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अब लाभार्थियों के खाते में जाएगा शौचालय का धन
Sant Kabir Nagar
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:30 PM IST
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शौचालय
- फोटो : amar ujala
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संतकबीरनगर। शौचालयों के निर्माण के लिए अब पूरी रकम अब ग्राम पंचायतों की बजाय सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह आदेश डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने मातहतों को दिया है। डीएम की मंशा है कि लाभार्थी खुद अपना शौचालय गुणवत्तापूर्ण बनाए और उसका उपयोग करें। इसी उद्देश्य से लाभार्थियों को दो किस्तों में प्रोत्साहन राशि 12000 रुपये उनके खाते में भेजे जाएंगे।
पिछले वित्तीय वर्ष में शासन स्तर से करीब 55 करोड़ रुपये शौचालयों के निर्माण के मद में जारी किए गए थे। इसमें से करीब 50 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों को शौचालयों के निर्माण के लिए आवंटित कर दिए गए थे। अवशेष पांच करोड़ रुपये व्यक्तिगत लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। अधिकारियों की जांच में शौचालयों के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे थे। यही नहीं, शौचालयों के निर्माण में ठेकेदारी प्रथा शुरू हो गई थी। इस तरह की शिकायतें जब डीएम तक पहुंचीं तो इसमें पारदर्शिता के लिए उन्होंने ग्राम पंचायतों को शौचालयों के निर्माण की पूरी रकम भेजने की बजाय अब पूरी रकम सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजने का निर्र्देश सीडीओ और डीपीआरओ को दिया है। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को ओडीएफ घोषित करना है। शौचालय की गुणवत्ता को लेकर तमाम शिकायतें आ रही थीं। अभी जिले में एक लाख चालीस हजार शौचालयों का निर्माण होना बाकी है। अब व्यक्तिगत लाभार्थी को ही शौचालय की रकम दी जाएगी। आधी धनराशि 6000 रुपये पहले निर्माण शुरू कराने के लिए और उतनी ही रकम निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दी जाएगी।
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पिछले वित्तीय वर्ष में शासन स्तर से करीब 55 करोड़ रुपये शौचालयों के निर्माण के मद में जारी किए गए थे। इसमें से करीब 50 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों को शौचालयों के निर्माण के लिए आवंटित कर दिए गए थे। अवशेष पांच करोड़ रुपये व्यक्तिगत लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। अधिकारियों की जांच में शौचालयों के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे थे। यही नहीं, शौचालयों के निर्माण में ठेकेदारी प्रथा शुरू हो गई थी। इस तरह की शिकायतें जब डीएम तक पहुंचीं तो इसमें पारदर्शिता के लिए उन्होंने ग्राम पंचायतों को शौचालयों के निर्माण की पूरी रकम भेजने की बजाय अब पूरी रकम सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजने का निर्र्देश सीडीओ और डीपीआरओ को दिया है। डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को ओडीएफ घोषित करना है। शौचालय की गुणवत्ता को लेकर तमाम शिकायतें आ रही थीं। अभी जिले में एक लाख चालीस हजार शौचालयों का निर्माण होना बाकी है। अब व्यक्तिगत लाभार्थी को ही शौचालय की रकम दी जाएगी। आधी धनराशि 6000 रुपये पहले निर्माण शुरू कराने के लिए और उतनी ही रकम निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दी जाएगी।
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