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रावण की माया में उलझा प्रशासन
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भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण धनघटा चौक पर समर्थकों को संबोधित करते।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
रावण की माया में उलझा प्रशासन
वाहनों को रोकने में जुटा रहा प्रशासन और बारी-बारी से निकल गया पूरा काफिला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण शनिवार को धनघटा में प्रशासन को अपने माया में उलझा कर अपने काफिला को निकालने में कामयाब हो गए। प्रशासन रावण के काफिले में शामिल कई वाहनों को उनके साथ जाने से रोकने के प्रयास में था।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण रामजानकी मार्ग से गोरखपुर जा रहे थे। जब धनघटा प्रशासन को उनके इस रास्ते काफी वाहनों की संख्या में जाने की सूचना मिली तो प्रशासन ने धनघटा चौक पर नाकेबंदी कर दी। पुलिस प्रशासन के घंटों इंतजार के बाद जब चंद्रशेखर का काफिला पहुंचा तो उनके काफिले को रोक दिया गया। उसके बाद एसडीएम योगेश्वर सिंह से काफिले में शामिल चंद्रशेखर रावण के समर्थकों से बातचीत होने लगी। प्रशासन का कहना था कि केवल तीन वाहन से ही चंद्रशेखर रावण आगे बढ़ें। काफी देर बातचीत हुई, उसके बाद पांच वाहनों के जाने की अनुमति प्रशासन ने दे दी। काफिले में सबसे पीछे चल रहे चंद्रशेखर की गाड़ी सिकरीगंज रोड पर पहुंची तो समर्थकों ने उन्हें रोककर स्वागत करना शुरू कर दिया। रावण को रुका देख प्रशासन केे लोग भी वहां पहुंच गए। उसके बाद चंद्रशेखर और एसडीएम के बीच वार्ता होने लगी। करीब आधे घंटे तक वार्ता चली। इसी दौरान उनके काफिले में शामिल सभी वाहन एक-एक करके आगे निकल लिए।
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वाहनों को रोकने में जुटा रहा प्रशासन और बारी-बारी से निकल गया पूरा काफिला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण शनिवार को धनघटा में प्रशासन को अपने माया में उलझा कर अपने काफिला को निकालने में कामयाब हो गए। प्रशासन रावण के काफिले में शामिल कई वाहनों को उनके साथ जाने से रोकने के प्रयास में था।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण रामजानकी मार्ग से गोरखपुर जा रहे थे। जब धनघटा प्रशासन को उनके इस रास्ते काफी वाहनों की संख्या में जाने की सूचना मिली तो प्रशासन ने धनघटा चौक पर नाकेबंदी कर दी। पुलिस प्रशासन के घंटों इंतजार के बाद जब चंद्रशेखर का काफिला पहुंचा तो उनके काफिले को रोक दिया गया। उसके बाद एसडीएम योगेश्वर सिंह से काफिले में शामिल चंद्रशेखर रावण के समर्थकों से बातचीत होने लगी। प्रशासन का कहना था कि केवल तीन वाहन से ही चंद्रशेखर रावण आगे बढ़ें। काफी देर बातचीत हुई, उसके बाद पांच वाहनों के जाने की अनुमति प्रशासन ने दे दी। काफिले में सबसे पीछे चल रहे चंद्रशेखर की गाड़ी सिकरीगंज रोड पर पहुंची तो समर्थकों ने उन्हें रोककर स्वागत करना शुरू कर दिया। रावण को रुका देख प्रशासन केे लोग भी वहां पहुंच गए। उसके बाद चंद्रशेखर और एसडीएम के बीच वार्ता होने लगी। करीब आधे घंटे तक वार्ता चली। इसी दौरान उनके काफिले में शामिल सभी वाहन एक-एक करके आगे निकल लिए।
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