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Sant Kabir Nagar News: एसडीएम कोर्ट में नहीं हो सकी सुनवाई, अब 23 जून को होगी बहस
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संतकबीरनगर। विदेशी फंडिंग के आरोपी ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा प्रकरण में सोमवार को एसडीएम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने 23 जून की तिथि निर्धारित की है। दूसरी ओर, शिकायतकर्ताओं ने मदरसे की भूमि को राज्य सरकार में निहित किए जाने की मांग की है।
इस दौरान विदेशी फंडिंग मामले में दर्ज एफआईआर में मौलाना के बेटे तौसीफ रजा का नाम बढ़ने से उसकी मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
खलीलाबाद शहर के मोतीनगर स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया से जुड़ी भूमि को लेकर चल रहे वाद में शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस उद्देश्य से भूमि प्राप्त की गई थी, उसका उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका कहना है कि संस्थान की गतिविधियों और भूमि के उपयोग की विस्तृत जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं सिद्ध होती है तो भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए।
सोमवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान आवश्यक अभिलेखों और पक्षकारों की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण मामले पर प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने अगली तिथि 23 जून तय कर दी।
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विदेशी फंडिंग में जांच से बढ़ी हलचल
विदेशी फंडिंग प्रकरण में दर्ज प्राथमिकी की जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार मदरसा और उससे जुड़ी संस्थाओं के खातों में विभिन्न देशों से धनराशि आने के संकेत मिले हैं। इस मामले में पहले से आरोपी बनाए गए ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के साथ अब उसके बेटे तौसीफ रजा की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सूत्रों के मुताबिक तौसीफ रजा का नाम एफआईआर में बढ़ाए जाने के बाद उसके विदेश यात्रा संबंधी विवरण और वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल तेज कर दी गई है। संबंधित एजेंसियां बैंक खातों और लेन-देन के दस्तावेजों का परीक्षण कर रही हैं।
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शिकायतकर्ताओं ने की कार्रवाई की मांग
मामले के शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में विदेशी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों से इतर पाया जाता है तो संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मदरसा की भूमि, वित्तीय स्रोतों और संस्थान के संचालन की व्यापक जांच कराने की मांग दोहराई है।
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23 जून पर टिकी निगाहें
अब सभी पक्षों की नजर 23 जून को होने वाली सुनवाई पर है। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर भूमि प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बहस हो सकती है। वहीं विदेशी फंडिंग मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नए खुलासों पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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ब्रिटिश मौलाना के मामलों की यह है स्थिति
ब्रिटिश नागरिक शमशुल हुदा खान से जुड़े मदरसा और संस्थाओं की गतिविधियां जांच के दायरे में हैं। विभिन्न देशों से धनराशि आने के आरोपों को लेकर पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं। विदेशी फंडिंग मामले में दर्ज एफआईआर में मौलाना के बेटे तौसीफ रजा का नाम भी जोड़ा गया है। शिकायतकर्ताओं ने मदरसा की भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की मांग करते हुए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया है।
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इस दौरान विदेशी फंडिंग मामले में दर्ज एफआईआर में मौलाना के बेटे तौसीफ रजा का नाम बढ़ने से उसकी मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
खलीलाबाद शहर के मोतीनगर स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया से जुड़ी भूमि को लेकर चल रहे वाद में शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस उद्देश्य से भूमि प्राप्त की गई थी, उसका उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका कहना है कि संस्थान की गतिविधियों और भूमि के उपयोग की विस्तृत जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं सिद्ध होती है तो भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए।
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सोमवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान आवश्यक अभिलेखों और पक्षकारों की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण मामले पर प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने अगली तिथि 23 जून तय कर दी।
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विदेशी फंडिंग में जांच से बढ़ी हलचल
विदेशी फंडिंग प्रकरण में दर्ज प्राथमिकी की जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार मदरसा और उससे जुड़ी संस्थाओं के खातों में विभिन्न देशों से धनराशि आने के संकेत मिले हैं। इस मामले में पहले से आरोपी बनाए गए ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के साथ अब उसके बेटे तौसीफ रजा की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सूत्रों के मुताबिक तौसीफ रजा का नाम एफआईआर में बढ़ाए जाने के बाद उसके विदेश यात्रा संबंधी विवरण और वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल तेज कर दी गई है। संबंधित एजेंसियां बैंक खातों और लेन-देन के दस्तावेजों का परीक्षण कर रही हैं।
शिकायतकर्ताओं ने की कार्रवाई की मांग
मामले के शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में विदेशी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों से इतर पाया जाता है तो संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मदरसा की भूमि, वित्तीय स्रोतों और संस्थान के संचालन की व्यापक जांच कराने की मांग दोहराई है।
23 जून पर टिकी निगाहें
अब सभी पक्षों की नजर 23 जून को होने वाली सुनवाई पर है। माना जा रहा है कि अगली तारीख पर भूमि प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बहस हो सकती है। वहीं विदेशी फंडिंग मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नए खुलासों पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
ब्रिटिश मौलाना के मामलों की यह है स्थिति
ब्रिटिश नागरिक शमशुल हुदा खान से जुड़े मदरसा और संस्थाओं की गतिविधियां जांच के दायरे में हैं। विभिन्न देशों से धनराशि आने के आरोपों को लेकर पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं। विदेशी फंडिंग मामले में दर्ज एफआईआर में मौलाना के बेटे तौसीफ रजा का नाम भी जोड़ा गया है। शिकायतकर्ताओं ने मदरसा की भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की मांग करते हुए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया है।