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Sant Kabir Nagar News: जेल में बंदियों को विधिक अधिकारों की दी जानकारी
Sun, 21 Jul 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 21 Jul 2024 12:59 AM IST
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संतकबीरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायिक अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विधिक जागरूकता शिविर लगाकर कारागार में निरुद्ध बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस किसी भी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध न हो या वह प्राइवेट अधिवक्ता रखने में असमर्थ हो, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए उन्हें जेल अधीक्षक के माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में देना होगा। इसके अलावा यदि वो अपने मामलों में अपील करना चाहतें हैं उसके लिए भी जेल अथॉरिटी के माध्यम से प्राधिकरण को सूचित करना होगा। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि जो भी बंदी निशुल्क अधिवक्ता के लिए प्रार्थना पत्र, अथवा जुर्म स्वीकार के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना चाहते हों, उसे अविलंब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अग्रसारित करें।
जिससे उन्हें नियमानुसार पैनल अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अतिरिक्त निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनके रहन-सहन, खान-पान एवं स्वास्थ्य सेवा के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर जेल कर्मियों समेत अन्य मौजूद रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिस किसी भी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध न हो या वह प्राइवेट अधिवक्ता रखने में असमर्थ हो, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए उन्हें जेल अधीक्षक के माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में देना होगा। इसके अलावा यदि वो अपने मामलों में अपील करना चाहतें हैं उसके लिए भी जेल अथॉरिटी के माध्यम से प्राधिकरण को सूचित करना होगा। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि जो भी बंदी निशुल्क अधिवक्ता के लिए प्रार्थना पत्र, अथवा जुर्म स्वीकार के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना चाहते हों, उसे अविलंब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अग्रसारित करें।
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जिससे उन्हें नियमानुसार पैनल अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अतिरिक्त निरुद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनके रहन-सहन, खान-पान एवं स्वास्थ्य सेवा के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर जेल कर्मियों समेत अन्य मौजूद रहे।
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