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जिला अस्पताल में हंगामा, कर्मियों ने ठप की सेवा
santkabirnagar
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:25 PM IST
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सेवाएं ठप कर प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
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संतकबीरनगर। बृहस्पतिवार की सुबह करीब नौ बजे जिला अस्पता की इमरजेंसी में लाए गए करंट से झुलसे युवक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, जबकि परिजन गोरखपुर रेफर करने की मांग कर रहे थे। इस बात पर परिजनों व कर्मियों में कहासुनी हो गई। परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव लेकर चले गए। इसके विरोध में स्वास्थ्यकर्मी सेवा ठप कर धरने पर बैठ गए। उधर इलाज न होने से परेशान मरीजों ने सड़क जाम कर दिया। इसके बाद पहुंचे एसपी ने इमरजेंसी सेवा ठप कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकाला और सामान्य कामकाज की चेतावनी दी। इस पर कर्मचारी उग्र हो गए। इस घटना पर दिन भर अस्पताल में गहमा-गहमी रही। शाम को स्वास्थ्यकर्मियों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। घटना के विरोध में खलीलाबाद, मेंहदावल व सेमरियांवा सीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवा ठप रही।
बखिरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह (22) सुबह घर पर हैंडपंप लगवा रहे थे। उन्होंने पाइप को उठाया तो वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार से छू गया। करंट से झुलसे विशाल को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घरवाले शरीर गर्म होने की बात कहकर रेफर करने की मांग करने लगे, जबकि डॉक्टर ने शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। इसी बात पर अस्पताल के कर्मियों और परिजनों में नोकझोंक शुरू हो गई। परिजन विशाल सिंह के शव को लेकर गोरखपुर चले गए। उधर, फार्मासिस्ट संघ के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी की अगुवाई में स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी व ओपीडी ठप कर धरने पर बैठ गए। ये लोग चिकित्सक और कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की बात कहकर कार्रवाई की मांग करने लगे। अभी यह सब चल ही रहा था कि अस्पताल आए कुछ मरीजों के परिजन ने इलाज की मांग के लिए अस्पताल गेट के सामने खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग जाम कर दिया। हालांकि 20 मिनट बाद खुद ही जाम खत्म कर दिया। सूचना पर एसपी आकाश तोमर पुलिस फोर्स के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने को कहा। कर्मचारी नहीं माने तो एसपी ने दो कर्मियों को पकड़वाकर थाने भेजकर हड़ताल समाप्त करा दिया। कर्मचारियों की गिरफ्तारी की सूचना पर खलीलाबाद, मेंहदावल व सेमरियांवा सीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवा ठप कर दी गई। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने सीएमओ व सीएमएस को बुलाकर वार्ता की। सीएमओ व सीएमएस ने कर्मियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद देर शाम अस्पताल की इमरजेंसी सेवा शुरू हुई।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह का कहना है कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई हैं। युवक के शव का पोस्टमार्टम भी हो गया है।
एसपी आकाश तोमर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर हंगामा करने वाले अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। मौके पर जो दो लोग पकड़े गए थे, उन्हें मेडिकल एक्ट के तहत जेल भेजा जा रहा है। मृतक की मां की तरफ से भी इलाज में लापरवाही व एंबुलेंस नहीं देने की तहरीर मिली है। इसकी जांच की जा रही है।
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बखिरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी विशाल सिंह (22) सुबह घर पर हैंडपंप लगवा रहे थे। उन्होंने पाइप को उठाया तो वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार से छू गया। करंट से झुलसे विशाल को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घरवाले शरीर गर्म होने की बात कहकर रेफर करने की मांग करने लगे, जबकि डॉक्टर ने शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। इसी बात पर अस्पताल के कर्मियों और परिजनों में नोकझोंक शुरू हो गई। परिजन विशाल सिंह के शव को लेकर गोरखपुर चले गए। उधर, फार्मासिस्ट संघ के महामंत्री नित्यानंद त्रिपाठी की अगुवाई में स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी व ओपीडी ठप कर धरने पर बैठ गए। ये लोग चिकित्सक और कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की बात कहकर कार्रवाई की मांग करने लगे। अभी यह सब चल ही रहा था कि अस्पताल आए कुछ मरीजों के परिजन ने इलाज की मांग के लिए अस्पताल गेट के सामने खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग जाम कर दिया। हालांकि 20 मिनट बाद खुद ही जाम खत्म कर दिया। सूचना पर एसपी आकाश तोमर पुलिस फोर्स के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने को कहा। कर्मचारी नहीं माने तो एसपी ने दो कर्मियों को पकड़वाकर थाने भेजकर हड़ताल समाप्त करा दिया। कर्मचारियों की गिरफ्तारी की सूचना पर खलीलाबाद, मेंहदावल व सेमरियांवा सीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवा ठप कर दी गई। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने सीएमओ व सीएमएस को बुलाकर वार्ता की। सीएमओ व सीएमएस ने कर्मियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद देर शाम अस्पताल की इमरजेंसी सेवा शुरू हुई।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह का कहना है कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो गई हैं। युवक के शव का पोस्टमार्टम भी हो गया है।
एसपी आकाश तोमर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर हंगामा करने वाले अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। मौके पर जो दो लोग पकड़े गए थे, उन्हें मेडिकल एक्ट के तहत जेल भेजा जा रहा है। मृतक की मां की तरफ से भी इलाज में लापरवाही व एंबुलेंस नहीं देने की तहरीर मिली है। इसकी जांच की जा रही है।
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