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Sant Kabir Nagar News: सर्दी में लापरवाही से बढ़ रहा फेफड़ों में संक्रमण
Wed, 27 Nov 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:18 AM IST
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संतकबीरनगर। ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच जरा सी लापरवाही के कारण बच्चे और बुजुर्ग फेफड़ों में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रात में ठंड और दिन में धूप के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। यह बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन इस तरह के 70 से 80 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1200 के करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें ज्यादातर मरीज फीवर, खांसी, जुकाम व अन्य बीमारियों के पहुंच रहे हैं। वहीं फेफड़ों के संक्रमण को लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामशंकर ने बताया कि रात में ठंड और दिन में धूप के चलते तापमान में उतार चढ़ाव जारी है। यह बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। वहीं ठंडे पेय पदार्थ का सेवन, ठंड में ज्यादा देर रहने, दूषित खानपान आदि वजहों से वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे जल्द रोगों की चपेट में आ जाते हैं।
डॉ. रामशंकर ने बताया कि शुरुआत फेफड़ों में जकड़न, जुकाम, खांसी से होती है। सही इलाज न मिलने पर श्वास नलिकाओं में बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जिससे सूजन की स्थिति आने पर लगातार खांसी आती है और बुखार आने लगता है। ऐसे में इस तरह के रोगी सतर्क रहे और चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करें।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1200 के करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें ज्यादातर मरीज फीवर, खांसी, जुकाम व अन्य बीमारियों के पहुंच रहे हैं। वहीं फेफड़ों के संक्रमण को लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामशंकर ने बताया कि रात में ठंड और दिन में धूप के चलते तापमान में उतार चढ़ाव जारी है। यह बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बिगाड़ रहा है। वहीं ठंडे पेय पदार्थ का सेवन, ठंड में ज्यादा देर रहने, दूषित खानपान आदि वजहों से वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे जल्द रोगों की चपेट में आ जाते हैं।
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डॉ. रामशंकर ने बताया कि शुरुआत फेफड़ों में जकड़न, जुकाम, खांसी से होती है। सही इलाज न मिलने पर श्वास नलिकाओं में बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जिससे सूजन की स्थिति आने पर लगातार खांसी आती है और बुखार आने लगता है। ऐसे में इस तरह के रोगी सतर्क रहे और चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करें।
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