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Sant Kabir Nagar News: आधार की तर्ज पर बनेगा किसान कार्ड, इसी के जरिए मिलेगी सम्मान निधि
Mon, 01 Jul 2024 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 01 Jul 2024 02:47 AM IST
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- 8 जुलाई से कैंप लगाकर बनाया जाएगा, किसान का पूरा विवरण दर्ज होने के बाद जारी होगा नंबर
- कार्ड बनाने के लिए कर्मचारियों को आज से प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में आठ जुलाई से कैंप लगाकर किसान कार्ड बनाया जाएगा। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद एक किसान नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा। रजिस्ट्री का कार्य पूरा होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा। रजिस्ट्री से मिलने वाले नंबर के जरिए ही दिसंबर से किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कैंप लगाने से पहले कृषि विभाग कार्ड बनाने वाले कर्मचारियों और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण देगा।
केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक (कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) विकसित करने की योजना के तहत किसान रजिस्ट्री शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से तैयार कराए गए मोबाइल एप पर प्रदेश के हर किसान का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
इसके लिए 8 जुलाई से शहर से गांव तक शिविर लगेंगे। इसमें दो कर्मचारी रहेंगे। ये गांव में रहकर संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ई-केवाईसी विवरण आदि दर्ज करेंगे। किसी प्रकार के स्वामित्व हस्तांतरण (विरासत, बैनामा आदि) होने पर किसान रजिस्ट्री में बदलाव किया जा सकेगा। इसमें किसान के हर गाटे में दो सत्र में बोई जाने वाली फसल का विवरण भी शामिल किया जाएगा।
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ये फायदे होंगे
अभी किसान को किसी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकॉर्ड देना पड़ता है। किसान रजिस्ट्री होने से उनके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। इससे किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उसने क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी। साथ ही किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए किसानों के चिह्नित करने में आसानी होगी।
किसान कार्ड शासन की अच्छी पहल
ग्राम सिकरी के किसान लौहर द्विवेदी ने कहा कि किसान कार्ड बनाया बनाया जाना अच्छी पहल है। एक किसान कार्ड से सरकार की किसानों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। एक जगह विवरण दर्ज होने से बार-बार विवरण देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं किसान अमरनाथ का कहना है किसान कार्ड बनवाएंगे। ये किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। इससे सत्यापन, कृषि उत्पाद के विवरण और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी।
बोले जिम्मेदार
किसान कार्ड बनाने के किए 8 जुलाई से जनपद के गांवों में कैप लगाया जाएगा। पहले इसकी तिथि एक जुलाई रखी गयी थी। किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का लाभ किसान कार्ड से मिलेगा। बिना किसान कार्ड के सम्मान निधि की दिसंबर में मिलने वाली 19वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद किसान को एक नंबर जारी होगा। इससे किसानों को बैंक से लोन लेने में भी सुविधा होगी। कार्ड बनाने के लिए कर्मचारियों को एक जुलाई से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डॉ. राकेश कुमार सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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- कार्ड बनाने के लिए कर्मचारियों को आज से प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में आठ जुलाई से कैंप लगाकर किसान कार्ड बनाया जाएगा। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद एक किसान नंबर जारी होगा। इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा। रजिस्ट्री का कार्य पूरा होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा। रजिस्ट्री से मिलने वाले नंबर के जरिए ही दिसंबर से किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। कैंप लगाने से पहले कृषि विभाग कार्ड बनाने वाले कर्मचारियों और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण देगा।
केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक (कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा) विकसित करने की योजना के तहत किसान रजिस्ट्री शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से तैयार कराए गए मोबाइल एप पर प्रदेश के हर किसान का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
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इसके लिए 8 जुलाई से शहर से गांव तक शिविर लगेंगे। इसमें दो कर्मचारी रहेंगे। ये गांव में रहकर संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ई-केवाईसी विवरण आदि दर्ज करेंगे। किसी प्रकार के स्वामित्व हस्तांतरण (विरासत, बैनामा आदि) होने पर किसान रजिस्ट्री में बदलाव किया जा सकेगा। इसमें किसान के हर गाटे में दो सत्र में बोई जाने वाली फसल का विवरण भी शामिल किया जाएगा।
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ये फायदे होंगे
अभी किसान को किसी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकॉर्ड देना पड़ता है। किसान रजिस्ट्री होने से उनके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। इससे किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उसने क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी। साथ ही किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए किसानों के चिह्नित करने में आसानी होगी।
किसान कार्ड शासन की अच्छी पहल
ग्राम सिकरी के किसान लौहर द्विवेदी ने कहा कि किसान कार्ड बनाया बनाया जाना अच्छी पहल है। एक किसान कार्ड से सरकार की किसानों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। एक जगह विवरण दर्ज होने से बार-बार विवरण देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं किसान अमरनाथ का कहना है किसान कार्ड बनवाएंगे। ये किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। इससे सत्यापन, कृषि उत्पाद के विवरण और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी।
बोले जिम्मेदार
किसान कार्ड बनाने के किए 8 जुलाई से जनपद के गांवों में कैप लगाया जाएगा। पहले इसकी तिथि एक जुलाई रखी गयी थी। किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का लाभ किसान कार्ड से मिलेगा। बिना किसान कार्ड के सम्मान निधि की दिसंबर में मिलने वाली 19वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रकबा, खसरा नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके बाद किसान को एक नंबर जारी होगा। इससे किसानों को बैंक से लोन लेने में भी सुविधा होगी। कार्ड बनाने के लिए कर्मचारियों को एक जुलाई से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डॉ. राकेश कुमार सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग