फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   ODf will be formed according to base line data

बेस लाइन डाटा के हिसाब से ओडीएम बन जाएगा जिला

Fri, 30 Nov 2018 11:49 PM IST
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर Updated Fri, 30 Nov 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
ODf will be formed according to base line data
बेस लाइन डाटा के हिसाब से ओडीएम बन जाएगा जिला - फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। ओडीएफ अर्थात खुले में शौचमुक्त। स्वच्छ भारत की इस अवधारणा को साकार करने का दारोमदार जिन कंधों पर है, वे इसे केवल आंकड़ों की कलाबाजी समझ रहे हैं। अन्य योजनाओं की तरह यहां भी आंकड़ों की तस्वीर पेश कर गांवों को स्वच्छ मान लेने की पूरी कोशिश हो रही है। उम्मीद है कि संतकबीरनगर जनपद भी आंकड़ों की इस मजबूत जमीन पर इसी सप्ताह ओडीएफ घोषित हो जाएगा।       
विज्ञापन


वर्ष-2012 के बेस लाइन सर्वे के हिसाब से जिले की 794 ग्राम पंचायतों में रहने वाले तीन लाख 33 हजार परिवारों में से उस वक्त करीब 99 हजार परिवार शौचालय का प्रयोग करते थे। शेष दो लाख 34 हजार परिवारों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य था। दो अक्तूबर-2014 को केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाने का अभियान चलाया। बेस लाइन सर्वे के उन आंकड़ों के हिसाब से जिले में शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन एमआईएस डॉटा को खुद विभाग का ही दूसरा आंकड़ा (जियो टैगिंग) गलत साबित कर रहा है। एमआईएस डॉटा में नवंबर के पहले सप्ताह में सभी दो लाख 34 हजार शौचालय बन गए थे, जबकि इनकी जियो टैगिंग (निर्मित शौचालय का फोटोग्राफ्स) 80 प्रतिशत से कम थी। 19 नवंबर को मंडलायुक्त बस्ती ने इसकी समीक्षा की तब एमआईएस डॉटा व जियो टैगिंग के अंतर ने अफसरों की खूब किरकिरी कराई। करीब 45 हजार फोटो ऐसे थे जो अन अप्रूव्ड श्रेणी में थे। मंडलायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी गांवों का दो दिन में सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। सत्यापन के लिए 64 टीमों में 128 अफसर भी लगे, लेकिन यह कवायद कागजी ही अधिक रही। सीडीओ हाकिम सिंह ने मेंहदावल ब्लॉक के बौर ब्यास गांव में जांच की तो पता लगा कि तमाम लाभार्थियों को अभी निर्माण के लिए धन ही नहीं मिला है। डीपीआरओ की जांच में भी कई गांवों में शौचालय अपूर्ण पाए गए। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी का कहना है कि वर्ष 2012 की बेस लाइन सर्वे के हिसाब से ही जिले को ओडीएफ घोषित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed