{"_id":"622a3e889939ce5d2c1c53dc","slug":"high-security-on-voting-place-khalilabad-news-gkp4295408120","type":"story","status":"publish","title_hn":"चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे पुलिस कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे पुलिस कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे पुलिस कर्मी
बिना जांच के किसी को भी नहीं जाने दिया अंदर
सीआरपीएफ ने संभाल रखी थी परिसर की सुरक्षा की कमान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मतगणना केंद्र एचआरपीजी कॉलेज के बाहर सिविल पुलिस और अंदर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा कॉलेज के मुख्य गेट पर पुलिस ने सुरक्षा की कमान संभाली थी। इस दौरान परिसर के अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी लेने के बाद ही उसे जाने दिया जा रहा था। परिसर के अंदर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध था।
मतगणना केंद्र के अंदर मतगणना करने वाले कर्मचारी सुबह छह बजे से आने शुरू हो गए थे। कर्मचारियों की भी तलाशी लेने के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा था। इस दौरान उन्हें मिले पास को पूरी तरह से जांच किया गया। यदि कर्मचारियों या अंदर प्रवेश करने वाले किसी भी पास धारक के पास कोई सामान मिलता था तो उसे सुरक्षा कर्मी फेंक देते थे। साथ ही मतगणना में शामिल होने वाली प्रत्याशियों के एजेंट भी बिना पास के अंदर नहीं जा पाए। किसी को भी मोबाइल लेकर नहीं जाने दिया गया। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही थी। मतगणना शुरू होने के पूर्व मतगणना स्थल का डीएम दिव्या मित्तल और एसपी डॉ कौस्तुभ ने जायजा लिया। जब तक मतगणना शुरू नहीं हो गई तब तक डीएम और एसपी परिसर में ही मौजूद थे।
विज्ञापन
बिना जांच के किसी को भी नहीं जाने दिया अंदर
सीआरपीएफ ने संभाल रखी थी परिसर की सुरक्षा की कमान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मतगणना केंद्र एचआरपीजी कॉलेज के बाहर सिविल पुलिस और अंदर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा कॉलेज के मुख्य गेट पर पुलिस ने सुरक्षा की कमान संभाली थी। इस दौरान परिसर के अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी लेने के बाद ही उसे जाने दिया जा रहा था। परिसर के अंदर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध था।
मतगणना केंद्र के अंदर मतगणना करने वाले कर्मचारी सुबह छह बजे से आने शुरू हो गए थे। कर्मचारियों की भी तलाशी लेने के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा था। इस दौरान उन्हें मिले पास को पूरी तरह से जांच किया गया। यदि कर्मचारियों या अंदर प्रवेश करने वाले किसी भी पास धारक के पास कोई सामान मिलता था तो उसे सुरक्षा कर्मी फेंक देते थे। साथ ही मतगणना में शामिल होने वाली प्रत्याशियों के एजेंट भी बिना पास के अंदर नहीं जा पाए। किसी को भी मोबाइल लेकर नहीं जाने दिया गया। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही थी। मतगणना शुरू होने के पूर्व मतगणना स्थल का डीएम दिव्या मित्तल और एसपी डॉ कौस्तुभ ने जायजा लिया। जब तक मतगणना शुरू नहीं हो गई तब तक डीएम और एसपी परिसर में ही मौजूद थे।
विज्ञापन