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घाघरा नहीं बढ़ रही है
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48 घंटे में एक मीटर से अधिक बढ़ी घाघरा
फोटो है
कटान तेज होने से गायघाट दक्षिणी गांव को खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी 48 घंटे के भीतर एक मीटर से अधिक बढ़ गई। इसी के साथ नदी तेजी से कटान करते हुए गायघाट दक्षिणी गांव के करीब पहुंच गई है। जिससे 300 से अधिक मकानों को खतरा पैदा हो गया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार नदी पिछले बुधवार की शाम से बढ़ना शुरू हुई है। 77.300 मीटर से बढ़ते हुए नदी का जल स्तर शुक्रवार दोपहर तक 78.500 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 79. 35 मीटर से काफी नीचे है। जिससे नदी किनारे बोई गई फसल जलमग्न हो गई है। नदी का जलस्तर तो बढ़ ही रहा है। साथ ही नदी तेजी से कटान भी कर रही है। नदी कटान करते हुुए गायघाट दक्षिणी गांव के करीब पहुंच गई है। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू का कहना है कि नदी जिस रफ्तार से इस वर्ष कटान कर रही है, उससे गायघाट दक्षिणी का पूरा गांव नदी में समाहित हो जाएगा। नदी के कटान से करीब 200 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि अब तक कट चुकी है। कटान करते हुए नदी सोमन, रामदास, कर्मराज, मधुबन, जयदेव और सुरेंद्र आदि के घर के करीब पहुंच चुकी है। नदी की कटान से जगदीशपुर गांव का भर टोला भी खतरे में है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखा जा रहा है। बाढ़ चौकिया भी सक्रिय कर दी गई हैं। हलका लेखपाल और कानूनगो भ्रमण भी कर रहे हैं। अभी खतरा नहीं है।
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फोटो है
कटान तेज होने से गायघाट दक्षिणी गांव को खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी 48 घंटे के भीतर एक मीटर से अधिक बढ़ गई। इसी के साथ नदी तेजी से कटान करते हुए गायघाट दक्षिणी गांव के करीब पहुंच गई है। जिससे 300 से अधिक मकानों को खतरा पैदा हो गया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार नदी पिछले बुधवार की शाम से बढ़ना शुरू हुई है। 77.300 मीटर से बढ़ते हुए नदी का जल स्तर शुक्रवार दोपहर तक 78.500 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 79. 35 मीटर से काफी नीचे है। जिससे नदी किनारे बोई गई फसल जलमग्न हो गई है। नदी का जलस्तर तो बढ़ ही रहा है। साथ ही नदी तेजी से कटान भी कर रही है। नदी कटान करते हुुए गायघाट दक्षिणी गांव के करीब पहुंच गई है। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू का कहना है कि नदी जिस रफ्तार से इस वर्ष कटान कर रही है, उससे गायघाट दक्षिणी का पूरा गांव नदी में समाहित हो जाएगा। नदी के कटान से करीब 200 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि अब तक कट चुकी है। कटान करते हुए नदी सोमन, रामदास, कर्मराज, मधुबन, जयदेव और सुरेंद्र आदि के घर के करीब पहुंच चुकी है। नदी की कटान से जगदीशपुर गांव का भर टोला भी खतरे में है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखा जा रहा है। बाढ़ चौकिया भी सक्रिय कर दी गई हैं। हलका लेखपाल और कानूनगो भ्रमण भी कर रहे हैं। अभी खतरा नहीं है।
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