{"_id":"5c00272abdec22417b50c83d","slug":"jila-hospital-workers-sent-group-resignattion","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसपी के रवैये से नाराज कर्मियों ने भेजा सामूहिक इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसपी के रवैये से नाराज कर्मियों ने भेजा सामूहिक इस्तीफा
santkabirnagar
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
बवाल करते कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में हुए हंगामा और एसपी की ओर से जबरन हड़ताल खत्म कराने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने वरिष्ठ अफसरों को सामूहिक रूप से इस्तीफा भेजा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संवर्ग के अध्यक्ष व मंत्री की तरफ से भेजे गए पत्र में एसपी का रवैया खराब बताते हुए उनके तबादले की मांग की गई है। इसके अलावा तीन दिन तक ओपीडी ठप रखने की बात कही गई है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संवर्ग के अध्यक्ष कौशल कुमार और मंत्री महेंद्र पांडेय का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी ईमानदारी पूर्वक करते हैं। कुछ लोग बृहस्पतिवार को एक मरीज को लेकर आए थे। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजन हंगामा करने लगे। आकस्मिक ड्यूटी पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पिटाई करने लगे और शव को लेकर भाग गए। जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने केस दर्ज करने और सुुरक्षा की मांग के लिए शांति पूर्वक इमरजेंसी गेट पर धरना दिया। इसी बीच एसपी आए और कर्मचारियों को अपशब्द कहते हुए जेल भेजवाने की धमकी दी। बल पूर्वक फार्मासिस्ट नित्यानंद त्रिपाठी, प्रमोद पांडेय, मनोज यादव आदि को पकड़कर अपने वाहन से कोतवाली भिजवा दिया। यह निंदनीय है। एसपी के इस रवैये के विरोध में समस्त कर्मचारी और अधिकारी सामूहिक रूप से अपने पद से त्याग पत्र देते हैं। इसके साथ ही एसपी के तबादले की मांग करते हैं।
एडीएम और एएसपी करेंगे जांच: डीएम
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि अस्पताल में हुए बवाल और कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे की जांच एडीएम और एएसपी करेंगे। दोनों अधिकारी अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर रहे हैं। जल्द ही मामले का हल निकाल लिया जाएगा।
विज्ञापन
अस्पताल में पूरे दिन रही अफरा तफरी का माहौल
जिला अस्पताल में हुए बवाल के बाद पूरे दिन अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल रहा। लोग पल-पल घटना की जानकारी लेते रहे। घटना के बाद कई थानों की पुलिस अस्पताल में पहुंच गई थी। जिससे अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
मरीज को ठेले पर लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते कसैला गांव के एक मरीज को लोग ठेले पर लिटाकर कलेक्ट्रेट लेकर पहुंच गए। मरीज के साथ आए रामेश्वर ने कहा कि जिला अस्पताल लेकर गए थे वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने भगा दिया। अब इन्हें कहा लेकर जाएंगे। प्राइवेट अस्पताल में काफी पैसा लगता है। उन्होंने डीएम से मरीज के इलाज की मांग की। जिला प्रशासन ने उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
स्वास्थ्य सचिव पल-पल लेती रहीं खबर
जिला अस्पताल में हुए हंगामे की सूचना लखनऊ तक पहुंच गई। जिले की नोडल अधिकारी व स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और डीएम से बार-बार जानकारी लेती रहीं। डीएम भी उन्हें हर गतिविधि की जानकारी दे रहे थे। स्वास्थ्य सचिव ने प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। मामला नोडल अफसर के संज्ञान में होने के चलते अफसरों की सांस टंगी रही।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संवर्ग के अध्यक्ष कौशल कुमार और मंत्री महेंद्र पांडेय का कहना है कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी ईमानदारी पूर्वक करते हैं। कुछ लोग बृहस्पतिवार को एक मरीज को लेकर आए थे। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे परिजन हंगामा करने लगे। आकस्मिक ड्यूटी पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पिटाई करने लगे और शव को लेकर भाग गए। जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने केस दर्ज करने और सुुरक्षा की मांग के लिए शांति पूर्वक इमरजेंसी गेट पर धरना दिया। इसी बीच एसपी आए और कर्मचारियों को अपशब्द कहते हुए जेल भेजवाने की धमकी दी। बल पूर्वक फार्मासिस्ट नित्यानंद त्रिपाठी, प्रमोद पांडेय, मनोज यादव आदि को पकड़कर अपने वाहन से कोतवाली भिजवा दिया। यह निंदनीय है। एसपी के इस रवैये के विरोध में समस्त कर्मचारी और अधिकारी सामूहिक रूप से अपने पद से त्याग पत्र देते हैं। इसके साथ ही एसपी के तबादले की मांग करते हैं।
विज्ञापन
एडीएम और एएसपी करेंगे जांच: डीएम
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि अस्पताल में हुए बवाल और कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे की जांच एडीएम और एएसपी करेंगे। दोनों अधिकारी अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर रहे हैं। जल्द ही मामले का हल निकाल लिया जाएगा।
विज्ञापन
अस्पताल में पूरे दिन रही अफरा तफरी का माहौल
जिला अस्पताल में हुए बवाल के बाद पूरे दिन अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल रहा। लोग पल-पल घटना की जानकारी लेते रहे। घटना के बाद कई थानों की पुलिस अस्पताल में पहुंच गई थी। जिससे अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
मरीज को ठेले पर लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते कसैला गांव के एक मरीज को लोग ठेले पर लिटाकर कलेक्ट्रेट लेकर पहुंच गए। मरीज के साथ आए रामेश्वर ने कहा कि जिला अस्पताल लेकर गए थे वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने भगा दिया। अब इन्हें कहा लेकर जाएंगे। प्राइवेट अस्पताल में काफी पैसा लगता है। उन्होंने डीएम से मरीज के इलाज की मांग की। जिला प्रशासन ने उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
स्वास्थ्य सचिव पल-पल लेती रहीं खबर
जिला अस्पताल में हुए हंगामे की सूचना लखनऊ तक पहुंच गई। जिले की नोडल अधिकारी व स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और डीएम से बार-बार जानकारी लेती रहीं। डीएम भी उन्हें हर गतिविधि की जानकारी दे रहे थे। स्वास्थ्य सचिव ने प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। मामला नोडल अफसर के संज्ञान में होने के चलते अफसरों की सांस टंगी रही।