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जांच पूरी, आदेश देकर रिकवरी भूले जिम्मेदार
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जांच पूरी, आदेश देकर रिकवरी भूले जिम्मेदार
लोहिया और प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने का मामला
तारेश सिंह
मेंहदावल। गरीबों को छत मुहैया कराने वाली महत्वाकांक्षी आवास योजनाएं अपात्रों की भेंट चढ़ रही है। आवास प्लस की सूची में नाम नहीं होने से जहां तमाम पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं, वहीं अपात्रों को आवास बांट दिए जा रहे हैं। शिकायतों पर जांच भी हो रही है और मामला उजागर भी हो रहा है। अपात्रों से रिकवरी का निर्देश भी जारी हो रहा है। बावजूद इसके रिकवरी नहीं हो पा रही है। ऐेसे क्षेत्र में कई मामले हैं। एक मामले में तो रिकवरी का आदेश हुए चार साल से अधिक वक्त बीत गया है। बावजूद इसके रिकवरी नहीं हो सकी है। (संवाद)
केस एक -
सपा सरकार के कार्यकाल में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत 2014-15 में मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत भैसामाफी का चयन हुआ था। यहां के 167 लोगों को लोहिया आवास आवंटित हुए थे। अपात्रों को आवास आवंटित होने की शिकायत पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तत्कालीन सीडीओ रामनरेश ने जांच की। जांच में गांव के छह लोगों को अपात्र माना गया। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने अपात्रों से रकम वसूली कराने का निर्देश तत्कालीन परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया। लंबे समय से प्रकरण ठंडे बस्ते मेें रहा। 15 अप्रैल 2017 को डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मेंहदावल चंद्रशेखर प्रसाद को पत्र जारी कर वसूली कराने का निर्देश दिया। यह निर्देश ब्लॉक स्तर पर अब भी ठंडे बस्ते में है।
केस दो -
सांथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत प्रतापपुर में नौ माह पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना में 11 लोग अपात्र पाए गए। विकास कार्यों में भी अनियमितता मिली थी। बीडीओ ने अपात्रों से रिकवरी के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके आज तक न तो अपात्रों से रिकवरी हुई, न ही जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अगियौना में भी ऐसा ही मामला उजागर हुआ था। यहां अपात्रों से धन रिकवरी का निर्देश ठंडे बस्ते में है।
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केस नंबर तीन
मेंहदावल ब्लॉक की ग्राम पंचायत समोगर में अपात्रों को आवास दिए जाने की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर जांच हुई। पांच लाभार्थी अपात्र मिले। इन्हें आवास निर्माण की प्रथम किस्त जा चुकी है। 25 दिन पूर्व एडीओ पंचायत व जेई लघु सिंचाई की जांच में मामला उजागर होने के बाद धन की रिकवरी नहीं हो पा रही है। सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव व अपात्रों को नोटिस जारी हुआ है।
हर हाल में होगी अपात्रों से रिकवरी: डीएम
डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए संबंधित पत्रावलियों तलब करके प्रकरण की जानकारी हासिल की जाएगी। जांच में जो भी अपात्र पाए गए हैं, संबंधितों से वसूली कराई जाएगी। इसमें जिस अधिकारी और कर्मचारी के स्तर से लापरवाही बरती गई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
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लोहिया और प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने का मामला
तारेश सिंह
मेंहदावल। गरीबों को छत मुहैया कराने वाली महत्वाकांक्षी आवास योजनाएं अपात्रों की भेंट चढ़ रही है। आवास प्लस की सूची में नाम नहीं होने से जहां तमाम पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं, वहीं अपात्रों को आवास बांट दिए जा रहे हैं। शिकायतों पर जांच भी हो रही है और मामला उजागर भी हो रहा है। अपात्रों से रिकवरी का निर्देश भी जारी हो रहा है। बावजूद इसके रिकवरी नहीं हो पा रही है। ऐेसे क्षेत्र में कई मामले हैं। एक मामले में तो रिकवरी का आदेश हुए चार साल से अधिक वक्त बीत गया है। बावजूद इसके रिकवरी नहीं हो सकी है। (संवाद)
केस एक -
सपा सरकार के कार्यकाल में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत 2014-15 में मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत भैसामाफी का चयन हुआ था। यहां के 167 लोगों को लोहिया आवास आवंटित हुए थे। अपात्रों को आवास आवंटित होने की शिकायत पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तत्कालीन सीडीओ रामनरेश ने जांच की। जांच में गांव के छह लोगों को अपात्र माना गया। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने अपात्रों से रकम वसूली कराने का निर्देश तत्कालीन परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया। लंबे समय से प्रकरण ठंडे बस्ते मेें रहा। 15 अप्रैल 2017 को डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मेंहदावल चंद्रशेखर प्रसाद को पत्र जारी कर वसूली कराने का निर्देश दिया। यह निर्देश ब्लॉक स्तर पर अब भी ठंडे बस्ते में है।
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केस दो -
सांथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत प्रतापपुर में नौ माह पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना में 11 लोग अपात्र पाए गए। विकास कार्यों में भी अनियमितता मिली थी। बीडीओ ने अपात्रों से रिकवरी के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके आज तक न तो अपात्रों से रिकवरी हुई, न ही जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत अगियौना में भी ऐसा ही मामला उजागर हुआ था। यहां अपात्रों से धन रिकवरी का निर्देश ठंडे बस्ते में है।
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केस नंबर तीन
मेंहदावल ब्लॉक की ग्राम पंचायत समोगर में अपात्रों को आवास दिए जाने की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर जांच हुई। पांच लाभार्थी अपात्र मिले। इन्हें आवास निर्माण की प्रथम किस्त जा चुकी है। 25 दिन पूर्व एडीओ पंचायत व जेई लघु सिंचाई की जांच में मामला उजागर होने के बाद धन की रिकवरी नहीं हो पा रही है। सिर्फ ग्राम पंचायत सचिव व अपात्रों को नोटिस जारी हुआ है।
हर हाल में होगी अपात्रों से रिकवरी: डीएम
डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं हैं। इसे संज्ञान में लेते हुए संबंधित पत्रावलियों तलब करके प्रकरण की जानकारी हासिल की जाएगी। जांच में जो भी अपात्र पाए गए हैं, संबंधितों से वसूली कराई जाएगी। इसमें जिस अधिकारी और कर्मचारी के स्तर से लापरवाही बरती गई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।