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मॉकड्रिल के दौरान कमियों को दूर किया
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मॉकड्रिल के दौरान कमियों को दूर किया
- कोरोना एल टू अस्पताल समेत जिले के सातों सीएचसी पर हुई मॉकड्रिल
- हर जगह अधिकारी करते रहे पर्यवेक्षण, सुधारते रहे कमियां
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड की संभावित तीसरी लहर से बचने की तैयारियों को परखने के लिए जिले में मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जिला अस्पताल के मैटरनल चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच विंग) में स्थित एल टू फैसिलिटी में भी तीसरी लहर की तैयारियों को परखा गया। वहीं शासन से नियुक्त जिले के नोडल अधिकारी के साथ जिला स्तर पर बनाए गए पर्यवेक्षण अधिकारी इन तैयारियों का परीक्षण चेकलिस्ट के हिसाब से करते रहे।
जनपद के अस्पतालों में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के इंतजामों को जांचने के लिए जिला अस्पताल की एमसीएच विंग में स्थित एलटू फैसिलिटी सहित कुल सात स्वास्थ्य इकाइयों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा तथा शासन से नामित नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जेएन मिश्र के निर्देशन में मॉकड्रिल शुरू की गई। इस दौरान स्वास्थ्य इकाइयों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट, नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान यह देखा गया कि तीसरी लहर के लिए हेल्थ सिस्टम कितना तैयार है, साथ ही अस्पतालों में कोरोना से इलाज के कितने इंतजाम हैं। अधिकारी हर चरण का चेकलिस्ट के हिसाब से मिलान करते रहे। अगर बीच में कहीं कोई चरण छूट गया तो उसे रिपीट कराया गया। साथ ही मरीज को कैसे लाना है और उसे कैसे भर्ती करना है यह सब परखा गया। निरीक्षण के दौरान अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा, डिप्टी सीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज डॉ. वीपी पांडेय, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस रहमान, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरडी मौर्या, अधीक्षक मेंहदावल सीएचसी डॉ. इंद्रदेव गौरव, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली समेत अन्य मौजूद थे।
कोविड किट से साथ हुई ड्रिल
सीएमओ डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि मॉकड्रिल पूरी कोविड किट के साथ की गई। प्रयोज्य के रूप में रखे गए बच्चों पर हर उपकरण का ट्रायल किया गया। मॉकड्रिल के दौरान पीडियाट्रिक कोविड केयर यूनिट, नियोनेटल इमरजेंसी केयर यूनिट, कोविड केयर वार्ड में उपकरणों व स्टाफ की जांच, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट, वेंटिलेटर, बाइपैप, मास्क व जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता,अ ॉक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन की उपलब्धता, पीपीई किट, स्टाफ का व्यवहार, विशेषज्ञों, चिकित्सक, नर्स व अन्य स्टाफ की उपलब्धता, कंट्रोल रूम, स्टाफ की सक्रियता, ड्यूटी रोस्टर, एंबुलेंस चालकों का व्यवहार, एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ ही उपकरणों की उपलब्धता की मॉनिटरिंग की गई। मॉकड्रिल पूरी तरह से सफल रहा तथा आवश्यकता की दवाइयों के साथ ही अन्य उपकरण भी संचालित मिले। स्टाफ को कई चक्रों में प्रशिक्षित करने का नतीजा रहा कि कहीं कोई गलती नहीं मिली।
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- कोरोना एल टू अस्पताल समेत जिले के सातों सीएचसी पर हुई मॉकड्रिल
- हर जगह अधिकारी करते रहे पर्यवेक्षण, सुधारते रहे कमियां
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड की संभावित तीसरी लहर से बचने की तैयारियों को परखने के लिए जिले में मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जिला अस्पताल के मैटरनल चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच विंग) में स्थित एल टू फैसिलिटी में भी तीसरी लहर की तैयारियों को परखा गया। वहीं शासन से नियुक्त जिले के नोडल अधिकारी के साथ जिला स्तर पर बनाए गए पर्यवेक्षण अधिकारी इन तैयारियों का परीक्षण चेकलिस्ट के हिसाब से करते रहे।
जनपद के अस्पतालों में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के इंतजामों को जांचने के लिए जिला अस्पताल की एमसीएच विंग में स्थित एलटू फैसिलिटी सहित कुल सात स्वास्थ्य इकाइयों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा तथा शासन से नामित नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जेएन मिश्र के निर्देशन में मॉकड्रिल शुरू की गई। इस दौरान स्वास्थ्य इकाइयों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट, नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान यह देखा गया कि तीसरी लहर के लिए हेल्थ सिस्टम कितना तैयार है, साथ ही अस्पतालों में कोरोना से इलाज के कितने इंतजाम हैं। अधिकारी हर चरण का चेकलिस्ट के हिसाब से मिलान करते रहे। अगर बीच में कहीं कोई चरण छूट गया तो उसे रिपीट कराया गया। साथ ही मरीज को कैसे लाना है और उसे कैसे भर्ती करना है यह सब परखा गया। निरीक्षण के दौरान अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा, डिप्टी सीएमओ वेक्टर बार्न डिजीज डॉ. वीपी पांडेय, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस रहमान, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरडी मौर्या, अधीक्षक मेंहदावल सीएचसी डॉ. इंद्रदेव गौरव, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली समेत अन्य मौजूद थे।
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कोविड किट से साथ हुई ड्रिल
सीएमओ डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि मॉकड्रिल पूरी कोविड किट के साथ की गई। प्रयोज्य के रूप में रखे गए बच्चों पर हर उपकरण का ट्रायल किया गया। मॉकड्रिल के दौरान पीडियाट्रिक कोविड केयर यूनिट, नियोनेटल इमरजेंसी केयर यूनिट, कोविड केयर वार्ड में उपकरणों व स्टाफ की जांच, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट, वेंटिलेटर, बाइपैप, मास्क व जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता,अ ॉक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन की उपलब्धता, पीपीई किट, स्टाफ का व्यवहार, विशेषज्ञों, चिकित्सक, नर्स व अन्य स्टाफ की उपलब्धता, कंट्रोल रूम, स्टाफ की सक्रियता, ड्यूटी रोस्टर, एंबुलेंस चालकों का व्यवहार, एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ ही उपकरणों की उपलब्धता की मॉनिटरिंग की गई। मॉकड्रिल पूरी तरह से सफल रहा तथा आवश्यकता की दवाइयों के साथ ही अन्य उपकरण भी संचालित मिले। स्टाफ को कई चक्रों में प्रशिक्षित करने का नतीजा रहा कि कहीं कोई गलती नहीं मिली।
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