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Sant Kabir Nagar News: जमीन मिली नहीं, सीसीबी ब्लॉक के निर्माण में फंसा पेंच
Tue, 16 Jul 2024 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 11:03 PM IST
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संतकबीरनगर। क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) के लिए प्रशासन जमीन नहीं उपलब्ध करा पाया, जो जमीन चिह्नित हुई थी वह कम पड़ गई है। इसके निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपये शासन ने उपलब्ध कराया था। यह रकम कार्यदायी संस्था के खाते में पड़ा हुआ है। सीएमओ ने कहा कि जमीन की तलाश हो रही है। जल्द ही जमीन उपलब्ध हो जाएगी।
जिले में जिला अस्पताल व आठ सीएचसी हैं। ऐसे में गंभीर मरीज गोरखपुर या फिर लखनऊ रेफर कर दिए जाते है। मरीजों को होने वाली असुविधा को देखते हुए नवंबर माह में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने शासन को क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, इसकी मंजूरी दिसंबर में मिल गई थी। इसके निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपये भी जारी हो गए थे। सीएमओ ने जिला अस्पताल परिसर में जमीन चिह्नित की, लेकिन वह कम पड़ गई। कार्यदायी संस्था ने वहां पर निर्माण कराने से इंकार कर दिया था। 27 करोड़ रुपये से बनने वाले चार मंजिला भवन में लिफ्ट की भी सुविधा मिलनी थी। करीब 35 कमरों के इस भवन में आईसीयू, आइसोलेशन बेड के अलावा वेंटिलेटर व ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं भी मिलनी थी। साथ ही, गंभीर रूप से अस्वस्थ मरीजों का इलाज किया जाना था। इसके लिए अलग से चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही अत्याधुनिक मशीनें लगाई जानी थी और सभी प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध होनी थी। लेकिन जमीन न मिलने से मामला अधर में लटक गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने यह भवन अस्पताल के आस पास ही बनाया जाना है ताकि गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से वही पर भेजा जा सके।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए जमीन नहीं मिल पाई है, इसकी तलाश कराई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन मिल जाएगी और इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
-डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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जिले में जिला अस्पताल व आठ सीएचसी हैं। ऐसे में गंभीर मरीज गोरखपुर या फिर लखनऊ रेफर कर दिए जाते है। मरीजों को होने वाली असुविधा को देखते हुए नवंबर माह में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने शासन को क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, इसकी मंजूरी दिसंबर में मिल गई थी। इसके निर्माण के लिए 27 करोड़ रुपये भी जारी हो गए थे। सीएमओ ने जिला अस्पताल परिसर में जमीन चिह्नित की, लेकिन वह कम पड़ गई। कार्यदायी संस्था ने वहां पर निर्माण कराने से इंकार कर दिया था। 27 करोड़ रुपये से बनने वाले चार मंजिला भवन में लिफ्ट की भी सुविधा मिलनी थी। करीब 35 कमरों के इस भवन में आईसीयू, आइसोलेशन बेड के अलावा वेंटिलेटर व ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं भी मिलनी थी। साथ ही, गंभीर रूप से अस्वस्थ मरीजों का इलाज किया जाना था। इसके लिए अलग से चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही अत्याधुनिक मशीनें लगाई जानी थी और सभी प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध होनी थी। लेकिन जमीन न मिलने से मामला अधर में लटक गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने यह भवन अस्पताल के आस पास ही बनाया जाना है ताकि गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से वही पर भेजा जा सके।
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क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए जमीन नहीं मिल पाई है, इसकी तलाश कराई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन मिल जाएगी और इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
-डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