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सुस्ती : कहीं पानी की टंकी अधूरी तो कहीं पाइप लाइन बिछाने का कार्य
Fri, 02 Feb 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 11:40 PM IST
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छपरा पूर्वी गांव में अधूरा पड़ी पानी की टंकी। संवाद
- हर घर पानी पहुंचाने की योजना अधर में, 446 गांवों में हो रहा कार्य
- मार्च में पूरा होना है कार्य, अब तक 60 फीसदी भी पूरा नहीं
- तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी मिली है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में 446 गांवों में हर घर जल पहुुंचाने की मुहिम मुकाम पर नहीं पहुंच पाई है। कई बार समयावधि बढ़ाई गई और अब मार्च 2024 तक काम करने का लक्ष्य दिया गया। लेकिन कहीं 50 प्रतिशत तो कहीं 60 फीसदी ही पूरा हो सका है। स्थिति यह है कि कहीं पानी की टंकी नहीं बन पाई है तो कहीं पाइप बिछाने का काम अधूरा पड़ा है।
ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए शासन ने पेयजल योजना शुरु की है। इसके तहत तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इस पर कार्य चल रहा है। शासन की मंशा है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जहां लोगों को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा, वहीं जल जनित बीमारियों पर भी अंकुश लगेगा।
खलीलाबाद विकास खंड के चकदही, बनकटवा, एकमा सहित कई जगहोें पर पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। स्थिति यह है कि चकदही में अभी पानी की टंकी अधूरी पड़ी है तो पाइप बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी प्रकार की स्थिति अन्य गांवों की भी है। कहीं पर 50 फीसदी तो कहीं पर 60 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है।
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यह स्थिति तब है जबकि मार्च 2024 में परियोजनाओं को पूर्ण कराने का समय निर्धारित किया गया है। जिस रफ्तार से काम हो रहा है, उससे ऐसा लग रहा है कि निर्धारित समय में काम पूरा हो पाना संभव नहीं होगा।
हैंडपंपों का पानी पीने की बनी है मजबूरी
जिन गांवों में पेयजल परियोजनाएं शुरू हुई है, वहां अभी भी लोगों को हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। चकदही निवासी धर्मेद्र कुमार, हरेंद्र कुमार आदि ने कहा कि पेयजल परियोजना से काफी उम्मीद है, लेकिन अभी तक पानी की टंकी तक नहीं बन सकी है। ऐसे में हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पेयजल परियोजनाओं को हर हाल में मार्च 2024 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है कि कार्य में तेजी लाए और निर्धारित समय में परियोजनाओं को पूर्ण कराएं। जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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- मार्च में पूरा होना है कार्य, अब तक 60 फीसदी भी पूरा नहीं
- तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी मिली है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में 446 गांवों में हर घर जल पहुुंचाने की मुहिम मुकाम पर नहीं पहुंच पाई है। कई बार समयावधि बढ़ाई गई और अब मार्च 2024 तक काम करने का लक्ष्य दिया गया। लेकिन कहीं 50 प्रतिशत तो कहीं 60 फीसदी ही पूरा हो सका है। स्थिति यह है कि कहीं पानी की टंकी नहीं बन पाई है तो कहीं पाइप बिछाने का काम अधूरा पड़ा है।
ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक घर में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए शासन ने पेयजल योजना शुरु की है। इसके तहत तीन चरणों में 446 गांवों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इस पर कार्य चल रहा है। शासन की मंशा है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जहां लोगों को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा, वहीं जल जनित बीमारियों पर भी अंकुश लगेगा।
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खलीलाबाद विकास खंड के चकदही, बनकटवा, एकमा सहित कई जगहोें पर पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। स्थिति यह है कि चकदही में अभी पानी की टंकी अधूरी पड़ी है तो पाइप बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी प्रकार की स्थिति अन्य गांवों की भी है। कहीं पर 50 फीसदी तो कहीं पर 60 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है।
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यह स्थिति तब है जबकि मार्च 2024 में परियोजनाओं को पूर्ण कराने का समय निर्धारित किया गया है। जिस रफ्तार से काम हो रहा है, उससे ऐसा लग रहा है कि निर्धारित समय में काम पूरा हो पाना संभव नहीं होगा।
हैंडपंपों का पानी पीने की बनी है मजबूरी
जिन गांवों में पेयजल परियोजनाएं शुरू हुई है, वहां अभी भी लोगों को हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। चकदही निवासी धर्मेद्र कुमार, हरेंद्र कुमार आदि ने कहा कि पेयजल परियोजना से काफी उम्मीद है, लेकिन अभी तक पानी की टंकी तक नहीं बन सकी है। ऐसे में हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पेयजल परियोजनाओं को हर हाल में मार्च 2024 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है कि कार्य में तेजी लाए और निर्धारित समय में परियोजनाओं को पूर्ण कराएं। जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम