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त्रुटियों में सुधार के बाद ही आएगा अंक पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:35 PM IST
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सेमरियावां। यूपी मदरसा बोर्ड ने मुंशी, मौलवी, आलिमल और फाजिल परीक्षाओं के परिणाम 27 जून को घोषित कर दिए हैं। इस बार बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर परीक्षा परिणाम के साथ अंकपत्र सह प्रमाण पत्र भी अपलोड किया है। इस बार बोर्ड ने निर्णय लिया है कि परीक्षार्थी से संबंधित सूचनाओं में कोई त्रुटि हो तो उसे संशोधित करने के बाद ही अंक पत्र मदरसों को भेजा जाएगा। इस संबंध में रजिस्ट्रार ने सूचनाओं के संशोधन केलिए प्रोफार्मा भर कर बोर्ड को एक सप्ताह के अंदर भेजना है।
पूर्व के वर्षों में उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के जरिए जारी अंकपत्रों में काफी त्रुटियों की शिकायत मिलती रही है। किसी परीक्षार्थी के अंकपत्र में त्रुटि होने पर उसे बोर्ड का चक्कर लगाना पड़ता था और बच्चे बिचौलियों के शोषण का शिकार होते थे। संशोधन के लिए इतना अधिक आवेदन आ जाते थे कि बोर्ड का कार्य भी प्रभावित होता था। इसके अतिरिक्त संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा की शिकायत मिलती रही थी। कई मामले ऐसे मिले जिसमें संशोधन के बाद एक परीक्षार्थी के पास दो अंकपत्र हो जाया करता था। इन्हीं सारी समस्याओं से बचने और बोर्ड के अंकपत्रों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रजिस्ट्रार ने पोर्टल पर परीक्षार्थी का अंकपत्र समस्त सूचनाओं के साथ अपलोड कर दिया है।
प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि समस्त अपलोड सूचनाओं का मिलान करने के बाद किसी परीक्षार्थी के विवरण में कोई त्रुटि होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य से संशोधन की संस्तुति के साथ निर्धारित प्रारूप पर सूचना मांगा। इसमें परीक्षार्थी का नाम, पिता, माता का नाम, जन्म तिथि एवं अन्य त्रुटि का कॉलम दिया गया है। इसके साथ ही त्रुटि के निवारण के लिए परीक्षार्थी का आधार कार्ड, वोटर आईडी, संबंधित मदरसा के प्रधानाचार्य का सत्यापन या हलफनामा देने को कहा है।
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पूर्व के वर्षों में उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के जरिए जारी अंकपत्रों में काफी त्रुटियों की शिकायत मिलती रही है। किसी परीक्षार्थी के अंकपत्र में त्रुटि होने पर उसे बोर्ड का चक्कर लगाना पड़ता था और बच्चे बिचौलियों के शोषण का शिकार होते थे। संशोधन के लिए इतना अधिक आवेदन आ जाते थे कि बोर्ड का कार्य भी प्रभावित होता था। इसके अतिरिक्त संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा की शिकायत मिलती रही थी। कई मामले ऐसे मिले जिसमें संशोधन के बाद एक परीक्षार्थी के पास दो अंकपत्र हो जाया करता था। इन्हीं सारी समस्याओं से बचने और बोर्ड के अंकपत्रों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रजिस्ट्रार ने पोर्टल पर परीक्षार्थी का अंकपत्र समस्त सूचनाओं के साथ अपलोड कर दिया है।
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प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि समस्त अपलोड सूचनाओं का मिलान करने के बाद किसी परीक्षार्थी के विवरण में कोई त्रुटि होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य से संशोधन की संस्तुति के साथ निर्धारित प्रारूप पर सूचना मांगा। इसमें परीक्षार्थी का नाम, पिता, माता का नाम, जन्म तिथि एवं अन्य त्रुटि का कॉलम दिया गया है। इसके साथ ही त्रुटि के निवारण के लिए परीक्षार्थी का आधार कार्ड, वोटर आईडी, संबंधित मदरसा के प्रधानाचार्य का सत्यापन या हलफनामा देने को कहा है।
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