकता वाले कार्य में रुचि नहीं ली गई। जो कि अपने दायित्वों व उच्च अधिकारियों के आदेशों का अवहेलना है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ग्राम सचिव योगेंद्र गौड़, सुनीता मिश्रा, आलोक कुमार गुप्ता, शिवेंद्र कुमार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि सभी ग्राम सचिवों को नोटिस रिसीव करा दिया गया है। सामुदायिक शौचालय ढोढ़ई, गंगैचा, कानपारा, रायपुर छपिया उर्फ ठोका, कांटेढेस में सिर्फ स्ट्रक्चर( ढांचा) तक सीमित है। जबकि सिसवा तालिब में पानी कनेक्शन, दरवाजा, हैंडपंप नहीं और भरविला बूधन में टाइल्स, गढ्ढा, पानी कनेक्शन नहीं है।
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रकम निकालने के बाद भी कार्य पूरा कराने में रुचि नहीं दिखा रहे जिम्मेदार
डीपीआरओ ने सचिवों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावा केे सात गांवों में धन निकासी के बाद भी सामुदायिक शौचालय अधूरे हैं। डीपीआरओ ने संबंधित चार सचिवों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही कार्य पूर्ण कराते हुए निर्मित शौचालय की फोटोग्राफ के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक क्षेत्र में 113 ग्राम पंचायतें हैं। खाते से धन आहरण के बावजूद अभी तक सात गांवों में सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं। इनमें से पांच गांवों में शौचालय निर्माण सिर्फ स्ट्रक्चर (ढांचा) तक सीमित है। अन्य दो गांव के सामुदायिक शौचालय में पानी कनेक्शन, दरवाजा, टाइल्स, हैंडपंप मोटर आदि सुविधा नहीं है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सेमरियावां ब्लॉक के सात गांवों के संबंधित चार ग्राम सचिवों ने धन आहरण कर निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने का प्रमाणपत्र व फोटोग्राफ उपलब्ध नहीं कराया है। इससे प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत सचिवों ने ग्राम प्रधान से मिलकर बिना कार्य कराए ग्राम निधि से सरकारी धन का गबन कर लिया है। ग्राम सचिवों द्वारा शासन के उच्च प्राथमिकता वाले कार्य में रुचि नहीं ली गई। जो कि अपने दायित्वों व उच्च अधिकारियों के आदेशों का अवहेलना है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ग्राम सचिव योगेंद्र गौड़, सुनीता मिश्रा, आलोक कुमार गुप्ता, शिवेंद्र कुमार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि सभी ग्राम सचिवों को नोटिस रिसीव करा दिया गया है। सामुदायिक शौचालय ढोढ़ई, गंगैचा, कानपारा, रायपुर छपिया उर्फ ठोका, कांटेढेस में सिर्फ स्ट्रक्चर( ढांचा) तक सीमित है। जबकि सिसवा तालिब में पानी कनेक्शन, दरवाजा, हैंडपंप नहीं और भरविला बूधन में टाइल्स, गढ्ढा, पानी कनेक्शन नहीं है।
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