फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   joyed over returning from ukraine

यूक्रेन से बेटा घर लौटा तो खुशी से झूम उठे परिजन

Sat, 05 Mar 2022 10:31 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 10:31 PM IST
विज्ञापन
joyed over returning from ukraine
यूक्रेन से बेटा घर लौटा तो खुशी से झूम उठे परिजन
विज्ञापन

सेमरियावां(संतकबीरनगर)। यूक्रेन से बेटा शनिवार को घर लौटा तो परिजन खुशी से झूम उठे। मां ने बेटे को गले लगाया और मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। एमबीबीएस छात्र ने वहां के हालात का जिक्र किया तो कांप उठा। वहां फंसे अन्य छात्रों की सकुशल वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई।

बाघनगर कसबा निवासी 21 वर्षीय आदित्य कुमार कसौधन पुत्र राम कुमार गुप्ता ने बताया कि वह यूक्रेन के विनिटशा मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। वर्ष 2019 में एमबीबीएस में प्रवेश लिए थे। रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। वहां के हालात के चलते घर आने के लिए परेशान रहा। रोमानिया से होते हुए घर वापसी हुई है। आदित्य कुमार कसौधन के आपबीती बताते हुए सहम गए। कहा कि 24 फरवरी को घर वापसी के लिए फ्लाइट थी और वह सुबह लगभग पांच बजे कीव स्टेशन पर पहुंचा। स्टेशन पर ही अचानक हमला हो गया। उससे अफरातफरी मच गई। वह और अन्य छात्र वापस कॉलेज जाने की कोशिश करने लगे तो पता चला कि राजधानी में मार्शल ला लागू हो गया है। सभी ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। छह किलोमीटर पैदल चलकर कीव शहर स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे। अधिकारियों से बातचीत के बाद दूतावास के बगल में स्थित एक स्कूल में सभी को शिफ्ट किया गया। इस दौरान खाने-पीने की व्यवस्था ठीक नहीं थी। स्कूल में शरण लिए 300 से अधिक छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छह छात्रों के बीच एक प्लेट खाना मिलता था। इस दौरान दूतावास के अधिकारियों से पता चला कि पहले बार्डर पर फंसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान दूतावास से अधिकतर समय अधिकारी गायब ही रहे। आदित्य ने बताया कि दूतावास के अधिकारियों से छात्रों की झड़प भी हुई। जिससे काफी छात्र वापस कैब बुककर स्टेशन पहुंचे और ट्रेन चालू होने के बाद अपने कॉलेज पहुंच गए।इस दौरान कॉलेज से लगभग चालीस छात्रों ने लगभग ढाई लाख रुपये में बस बुक कर रोमानिया पहुंचे और दिनभर रोमानिया में रहे और रात में किसी तरह बार्डर पार किए। आदित्य ने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोगों तथा एक एनजीओ ने रोमानिया में तीन दिनों तक उनकी और साथी छात्रों की खूब मदद की और तीन दिन बाद स्थानीय लोगों की मदद से रोमानिया के बूचारेस्ट एअरपोर्ट पहुंचे। जहां से भारत सरकार के अधिकारियों ने तीन दिन बाद फ्लाइट से दिल्ली भेजा। चार मार्च को वह लोग दिल्ली पहुंचे। वहां रहने वाले सभी छात्र दहशत में हैं और यूक्रेन के भीतर उनकी मदद स्थानीय लोग या एनजीओ के जरिए की जा रही है। अधिकतर छात्र यहां-वहां भटक रहे हैं और खुद ही सारे प्रबंध करने को विवश हैं। छात्र ने अपील की है कि भारत सरकार वहां फंसे सभी छात्रों की सकुशल वापसी सुनिश्चित कराए। आलम यह रहा कि जो जहां था, सब इधर-उधर भागने में लगे रहे हैं। इसी डर में भागते रहे कि यहां रहे तो मारे जाएंगे। किसी तरह भाग कर जान बचाई जा सकती है। अब पढ़ाई की चिंता सता रही है। भगवान से प्रार्थना है जल्द ही माहौल शांत हो जाए। बेटे के सकुशल लौटने पर पिता रामकुमार, माता मंजू देवी तथा अमित कुमार, अरुण कुमार एवं बहन ने काफी खुशी जताई है। लोगों वहां फंसे अन्य छात्रों के सकुशल वापसी की चिंता व्यक्त की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed