{"_id":"66c62da366f6e68c25051d8e","slug":"just-shop-in-the-martno-hope-for-safety-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-119529-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: मार्ट में सिर्फ खरीदारी करें... सुरक्षा की उम्मीद नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: मार्ट में सिर्फ खरीदारी करें... सुरक्षा की उम्मीद नहीं
Wed, 21 Aug 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:40 PM IST
विज्ञापन
- शहर के अधिकतर शॉपिंग मार्ट के प्रवेश द्वार पर जांच के पुख्ता इंतजाम नहीं
- न पार्किंग की सुविधा न ही आपात स्थिति में निकलने के लिए अलग दरवाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर स्थित मार्ट में परिवार के साथ खरीदारी करने जा रहे हैं तो किसी अनहोनी की स्थिति में सुरक्षा को लेकर खुद चौकन्ने रहें। शहर के 10 मार्ट में एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं देकर ग्राहकों को लुभा रहे हैं। हालत यह है कि शहर में कई शॉपिंग मार्ट ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है।
शुक्रवार को शहर के शॉपिंग मार्ट की पड़ताल में चौंकाने वाली स्थितियां सामने आईं। ज्यादातर मार्ट में प्रवेश और निकासी के लिए एक ही दरवाजा है। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए किसी इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं है। प्रवेश के दौरान भौतिक जांच की व्यवस्था या मेटल डिटेक्टर भी नहीं कहीं नहीं दिखा। ऐसे में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बिना रोक-टोक प्रवेश कर सकता है।
मुखलिसपुर तिराहा : न मेटल डिटेक्टर, न सुरक्षा का इंतजाम
शहर के मुखलिसपुर तिराहे के एक मार्ट में पहुंचने पर प्रवेश द्वार पर एक गार्ड तैनात मिला। मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था नहीं दिखी। ऐसे में ग्राहक बेरोकटोक आते-जाते दिखे। हालांकि मार्ट में अलार्म और अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था की गई है। प्रवेश व निकासी के लिए सिर्फ एक ही गेट है। इसके अलावा ग्राहक वाहन पटरियों पर खड़ा कर रहे हैं। मार्ट के मैनेजर नवनीत कुमार ने बताया कि पीछे से निकलने के लिए दरवाजा बनाया गया है। आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
बैंक चौराहा : सुरक्षा गार्ड तो है पर मेटल डिटेक्टर नहीं
बैंक चौराहा के पास स्थित मार्ग में बिना रोकटोक किसी का भी प्रवेश संभव है। यहां पर मेटल डिटेक्टर नहीं लगा है। गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती है। सुरक्षा के लिए वैधता के साथ फायर सिलिंडर लगाए गए हैं, लेकिन आपातकालीन द्वार नहीं है। ऐसे में आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने में समस्या आ सकती है। मार्ट के मैनेजर विवेक राठौर ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में दो गेट अलग से लगाए गए हैं।
गोला बाजार : पार्किंग की व्यवस्था नहीं, पटरियों पर खड़े होते हैं वाहन
शहर के गोला बाजार के एक मार्ट में भी प्रवेश द्वार पर गार्ड की तैनाती मिली। एक ही रास्ते से आने-जाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन वाहन पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्राहक वाहन पटरियों पर खड़ा कर दे रहे हैं। इसके अलावा अग्निशमन की व्यवस्था है।
ये हैं नियम
शॉपिंग मॉल या मार्ट के लिए प्लॉट का न्यूनतम क्षेत्रफल 4000 वर्गमीटर होना चाहिए। प्लॉट न्यूनतम 24 मीटर चौड़ा और सड़क के किनारे हो। नियम यह भी है कि निर्माण की अनुमति देने से पहले ट्रैफिक लोड, लाेगों के आवागमन, निकास, पार्किंग व्यवस्था, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर इन्हें सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
तीन तरह की होनी चाहिए जांच
जानकारों के मुताबिक शॉपिंग मार्ट में प्रवेश से पहले ग्राहक की तीन तरह से जांच करने का नियम है। पहला हैंडी मेटल डिटेक्टर से, दूसरा डोर फ्रेम के अंदर से प्रवेश कराकर और तीसरा सुरक्षा गार्ड द्वारा हाथों से जांच की जानी चाहिए ताकि कोई हथियार या सुरक्षा के लिए खतरनाक वस्तु भीतर न ले जाई जा सके। शहर के अधिकतर मार्ट में इसका पालन नहीं हो रहा है।
