{"_id":"6388fb4b57da786e02038cd3","slug":"no-doctor-no-medicine-patient-upset-khalilabad-news-gkp45941505","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: न डॉक्टर, न दवा, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: न डॉक्टर, न दवा, मरीज परेशान
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थय केंद्र मलौली में खाली पड़ा बेड।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न डॉक्टर, न दवा, मरीज परेशान
सीएचसी मलौली में मरीजों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज
संतकबीरनगर/धनघटा। हैंसर और पौली ब्लॉक के करीब तीन लाख लोगों की सेहत को बेतहर रखने की जिम्मेदारी उठाने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलौली डॉक्टर, दवा और संसाधन की कमी का संकट झेल रहा है। आठ डॉक्टरों की जगह केवल तीन डॉक्टर ही तैनात हैं। बुखार, खांसी, पेट व सिर दर्द जैसी बीमारियों की दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बाहर की दवा लिखना डॉक्टरों की मजबूरी बन गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार का उच्चीकरण कर वर्ष 2002 में जब मलौली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई तो यहां के लोग खुशी से झूम उठे थे। उन्हें उम्मीद हुई कि अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेंगी, लेकिन 20 साल बाद भी लोगों में मायूसी है।
अस्पताल में जांच के लिए न तो अल्ट्रासाउंड मशीन है और ना ही खून, यूरिन आदि जांच का आधुनिक सुविधा। एक्सरे मशीन अस्पताल में है, लेकिन चार माह से ऑपरेटर नहीं है। मरीज एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और खून, यूरिन की जांच बाहर पैथोलॉजी में कराने को मरीज विवश हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को अस्पताल में बुखार, खांसी से पीड़ित होकर पहुंचे रामभरोस, शंभू, कौशिल्या देवी, सुदामा प्रसाद, जयकरन आदि ने बताया कि डॉक्टर की लिखी हुई पर्ची लेकर जब दवा लेने काउंटर पर पहुंचे तो बताया गया कि इस समय बुखार और खांसी की दवा नहीं है। उल्टी-दस्त की दवा की जरूरत हो तो दे दें। मरीजों का कहना था कि मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार राव ने कहा कि जिस समय क्षेत्र में जिस रोग का प्रकोप ज्यादा होता है, उसी रोग की दवा मंगाई जाती है। दो-चार दिनों से बुखार से पीड़ित लोग आ रहे हैं। इसकी दवा जल्द उपलब्ध हो जाएगी।
...
कोट
आठ डॉक्टरों की जगह मात्र तीन डॉक्टर हैं। एक्सरे मशीन के ऑपरेटर का चार माह पहले तबादला हो गया है। संसाधन और सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली दवाएं अस्पताल में हैं, उससे मरीजों की सेवा की जा रही है।
डॉ. विनोद कुमार राव, अधीक्षक, सीएचसी
विज्ञापन
सीएचसी मलौली में मरीजों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज
संतकबीरनगर/धनघटा। हैंसर और पौली ब्लॉक के करीब तीन लाख लोगों की सेहत को बेतहर रखने की जिम्मेदारी उठाने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मलौली डॉक्टर, दवा और संसाधन की कमी का संकट झेल रहा है। आठ डॉक्टरों की जगह केवल तीन डॉक्टर ही तैनात हैं। बुखार, खांसी, पेट व सिर दर्द जैसी बीमारियों की दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बाहर की दवा लिखना डॉक्टरों की मजबूरी बन गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार का उच्चीकरण कर वर्ष 2002 में जब मलौली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई तो यहां के लोग खुशी से झूम उठे थे। उन्हें उम्मीद हुई कि अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेंगी, लेकिन 20 साल बाद भी लोगों में मायूसी है।
विज्ञापन
अस्पताल में जांच के लिए न तो अल्ट्रासाउंड मशीन है और ना ही खून, यूरिन आदि जांच का आधुनिक सुविधा। एक्सरे मशीन अस्पताल में है, लेकिन चार माह से ऑपरेटर नहीं है। मरीज एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और खून, यूरिन की जांच बाहर पैथोलॉजी में कराने को मरीज विवश हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को अस्पताल में बुखार, खांसी से पीड़ित होकर पहुंचे रामभरोस, शंभू, कौशिल्या देवी, सुदामा प्रसाद, जयकरन आदि ने बताया कि डॉक्टर की लिखी हुई पर्ची लेकर जब दवा लेने काउंटर पर पहुंचे तो बताया गया कि इस समय बुखार और खांसी की दवा नहीं है। उल्टी-दस्त की दवा की जरूरत हो तो दे दें। मरीजों का कहना था कि मजबूरी में बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। इस संबंध में अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार राव ने कहा कि जिस समय क्षेत्र में जिस रोग का प्रकोप ज्यादा होता है, उसी रोग की दवा मंगाई जाती है। दो-चार दिनों से बुखार से पीड़ित लोग आ रहे हैं। इसकी दवा जल्द उपलब्ध हो जाएगी।
...
कोट
आठ डॉक्टरों की जगह मात्र तीन डॉक्टर हैं। एक्सरे मशीन के ऑपरेटर का चार माह पहले तबादला हो गया है। संसाधन और सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली दवाएं अस्पताल में हैं, उससे मरीजों की सेवा की जा रही है।
डॉ. विनोद कुमार राव, अधीक्षक, सीएचसी