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सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के ऊचहरा कला गांव का मामला
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121 शौचालयों की रकम गटक गए प्रधान और सचिव
प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर 15 दिन में मांगा जवाब
संतोषजनक जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सेमरियावां विकास खंड के उचहरा कला गांव के प्रधान और सचिव मिलकर 121 शौचालयों की रकम गटक गए। एडीओ पंचायत के जरिए की गई जांच में मामला उजागर हुआ। डीपीआरओ ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके 15 दिनों के भीतर साक्ष्य समेत जवाब मांगा है। संतोष जनक जवाब नहीं देने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 24 जून को एडीओ पंचायत सेमरियावां ने क्षेत्र के उचहरा कला गांव में स्थलीय जांच की थी। एडीओ पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014-15 में 75, वित्तीय वर्ष 2015-16 में 279, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 40 तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 219 शौचालय एवं एलओबी के अंतर्गत 26 शौचालय लाभार्थियों को आवंटित किया गया था। प्रत्येक शौचालय के लिए 12000 रुपये आवंटित किया गया था। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार कुल 632 शौचालयों की धनराशि के सापेक्ष प्रधान और सचिव के जरिए 319 शौचालयों की धनराशि आहरित की गई है। आहरण के सापेक्ष 157 शौचालय पूर्ण पाए गए। 41 शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि 121 शौचालय धरातल पर नहीं पाए गए। ऐसे में स्पष्ट है कि सचिव और प्रधान के जरिए शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि का गबन दुरुपयोग कर लिया गया है। जबकि 19 शौचालयों की धनराशि खाते में शेष है। 254 शौचालय की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। डीपीआरओ ने बताया कि प्रधान और सचिव के जरिए 121 शौचालयों का निर्माण न करा शासकीय धन का गबन कर लिए जाने का प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। ऐसी स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। इसके लिए प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर 15 दिन में मांगा जवाब
संतोषजनक जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सेमरियावां विकास खंड के उचहरा कला गांव के प्रधान और सचिव मिलकर 121 शौचालयों की रकम गटक गए। एडीओ पंचायत के जरिए की गई जांच में मामला उजागर हुआ। डीपीआरओ ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके 15 दिनों के भीतर साक्ष्य समेत जवाब मांगा है। संतोष जनक जवाब नहीं देने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 24 जून को एडीओ पंचायत सेमरियावां ने क्षेत्र के उचहरा कला गांव में स्थलीय जांच की थी। एडीओ पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014-15 में 75, वित्तीय वर्ष 2015-16 में 279, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 40 तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 219 शौचालय एवं एलओबी के अंतर्गत 26 शौचालय लाभार्थियों को आवंटित किया गया था। प्रत्येक शौचालय के लिए 12000 रुपये आवंटित किया गया था। बैंक स्टेटमेंट के अनुसार कुल 632 शौचालयों की धनराशि के सापेक्ष प्रधान और सचिव के जरिए 319 शौचालयों की धनराशि आहरित की गई है। आहरण के सापेक्ष 157 शौचालय पूर्ण पाए गए। 41 शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि 121 शौचालय धरातल पर नहीं पाए गए। ऐसे में स्पष्ट है कि सचिव और प्रधान के जरिए शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि का गबन दुरुपयोग कर लिया गया है। जबकि 19 शौचालयों की धनराशि खाते में शेष है। 254 शौचालय की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। डीपीआरओ ने बताया कि प्रधान और सचिव के जरिए 121 शौचालयों का निर्माण न करा शासकीय धन का गबन कर लिए जाने का प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। ऐसी स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। इसके लिए प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करके 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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