{"_id":"5c475c5dbdec227371484c96","slug":"on-condition-of-spending-rs-100-million-on-road-repairs-as-before","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क मरम्मत पर सवा करोड़ खर्च पर हालत पहले जैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क मरम्मत पर सवा करोड़ खर्च पर हालत पहले जैसे
Tue, 22 Jan 2019 11:39 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
सड़क मरम्मत पर सवा करोड़ खर्च पर हालत पहले जैसे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संतकबीरनगर। बरसात व अन्य कारणों से गड्ढे में तब्दील सड़कों को ‘गड्ढामुक्त’ करने में खेल हुआ है। मरम्मत पर सवा करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन हालत पहले जैसे ही हैं। आवागमन के लिए जिन सड़कों को बेहतर होने का दावा किया जा रहा है, उनकी गिट्टियां दूसरे दिन ही बिखर गईं। इसके चलते लोगों को अब भी खराब सड़कों से ही आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले में लोक निर्माण विभाग, आरईएस, पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों की कुल 1319 सड़कें हैं। बीते बरसात में इनमें से अधिकांश सड़कें टूट गई थीं। लोक निर्माण विभाग ने 529 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए चिह्नित किया। इसके लिए शासन से करीब दो करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई थी। विभागीय अफसरों का दावा है कि सड़कों की मरम्मत के लिए मिले एक करोड़ 25 लाख रुपये से 425 सड़कों की मरम्मत करा दी गई, लेकिन आम लोग कार्य की गुणवत्ता को बेहद खराब बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिस दिन मरम्मत हुई, उसी दिन सड़क की गिट्टियां फिर बिखर गईं। लोगों को अब भी खराब सड़कों से ही गुजरना पड़ रहा है। खलीलाबाद-मुखलिसपुर रोड पर बनियाबारी गांव के पास कुछ दिन पूर्व ही रात में सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए गिट्टियां डाली गईं, लेकिन सुबह होती ही गिट्टियां पूरी तरह से बिखर गई। ऐसी ही स्थिति मेंहदावल रोड की भी है। लोकनिर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एके दूबे ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप बदहाल सड़कों की मरम्मत कराई गई है। मुखलिसपुर रोड पर बनियाबारी के पास मरम्मत में खराब गुणवत्ता की बात प्रकाश में नहीं थी। इसे खुद देखेंगे और जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अन्य स्थानों पर भी मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
विज्ञापन