{"_id":"61461fd18ebc3e79d351c62d","slug":"investigation-katan-space-dm-khalilabad-news-gkp409715167","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीएम ने कटान स्थल का किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडीएम ने कटान स्थल का किया निरीक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एडीएम ने कटान स्थल का किया निरीक्षण
कटान रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी के जलस्तर में शनिवार को 25 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कटान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच एडीएम मनोज कुमार सिंह शनिवार को कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि कटान रोकने के लिए स्थायी प्रबंध किए जाए।
शुक्रवार शाम घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ते हुए खतरे के निशान से पांच सेटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जिससे नदी के समीपवर्ती गांव पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया था, लेकिन शनिवार शाम घाघरा नदी का जलस्तर घटते क्रम में तुरकौलिया नायक के पास 79.15 मीटर पर आ गया। बाढ़ का पानी कम होने से समीपवर्ती गांव के लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन तुरकौलिया नायक के पास एमबीडी बांध के करीब तेजी के साथ नदी कटान करने लगी। कटान बढ़ता देख सिंचाई विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ गई। इसे रोकने के लिए मिट्टी और बालू भरी बोरी का प्रयोग किया जाने लगा। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस से निकलने के बाद एडीएम मनोज कुमार सिंह कटान स्थल पर पहुंचे और उन्होंने कटान स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार को निर्देशित करते हुए कहा कि कटान रोकने का स्थायी हल किए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर सिंचाई विभाग दें, जिसे शासन को भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल नदी की कटान मुड़ गई है, जिससे एमबीडी बांध पर कोई खतरा नहीं दिख रहा है, लेकिन कटान के स्थायी हल के लिए बोल्डर आदि का प्रयोग किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
कटान रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी के जलस्तर में शनिवार को 25 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कटान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच एडीएम मनोज कुमार सिंह शनिवार को कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि कटान रोकने के लिए स्थायी प्रबंध किए जाए।
शुक्रवार शाम घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ते हुए खतरे के निशान से पांच सेटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। जिससे नदी के समीपवर्ती गांव पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया था, लेकिन शनिवार शाम घाघरा नदी का जलस्तर घटते क्रम में तुरकौलिया नायक के पास 79.15 मीटर पर आ गया। बाढ़ का पानी कम होने से समीपवर्ती गांव के लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन तुरकौलिया नायक के पास एमबीडी बांध के करीब तेजी के साथ नदी कटान करने लगी। कटान बढ़ता देख सिंचाई विभाग के अफसरों की चिंता बढ़ गई। इसे रोकने के लिए मिट्टी और बालू भरी बोरी का प्रयोग किया जाने लगा। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस से निकलने के बाद एडीएम मनोज कुमार सिंह कटान स्थल पर पहुंचे और उन्होंने कटान स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार को निर्देशित करते हुए कहा कि कटान रोकने का स्थायी हल किए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर सिंचाई विभाग दें, जिसे शासन को भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल नदी की कटान मुड़ गई है, जिससे एमबीडी बांध पर कोई खतरा नहीं दिख रहा है, लेकिन कटान के स्थायी हल के लिए बोल्डर आदि का प्रयोग किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन