फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   imprisonment of five and seven year of accused

Sant Kabir Nagar News: गैर इरादतन हत्या के दो दोषी को सात वर्ष और एक दोषी को पांच वर्ष की सजा

Sat, 01 Apr 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 01 Apr 2023 12:10 AM IST
विज्ञापन
imprisonment of five and seven year of accused
- कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने गैर इरादतन हत्या के दो दोषियों को सात वर्ष और एक दोषी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के हटवा निवासी राम भरत निषाद ने 27 अगस्त 2006 को थाने पर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि उसके पिता रामलौट घर की सफाई कर रहे थे। उसी समय गांव के राम वृक्ष मिट्टी पाटने लगे। जब उसके पिता ने मना किया तो राम वृक्ष, बृजलाल उसके पिता को अपशब्द कहने लगे।
विज्ञापन

विरोध करने पर राम वृक्ष, बृजलाल सुभाष की पत्नी गीता व कमलावती जान माल की धमकी देते हुए उसके पिता को लाठी डंडा से मारने-पीटने लगे। शोर पर वह और उसके भाई दिनेश पहुंच गए। आरोप है कि लोग उन्हें भी मारने-पीटने लगे। पिटाई से सभी को काफी चोटें आईं। पिता राम लौट का इलाज कराने लेकर जा रहे थे कि रास्ते में सिहटिकर के पास उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामभरत ने अपने बयान में कहा कि उसके तथा आरोपियों के बीच में डीह की जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा था। रामवृक्ष बंटवारे में अधिक भाग पर कब्जा कर अपना मकान बनवा लिए थे। मारपीट के दौरान दिनेश को भी चोटें आईं थी। अभियोजन की तरफ से कुल दस लोगों की गवाही कराई गई। इस दौरान विचारण आरोपी कमलावती की मृत्यु हो गई।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने दोष सिद्घ होने पर बृजलाल को पांच वर्ष कारावास व सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया। जबकि रामबृक्ष निषाद व गीता निषाद को सात वर्ष कारावास व आठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में प्रतिकर के रूप में आधी धनराशि चोटिल को भी देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed