संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के एमबीडी बांध और घाघरा नदी के बीच बसे 22 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई गांवों के लोगों ने राहत शिविर या एमबीडी बांध पर शरण ली है। रविवार की शाम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच कर स्थिर है।
संतकबीरनगर: एमबीडी बांध और घाघरा नदी के बीच बसे 22 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 200 परिवारों ने ली बांध पर शरण
बाढ़ के पानी ने गायघाट दक्षिणी, चकदहा, गुनवतिया, भौवापार, सरैया, खरैया, सियर कला समेत 22 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। 17 गांवों के करीब 200 परिवारों के लोग एमबीडी बांध पर पहुंच गए है। एमबीडी बांध पर पशुओं को रखे हैं। जबकि वह भोजन बाढ़ राहत शिविर तिघरा में कर रहे हैं। तहसील प्रशासन ने लोगों को आने-जाने के लिए 28 नावों का प्रबंध कर रखा है।
गायघाट निवासी राम अजोर, प्रभावती, संतराम, लालचंद, सरैया गांव के रामकिशोर, जयकरन, रामलौट, सियर कला निवासी कैलाश, गोविंद, सुंदरा देवी, आगापुर गुलरिया गांव निवासी उदय भान, संदीप, सुनीता, पार्वती आदि का कहना है कि कार्तिक माह में आई बाढ़ ने तबाह करके रख दिया है। दो माह तक बाढ़ का दंश झेलने के बाद लोग घर पहुंचे थे। अपने गिरे पड़े मकान को दुरुस्त भी कर चुके थे। फिर आई बाढ़ ने उजाड़ कर रख दिया है। मवेशी के साथ घर छोड़ना पड़ा।
बांध पर खुले में गुजर करना पड़ रहा है। परिवार के लोग किसी तरह पेट भर ले रहे हैं, लेकिन पशुओं के चारा का संकट है। तहसील प्रशासन ने पिछली बार भी पशुओं का कोई बंदोबस्त किया था और न ही इस बार। बांध और नदी के बीच बसे गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। लोग नाव से अपने घरों से बांध तक आ-जा रहे हैं। तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में 28 नावें लगाई गई हैं।
बाढ़ पीड़ितों के खाने-पीने व रहने का प्रबंध तिघरा में बनाए गए तीन बार राहत केंद्रों पर किया गया है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ 79.80 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है। रविवार की दोपहर से नदी का जलस्तर स्थिर है। एमबीडी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।