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Sant Kabir Nagar News: जिले में महज 13 प्रतिशत गेंहू खरीद, लक्ष्य पूरा होना मुश्किल
Thu, 15 May 2025 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 15 May 2025 11:44 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में गेहूं की खरीद की प्रगति काफी खराब है। 17 मार्च से इसकी खरीद हो रही है, लेकिन अभी तक मात्र 3189 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है, जो कि 13 प्रतिशत है। जबकि 24 हजार मीट्रिक टन खरीद होनी थी। यह खरीद 15 जून तक की जानी है। खरीद में लापरवाही मिलने पर डीएम ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों का दो दिन पूर्व वेतन भी रोक दिया है। ऐसे में अफसर अब घर-घर चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में 48 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद बीते 17 मार्च से चल रही है। कटाई मड़ाई के बाद बीच में गेहूं खरीद में तेजी आई थी लेकिन बाद में फिर धीमी हो गई। अब लक्ष्य के हिसाब खरीद नहीं हो पा रही है। जिले में 24 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य की तुलना में 3189 मीट्रिक टन यानी 13.289 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद में अभी एक माह तो बचा है लेकिन क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। व्यापारी गांवों में ही अच्छा मूल्य देकर गेहूं खरीद ले रहे हैं।
इस कारण केंद्र प्रभारियों को गांव में जाकर किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया था। लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों ने इसमें लापरवाही बरती। जिसके बाद डीएम ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। इस तरह से लक्ष्य के हिसाब से गेहूं खरीद हो पाना मुश्किल है। खरीद के लिए लगीं चार एजेंसियों को देखा जाए तो खाद्य निगम ने 2303 मीट्रिक टन, पीसीएफ 624 मीट्रिक टन और मंडी समिति ने 217 मीट्रिक टन खरीदा है।
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सबसेे खराब स्थिति भारतीय खाद्य निगम की है, सिर्फ 43 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे है कि किसानों से संपर्क कर गेहूं की खरीद में तेजी लाए। अभी एक माह का समय बचा है, ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने पर जोर होगा। बताया कि बृहस्पतिवार को भी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है और खरीद के बारे में जानकारी ली गई है।
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जिले में 48 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद बीते 17 मार्च से चल रही है। कटाई मड़ाई के बाद बीच में गेहूं खरीद में तेजी आई थी लेकिन बाद में फिर धीमी हो गई। अब लक्ष्य के हिसाब खरीद नहीं हो पा रही है। जिले में 24 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य की तुलना में 3189 मीट्रिक टन यानी 13.289 प्रतिशत गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद में अभी एक माह तो बचा है लेकिन क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। व्यापारी गांवों में ही अच्छा मूल्य देकर गेहूं खरीद ले रहे हैं।
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इस कारण केंद्र प्रभारियों को गांव में जाकर किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया था। लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों ने इसमें लापरवाही बरती। जिसके बाद डीएम ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। इस तरह से लक्ष्य के हिसाब से गेहूं खरीद हो पाना मुश्किल है। खरीद के लिए लगीं चार एजेंसियों को देखा जाए तो खाद्य निगम ने 2303 मीट्रिक टन, पीसीएफ 624 मीट्रिक टन और मंडी समिति ने 217 मीट्रिक टन खरीदा है।
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सबसेे खराब स्थिति भारतीय खाद्य निगम की है, सिर्फ 43 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे है कि किसानों से संपर्क कर गेहूं की खरीद में तेजी लाए। अभी एक माह का समय बचा है, ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने पर जोर होगा। बताया कि बृहस्पतिवार को भी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है और खरीद के बारे में जानकारी ली गई है।