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कुकर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा, चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया

Tue, 23 Feb 2021 10:04 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 10:04 PM IST
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imprisonment of 10 years
कुकर्म के दोषी को दस वर्ष की सजा, चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम दीपकांत मणि ने तीन वर्ष पूर्व बालक के साथ हुए कुकर्म के मामले में दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

पीड़ित पिता का आरोप है कि 24 सितंबर 2017 को उसका पांच वर्षीय बेटा खेल रहा था। मोहल्ले का ही रहने वाला आरोपी पैसे का लालच देकर उसके बेटे को कमरे में ले जाकर कुकर्म किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचना एसआई बलराम पांडेय के जरिए की गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अभिमन्यु पाल एवं सत्येंद्र शुक्ला ने बहस किया। मामले में आरोपी ने घटना के समय किशोर होना बताया। जिस पर उसे किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किशोर घोषित किया गया। बाद में पत्रावली स्थानांतरित होकर बाल न्यायालय में आई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम दीपकांत मणि ने आरोपी को दस वर्ष का कठोर कारवास व चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया। न्यायालय ने दोषी को 21 वर्ष की अवस्था होने तक किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिला प्रोबेशन अधिकारी को सुरक्षित गृह में रखने का आदेश दिया तथा प्रतिवर्ष उसके आचरण एवं व्यवहार के संबंध में रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।
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