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Sant Kabir Nagar News: टेक्सटाइल पार्क की जगी उम्मीद, उद्यमियों को मिलेंगी सुविधाएं

Sat, 10 Jan 2026 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 10 Jan 2026 12:38 AM IST
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Hopes for the textile park have been revived, and entrepreneurs will receive facilities.
मगहर का कताई मिल-संवाद
संतकबीरनगर। मगहर में बंद पड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने की उम्मीद जग गई है। इसके लिए सर्वे की तैयारी चल रही है। इस पर अमल होने से उद्यमियों को एक ही परिसर में तमाम सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही होजरी उद्योग को रफ्तार मिलेगा। शासन ने संतकबीरनगर के बंद पड़ी कताई मिल सहित चार जिलों में टेक्सटाइल हब बनाने की घोषणा की थी। वैसे वर्ष 2020-21 में होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया था।
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खलीलाबाद में बड़े पैमाने पर होजरी का कारोबार होता है। इसके अलावा मुखलिसपुर, नाथनगर, काली जगदीशपुर, महुली, हरिहरपुर, अमरडोभा आदि स्थानों पर भी होजरी उद्योग संचालित हो रहा है। इससे करीब 2500 से अधिक परिवार जुड़े हैं। टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा से जिले के होजरी कारोबारियों की उम्मीद बढ़ गई है। इस मामले में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने ग्राउंड सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू कराने के लिए कदम उठाए हैं। टेक्सटाइल हब बनने से यहां पर काॅमन फैसिलिटी सेंटर का भी निर्माण होगा, जहां बड़ी मशीनें लगाई जाएंगी। इससे यहां उद्यमियों को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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12 सौ परिवार को मिलती थी दो वक्त की रोटी
मगहर। संत कबीर सहकारी सूती कताई मिल के बंद हो जाने से लगभग 12 सौ मजदूर व उनके परिवार जहां बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, वहीं कसबा मगहर भी आर्थिक रूप से कमजोर हो गया। वेतन का एक बड़ा हिस्सा कस्बे की बाजारों, किरायेदारी में खर्च होता था। सूती कताई मिल बंद हुए लगभग 29 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब इसकी सुध आई है। 7 जनवरी 1977 में सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में संतकबीर सहकारी सूती कताई मिल की स्थापना की गई थी। जिसका उद्घाटन संजय गांधी के द्वारा किया गया था। इस मिल में 1978 से सूती धागे का उत्पादन शुरू हुआ और कम ही दिनों में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ मजबूत कर ली थी। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बुनकरों को सुलभता से सूत मिल जाया करता था। मिल चालू होने से क्षेत्र के अलावा कस्बे के लोगों के हुनरमंद हाथों को भी काम मिला।मिल मजदूर संगठन के अस्तित्व में आजाने से वर्ष 1981 में मिल प्रबंधन व मजदूर संगठन के बीच गोली कांड हो जाने के कारण लगभग मिल 28 दिन तक बंद हो गई थी। इसके आपसी सहमति के बाद 8 वर्ष तक पुनः मिल का उत्पादन सुचारू रूप से चलता रहा। वर्ष 1989 में सूती मिल में आग लगने के कारण काफी नुकसान हो जाने से यह मिल लगभग दो वर्ष तक बंद पड़ी रही। वर्ष 1992 में पुनः सूती मिल चालू हुई, लेकिन मुनाफे की जगह घाटे के कारण लगातार नहीं चल सकी और बंद हो गई।
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बंद पड़ी मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए कई बार शासन स्तर पर प्रयास किया गया था। इसका प्रतिफल मिलने की उम्मीद जग गई है। इसके बनने से जिले में बुनकरों की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। -अरविंद पाठक, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने की उम्मीद जग गई है। इससे इस जमीन की उपयोग हो सकेगा और उद्यमियों को लाभ मिलेगा। यहां उद्योग स्थापित होने से आसपास के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। -नितिन जालान, उद्यमी
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बंद पड़ी मगहर कताई मिल टेक्सटाइल हब बनेगा तो होजरी उद्योग को रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही जिले के विकास में भी तेजी आने की उम्मीद है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पर जल्द ही कदम उठाया जाना चाहिए। -अशोक सर्राफ, उद्यमी

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एक जिला, एक उत्पाद योजना में होजरी उद्योग शामिल है। बंद पड़ी मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनने से होजरी कारोबारियों को लाभ मिलेगा। काॅमन फैसिलिटी सेंटर के लिए बड़ी मशीनें लगाई जाएगी हैं। इससे कारोबारियों को लाभ मिलेगा। -राजकुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग

मगहर का कताई मिल-संवाद

मगहर का कताई मिल-संवाद

मगहर का कताई मिल-संवाद

मगहर का कताई मिल-संवाद

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