बोले जिम्मेदार
शहर के तीन मार्ट ने एनओसी ली है। अन्य मार्ट भी एनओसी लें, इसके लिए संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
- न पार्किंग की सुविधा न ही आपात स्थिति में निकलने के लिए अलग दरवाजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर स्थित मार्ट में परिवार के साथ खरीदारी करने जा रहे हैं तो किसी अनहोनी की स्थिति में सुरक्षा को लेकर खुद चौकन्ने रहें। शहर के 10 मार्ट में एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं देकर ग्राहकों को लुभा रहे हैं। हालत यह है कि शहर में कई शॉपिंग मार्ट ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है।
शुक्रवार को शहर के शॉपिंग मार्ट की पड़ताल में चौंकाने वाली स्थितियां सामने आईं। ज्यादातर मार्ट में प्रवेश और निकासी के लिए एक ही दरवाजा है। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए किसी इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं है। प्रवेश के दौरान भौतिक जांच की व्यवस्था या मेटल डिटेक्टर भी नहीं कहीं नहीं दिखा। ऐसे में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बिना रोक-टोक प्रवेश कर सकता है।
विज्ञापन
मुखलिसपुर तिराहा : न मेटल डिटेक्टर, न सुरक्षा का इंतजाम
शहर के मुखलिसपुर तिराहे के एक मार्ट में पहुंचने पर प्रवेश द्वार पर एक गार्ड तैनात मिला। मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था नहीं दिखी। ऐसे में ग्राहक बेरोकटोक आते-जाते दिखे। हालांकि मार्ट में अलार्म और अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था की गई है। प्रवेश व निकासी के लिए सिर्फ एक ही गेट है। इसके अलावा ग्राहक वाहन पटरियों पर खड़ा कर रहे हैं। मार्ट के मैनेजर नवनीत कुमार ने बताया कि पीछे से निकलने के लिए दरवाजा बनाया गया है। आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन
बैंक चौराहा : सुरक्षा गार्ड तो है पर मेटल डिटेक्टर नहीं
बैंक चौराहा के पास स्थित मार्ग में बिना रोकटोक किसी का भी प्रवेश संभव है। यहां पर मेटल डिटेक्टर नहीं लगा है। गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती है। सुरक्षा के लिए वैधता के साथ फायर सिलिंडर लगाए गए हैं, लेकिन आपातकालीन द्वार नहीं है। ऐसे में आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने में समस्या आ सकती है। मार्ट के मैनेजर विवेक राठौर ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में दो गेट अलग से लगाए गए हैं।
गोला बाजार : पार्किंग की व्यवस्था नहीं, पटरियों पर खड़े होते हैं वाहन
शहर के गोला बाजार के एक मार्ट में भी प्रवेश द्वार पर गार्ड की तैनाती मिली। एक ही रास्ते से आने-जाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन वाहन पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण ग्राहक वाहन पटरियों पर खड़ा कर दे रहे हैं। इसके अलावा अग्निशमन की व्यवस्था है।
ये हैं नियम
शॉपिंग मॉल या मार्ट के लिए प्लॉट का न्यूनतम क्षेत्रफल 4000 वर्गमीटर होना चाहिए। प्लॉट न्यूनतम 24 मीटर चौड़ा और सड़क के किनारे हो। नियम यह भी है कि निर्माण की अनुमति देने से पहले ट्रैफिक लोड, लाेगों के आवागमन, निकास, पार्किंग व्यवस्था, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर इन्हें सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
तीन तरह की होनी चाहिए जांच
जानकारों के मुताबिक शॉपिंग मार्ट में प्रवेश से पहले ग्राहक की तीन तरह से जांच करने का नियम है। पहला हैंडी मेटल डिटेक्टर से, दूसरा डोर फ्रेम के अंदर से प्रवेश कराकर और तीसरा सुरक्षा गार्ड द्वारा हाथों से जांच की जानी चाहिए ताकि कोई हथियार या सुरक्षा के लिए खतरनाक वस्तु भीतर न ले जाई जा सके। शहर के अधिकतर मार्ट में इसका पालन नहीं हो रहा है।
बोले जिम्मेदार
शहर के तीन मार्ट ने एनओसी ली है। अन्य मार्ट भी एनओसी लें, इसके लिए संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी