फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Nishad Integration Council picketing

निषाद एकता परिषद ने धरना दिया

Wed, 25 Nov 2015 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला संतकबीरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला संतकबीरनगर Updated Wed, 25 Nov 2015 12:32 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की गई।
विज्ञापन


 साथ ही आरक्षण की मांग को लेकर मगहर के कसरवल में हुए आंदोलन के समय निषाद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे बिना शर्त वापस लेने की मांग की गई।

केस वापस न लेने की स्थिति में आंदोलन की भी बात वक्ताओं ने कही। धरने के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।  राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के मंडल अध्यक्ष बृजेश कुमार निषाद, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार निषाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन


इस दौरान मंडल अध्यक्ष ने कहा कि निषाद समाज शैक्षणिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। समाज को सभी राजनैतिक दलों के लोगों ने झूठा आश्वासन देकर धोखा दिया। लेकिन अब समाज के लोग एकजुट होकर आरक्षण हासिल करेंगे। निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



 इसके लिए कई बार प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया। नेताओं कहा कि कसरवल में राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के मुखिया डॉक्टर संजय कुमार निषाद के जन्म दिन में कार्यकर्ता शामिल होने आए थे।

 आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों के उकसाने के कारण वहां माहौल बिगड़ा था। इस मामले में जो मुकदमे दर्ज किया गए हैं, उन्हें बिना शर्त वापस लिया जाए। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।

मांग की गई है कि कसरवल कांड में मारे गए अखिलेश निषाद के परिजनों को 25 लाख की सहायता तत्काल उपलब्ध कराया जाए। आंदोलन के दौरान वाहनों को हुई क्षति की भरपाई कराई जाए। निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए। 



धरने में धर्मेंद्र निषाद, महेंद्र कुमार निषाद, दिवाकर निषाद, राजेेश निषाद, संगम निषाद, महाबल निषाद, राजेंद्र निषाद, रमापति निषाद, सतिया देवी, बेलावती निषाद, सरिता निषाद, कुसुम निषाद, सुनीता निषाद, अनारपाती निषाद, चीनी निषाद, कौशल्या निषाद, बासमती निषाद, प्रभावती निषाद, सुभावती निषाद, गुज्जा निषाद, जलधारी निषाद, लालदेवी निषाद, गेंना निषाद, फूलमती निषाद सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed