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Sant Kabir Nagar News: गली-मोहल्लों के अस्पताल व्यवस्थित हों ताे बात बन जाए

Mon, 19 Feb 2024 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 19 Feb 2024 12:21 AM IST
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If the hospitals in the streets are organized then things will be possible.
- मेडिसिटी के तहत अस्पतालों को एक जगह व्यवस्थित करने की मांग
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- शहर में जाम से मिलेगी मुक्ति, लोगाें को इलाज के लिए नहीं भटकना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में गली-गली अस्पताल खुल गए हैं। अब जबकि सेफ सिटी व केबीसाडा के तहत जिला विकास की ओर अग्रसर है, तो ऐसे में लोगों को सचेत होना चाहिए और व्यवस्थित तरीके से अस्पताल खुलने चाहिए। इसके लिए एक मेडिसिटी हो जहां पर अस्पताल ही खुले, ताकि लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े। वहीं शहर में अस्पतालों के बाहर सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों के जाम से शहरवासियों को मुक्ति मिल सके।



शहर के टीचर्स काॅलोनी, पुरानी सब्जी मंडी रोग, मीट मंडी रोग, डीघा बाईपास रोड, मेंहदावल बाईपास रोड, जिला अस्पताल के सामने, नेदुला चौराहा, कांटे चौराहा, मनियरा आदि जगहों पर अस्पतालों की भरमार है। लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर अस्पताल में चले जाते हैं, जिससे जाम की समस्या उत्पन्न होती है। टीचर्स कॉलोनी के पास करीब छह अस्पताल हैं। इसी तरह से मेंहदावल बाईपास के पास तीन अस्पताल हैं। यही हाल नेदुला चौराहे का है। ऐसे में लोगों का मानना है कि अगर अस्पताल एक जगह पर शिफ्ट हो जाए तो लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे शहर के गली-मोहल्लों में जाम नहीं लगेगा।
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केबीसाडा व सेफ सिटी के तहत हो रहा जिला विकसित
जिले को कबीरा-बखिरा विशेष क्षेत्र प्राधिकरण की मंजूरी नियोजन विभाग से मिली है। जल्द ही इसकी अधिसूचना भी जारी हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ डीएम के प्रयास से शहर को सेफ सिटी के तहत विकसित किया जा रहा है। अगर अस्पताल को मेडिसिटी के तहत एक जगह कर दिया जाए तो लोगाें को परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें एक ही जगह इलाज की सुविधा मिलेगी।
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शहर में जगह-जगह अस्पताल खुल गए हैं। इसे शहर से बाहर होना चाहिए। इससे जाम नहीं लगेगा और शहर में भीड़ भी कम होगी। इसके लिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए और अस्पताल संचालकों से बातचीत कर इसका समाधान निकालना चाहिए।

- नरेंद्र पांडेय, अधिवक्ता, दीवानी न्यायालय


सेफ सिटी के तहत शहर विकसित हो रहा है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में अस्पताल को भी एक जगह पर व्यवस्थित करना चाहिए ताकि लोगों को शहर में अगर किसी अस्पताल में दिखाना है तो उसकी जानकारी मिल सके। इधर-उधर भटकना न पड़े।
- डॉ. डीएन पांडेय, सेवानिवृत्त प्राचार्य


बैंक चौराहे से लेकर टीचर्स काॅलोनी तक सड़क के दाेनों तरफ पैथोलॉजी और अस्पताल हैं। इसे एक जगह पर व्यवस्थित करना चाहिए ताकि इन जगहों पर जाम न लगे। लोग वाहन सड़क पर खड़ी कर अस्पताल में चले जाते हैं, जिससे आने-जाने वाले को परेशानी होती है।

- दिलीप अग्रहरि, शहरवासी


शहर का दायरा बढ़ गया है। मेंहदावल रोड के साथ ही मगहर तक विकास हो रहा है। ऐसे में अस्पतालों को भी एक जगह पर शिफ्ट करना चाहिए। अब तो मेडिकल कॉलेज भी बनने जा रहा है, ऐसे में मेडसिटी के तहत अस्पताल होने चाहिए।

- अमित सिंह, शहरवासी



शहर को सेफ सिटी के तहत विकसित किया जा रहा है। साथ ही मेडिसिटी के तहत अस्पतालों को एक जगह करने का प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही इसे लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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