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वृद्धों के लिए बनेगा जेरीऐट्रिक वार्ड
Fri, 25 Jan 2019 12:22 AM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Fri, 25 Jan 2019 12:22 AM IST
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वृद्धों के लिए बनेगा जेरीऐट्रिक वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। उम्र के चौथे पड़ाव में पहुंच चुके लोगों की बीमारी सामान्य से हट के होती है। उन्हें अधिक देखभाल के साथ-साथ सामाजिक माहौल की जरूरत पड़ती है। इसे देखते हुए जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिए जेरीऐट्रिक वार्ड बनाया जाएगा। इस वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टर समेत अन्य मेडिकल स्टाफ तैनात होंगे। बुजुर्गों के व्यायाम की व्यवस्था भी रहेगी। सीएमओ कार्यालय ने इसके लिए डीएम को पत्रावली भेज दी है।
साठ वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों में सांस फूलने, हड्डी के जोड़ों में दर्द, ब्लड प्रेशर घटने-बढ़ने आदि बीमारी सामान्य तौर पर दिखने लगती है। बहुत से लोगों की यादाश्त कमजोर हो जाती है। सामाजिक संपर्क घटने व कम घूमने-फिरने की आदत के चलते समस्याएं बढ़ती जाती हैं। कई बार लोग यह सोचकर ही बुजुर्ग को अस्पताल नहीं ले जाते कि उम्र बढ़ने के साथ ऐसी दिक्कतें स्वाभाविक है, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, चेकअप व जरूरी दवाइयों के उपयोग से बुजुर्ग भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम शुरू किया है। जिला अस्पताल में बुजुर्गों के इलाज के लिए 10 बेड का अलग वार्ड बनेगा। इस वार्ड के शुरू होने से बुजुर्गावस्था की बीमारियों का सामना कर रहे लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। अपर सीएमओ आरसीएच डॉ. जीएम शुक्ला ने बताया कि सरकार के निर्देश पर इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अलग वार्ड निर्माण के लिए पत्रावली भेजी जा चुकी है।
साठ वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों में सांस फूलने, हड्डी के जोड़ों में दर्द, ब्लड प्रेशर घटने-बढ़ने आदि बीमारी सामान्य तौर पर दिखने लगती है। बहुत से लोगों की यादाश्त कमजोर हो जाती है। सामाजिक संपर्क घटने व कम घूमने-फिरने की आदत के चलते समस्याएं बढ़ती जाती हैं। कई बार लोग यह सोचकर ही बुजुर्ग को अस्पताल नहीं ले जाते कि उम्र बढ़ने के साथ ऐसी दिक्कतें स्वाभाविक है, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, चेकअप व जरूरी दवाइयों के उपयोग से बुजुर्ग भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम शुरू किया है। जिला अस्पताल में बुजुर्गों के इलाज के लिए 10 बेड का अलग वार्ड बनेगा। इस वार्ड के शुरू होने से बुजुर्गावस्था की बीमारियों का सामना कर रहे लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। अपर सीएमओ आरसीएच डॉ. जीएम शुक्ला ने बताया कि सरकार के निर्देश पर इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अलग वार्ड निर्माण के लिए पत्रावली भेजी जा चुकी है।
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