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Sant Kabir Nagar News: इमरजेंसी और जनरल वार्ड तक नहीं पहुंची ऑक्सीजन
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जिलाअस्पताल में लगा अक्सीजन प्लांट बंद पड़ा।संवाद
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में दो ऑक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं। उसके बाद इमरजेंसी के लिए हर माह दो से तीन हजार की ऑक्सीजन खरीदनी पड़ती है। अगर इमरजेंसी तक ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू होती है तो सरकारी धन की बचत होगी। इसके लिए हर माह ऑक्सीजन के लिए दौड़ भाग नहीं करनी पड़ेगी।
कोविड की पहली लहर के दौरान जिला अस्पताल परिसर में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। उससे एमसीएच विंग, आईसीयू और पीकू वार्ड को आपूर्ति दी गई। इसके साथ ही इमरजेंसी और जनरल वार्ड तक आपूर्ति नहीं पहुंची। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर बीमारी के मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर लगाना पड़ता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन हर माह 12 से 14 सिलेंडर ऑक्सीजन की खरीदारी करता है। अगर ऑक्सीजन प्लांट से इमरजेंसी को जोड़ दिया जाए तो हर माह सिलिंडर की खरीद में खर्च होने वाली रकम की बचत भी होगी। ऑक्सीजन
प्लांट के संचालन के लिए तकनीशियन भी मौजूद है।
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इमरजेंसी में तो कभी कभी ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर से मंगाना पड़ता है। इमरजेंसी को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ दिया जाए तो यह समस्या नहीं होगी और 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। इमरजेंसी में गंभीर मरीज को अक्सर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद का कहना है कि इमरजेंसी तक ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए प्लांट लगाने वाली संस्था से बातचीत की जाएगी। जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।
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कोविड की पहली लहर के दौरान जिला अस्पताल परिसर में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। उससे एमसीएच विंग, आईसीयू और पीकू वार्ड को आपूर्ति दी गई। इसके साथ ही इमरजेंसी और जनरल वार्ड तक आपूर्ति नहीं पहुंची। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर बीमारी के मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर लगाना पड़ता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन हर माह 12 से 14 सिलेंडर ऑक्सीजन की खरीदारी करता है। अगर ऑक्सीजन प्लांट से इमरजेंसी को जोड़ दिया जाए तो हर माह सिलिंडर की खरीद में खर्च होने वाली रकम की बचत भी होगी। ऑक्सीजन
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प्लांट के संचालन के लिए तकनीशियन भी मौजूद है।
अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इमरजेंसी में तो कभी कभी ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर से मंगाना पड़ता है। इमरजेंसी को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ दिया जाए तो यह समस्या नहीं होगी और 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। इमरजेंसी में गंभीर मरीज को अक्सर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद का कहना है कि इमरजेंसी तक ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए प्लांट लगाने वाली संस्था से बातचीत की जाएगी। जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।
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