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Sant Kabir Nagar News: मजदूरों के अधिकार पर डाला जा रहा डाका
Sat, 27 May 2023 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 27 May 2023 11:41 PM IST
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सांथा ब्लॉक के समदा में जेसीबी से अमृत सरो वर की खुदाई की जांच करते डीसी मनरेगा व जेई डीआरडीए।स
संतकबीरनगर। मनरेगा योजना में मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। मजदूरों से काम न करा कर जेसीबी से खोदाई कराई जा रही है। यह बात हवा- हवाई नहीं है, बल्कि डीसी मनरेगा की जांच में सांथा विकास खंड के समदा में अमृत सरोवर के निरीक्षण के दौरान सामने आई है। मजदूरों की जगह जेसीबी से अमृत सरोवर की खाेदाई कराए जाने की पुष्टि हुई।
उपायुक्त श्रम रोजगार प्रभात द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत समदा में निर्माणाधीन पंचायत भवन के बगल में अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। उस दौरान डीआरडीए के अवर अभियंता हीरालाल भी मौजूद रहे। अमृत सरोवर की परियोजना का कुल प्राक्कलन लागत 15.55 लाख है। इसमें मनरेगा अंश 14 लाख है। मनरेगा एमआईएस की रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना पर शुक्रवार को कुल 52 श्रमिक नियोजित हैं, लेकिन स्थलीय सत्यापन में मौके पर मात्र 15 श्रमिक उपस्थित थे।
निरीक्षण के समय मौके पर जेसीबी नहीं मिली, लेकिन कार्य स्थल के सत्यापन से स्पष्ट रूप से जेसीबी से खोदाई के चिह्न परिलक्षित हो रहे थे। मौके पर मौजूद 15 श्रमिकों से खोदाई का कार्य नहीं लिया जा रहा था। जेसीबी व अन्य मशीन से खोदाई के चिह्न को केवल मिटाने का कार्य किया जा रहा था। इस प्रकार उक्त परियोजना पर मानव श्रम विस्थापित करने वाली मशीन का प्रयोग किया गया है। जबकि मनरेगा प्रावधानों के अनुसार मनरेगा योजना अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर ठेकेदारी प्रथा का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित है।
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उक्त परियोजना पर जेसीबी से खोदाई का कार्य कराने से मनरेगा प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। जेई डीआरडीए के तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट ली जाएगी। डीसी मनरेगा ने बताया कि इस मामले में प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक दोषी पाए गए हैं। इसमें मूल्यांकन रिपोर्ट के बाद श्रमदान घोषित कराया जाएगा और संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय और विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।
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उपायुक्त श्रम रोजगार प्रभात द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत समदा में निर्माणाधीन पंचायत भवन के बगल में अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। उस दौरान डीआरडीए के अवर अभियंता हीरालाल भी मौजूद रहे। अमृत सरोवर की परियोजना का कुल प्राक्कलन लागत 15.55 लाख है। इसमें मनरेगा अंश 14 लाख है। मनरेगा एमआईएस की रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना पर शुक्रवार को कुल 52 श्रमिक नियोजित हैं, लेकिन स्थलीय सत्यापन में मौके पर मात्र 15 श्रमिक उपस्थित थे।
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निरीक्षण के समय मौके पर जेसीबी नहीं मिली, लेकिन कार्य स्थल के सत्यापन से स्पष्ट रूप से जेसीबी से खोदाई के चिह्न परिलक्षित हो रहे थे। मौके पर मौजूद 15 श्रमिकों से खोदाई का कार्य नहीं लिया जा रहा था। जेसीबी व अन्य मशीन से खोदाई के चिह्न को केवल मिटाने का कार्य किया जा रहा था। इस प्रकार उक्त परियोजना पर मानव श्रम विस्थापित करने वाली मशीन का प्रयोग किया गया है। जबकि मनरेगा प्रावधानों के अनुसार मनरेगा योजना अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर ठेकेदारी प्रथा का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित है।
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उक्त परियोजना पर जेसीबी से खोदाई का कार्य कराने से मनरेगा प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। जेई डीआरडीए के तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट ली जाएगी। डीसी मनरेगा ने बताया कि इस मामले में प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक दोषी पाए गए हैं। इसमें मूल्यांकन रिपोर्ट के बाद श्रमदान घोषित कराया जाएगा और संबंधित दोषियों के खिलाफ विभागीय और विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।