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Sant Kabir Nagar: अभिलेखों में खुद को जिंदा साबित करने के चक्कर में खेलई ने तोड़ दिया दम
Thu, 17 Nov 2022 04:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 04:15 PM IST
सार
प्रभारी डीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पांच नवंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में खेलई उपस्थित हुए और अपनी समस्या बताई थी। उनकी समस्या के समाधान के लिए चकबंदी अधिकारी को निर्देशित किया गया था। प्रकरण की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी।
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धनघटा थाना क्षेत्र के कोड़रा गांव निवासी खेलई की फाइल फोटो।
- फोटो : KHALILABAD
विस्तार
करीब छह साल से अभिलेखों में खुद को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में खेलई ने बुधवार को धनघटा तहसील परिसर में दम तोड़ दिया। साथ आए परिजन रोने लगे तो एसडीएम और तहसीलदार ने ढांढस बंधाया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
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क्षेत्र के कोडरा गांव निवासी पन्नेलाल ने बताया कि उसके पिता खेलई और फेरई दो भाई थे। बड़े पिता फेरई की वर्ष 2016 में मौत हो गई। लेखपाल ने खेलई को मृतक दिखाकर उनकी संपत्ति फेरई के बेटे छोटेलाल, चालू राम, हर्षनाथ और उनकी पत्नी सोमारी देवी के नाम कर दी। इसकी जानकारी वर्ष 2017 में खेलई को हुई तो वह खुद को जिंदा बताते हुए भतीजों के नाम की गई संपत्ति को अपने नाम कराने के लिए तहसील के चक्कर लगाने लगे।
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बेटे पन्नेलाल का कहना है कि वर्ष 2017 से अब तक पिता अपनी जमीन पाने के प्रयास में संपूर्ण समाधान दिवस समेत अधिकारियों के यहां फरियाद करते रहे थे। इधर, गांव में चकबंदी शुरू हुई तो चकबंदी कार्यालय का चक्कर काटने लगे। मंगलवार को चकबंदी विभाग के सीओ के पास बयान दर्ज कराने आए तो उन्होंने बयान दर्ज करने से इन्कार कर दिया।
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बुधवार को चकबंदी विभाग के सीओ को बयान देने के लिए पिता तहसील आए थे, लेकिन बयान देने से पहले उनकी मौत हो गई। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार ने भी कहा कि किस स्तर पर गड़बड़ी की गई है इसकी जांच की जाएगी।
पांच नवंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में खेलई उपस्थित हुए और अपनी समस्या बताई थी। उनकी समस्या के समाधान के लिए चकबंदी अधिकारी को निर्देशित किया गया था। प्रकरण की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कुमार सिंह, प्रभारी डीएम