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ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर घमासान
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
Updated Wed, 27 Jan 2016 11:20 PM IST
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर घमासान नजर आने लगा है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर ही धर्मसिंहवा थाने पर बवाल हुआ। अनहोनी की आंशका से सहमा प्रशासन चौकन्ना दिखा। थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक काफी संख्या में फोर्स लगी रही। खूफियातंत्र यह पता करने में जुटा रहा कि पूर्व विधायक और उनके समर्थकों का अगला कदम क्या हो सकता है।
उधर पूर्व विधायक ने डीएम और एसपी से मिलकर आवेदन पत्र दिया जिसमें अपनी सुरक्षा के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने एसनी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जांच करा कर रिपोर्ट देने को कहा है। यदि प्रशासन ने सतर्कता नहीं बरती तो सांथा ब्लॉक से प्रमुख चुनाव को लेकर उठी चिंगारी जिले के कई अन्य ब्लॉकों में भी सुलग सकती है।
दरअसल सांथा ब्लॉक में प्रमुख पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां पर सपा ने वीरेंद्र कुमार कन्नौजिया को प्रमुख पद का प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि पूर्व विधायक ताबिश खां अपने ही गांव खजुरी के निवासी अलगू को प्रमुख पद पर चुनाव लड़ा रहे हैं।
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मंगलवार को धर्मसिहवा थाने में विवाद की शुरुआत पूर्व विधायक ताबिश खां और सिपाही कमाल खान से हुई। बाद में पूर्व विधायक और उनके भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया तो भीड़ थाने पर जुट गई। चार बजे के बाद से रात आठ बजे तक थाना गेट के आसपास काफी भीड़ जमी रही।
पुलिस और भीड़ के बीच हुए संघर्ष में कोई बड़ी घटना संयोग से नहीं हुई। प्रमुख चुनाव को लेकर शुरू हुए विवाद का असर आसपास के क्षेत्रों में भी पहुंच सकता है। धर्मसिहवा थाने पर सुरक्षा के मद्देनजर एसओ दुधारा, एसओ महुली के अलावा एक कंपनी पीएसी मुस्तैद रही।
जबकि कलेक्ट्रेट में एएसपी, सीओ सदर, कोतवाल, स्वाट टीम के प्रभारी के साथ काफी फोर्स लगी रही। क्षेत्र में उठ रही चर्चा की माने तो प्रमुख चुनाव को लेकर सामान्य सीट वाले खलीलाबाद, नाथनगर और हैंसर भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसके लिए प्रशासन को पहले से ही चौकन्ना रहने की जरूरत है। डीएम डॉ.सरोज कुमार ने बताया कि पूर्व विधायक ने अपनी सुरक्षा की मांग के साथ धर्मसिंहवा में हुए विवाद के संबंध में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है।
इसके लिए एसपी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रमेश रंजन को जांच करा कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ बता पाएंगे। जहां तक रहा सवाल पूर्व विधायक को गनर देने का तो जिले की सुरक्षा कमेटी के बीच होने वाली बैठक में चर्चा करेंगे। सुरक्षा समिति को तीन माह तक गनर देने का अधिकार है।
यदि सहमति बनी तो गनर दिया जाएगा अन्यथा उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही गनर दिया जा सकेगा।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व विधायक ताबिश खां ने दो तहरीर दी है। उनकी एक तहरीर पर एसओ धर्मसिहवा, एसओ बखिरा और सिपाही कमाल खान समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया है।
जबकि एक तहरीर में क्षेत्र पंचायत सदस्य को धमकाने का आरोप पुलिस कर्मियों पर लगाए है। उसकी जांच एएसपी अशोक वर्मा को दी है और दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांग की है।
जब डीएम और एसपी ने पूर्व विधायक ताबिश खां से घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने पुलिस पर खुद को मारने पीटने, भाई को मारपीट कर दांत तोड़ने का आरोप मढ़ा।
साथ ही पुलिस पर सत्ता के एजेंट के रूप में ब्लाक प्रमुख चुनाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपना और भाई का मेडिकल करा कर केस दर्ज करने की मांग की।
वहीं सिपाही कमाल खान का आरोप था कि पूर्व विधायक अपने लोगों के साथ आए और ब्लाक प्रमुख चुनाव की बात कहते हुए उसे धमकी देने लगे। ताबिश खां ने कॉलर पकड़ लिया और समर्थकों ने मारपीट की।
जबकि एसओ रामभवन यादव का आरोप था कि सिपाही के साथ हुए विवाद के मामले में पूर्व विधायक और उनके भाई इफ्तेखार खां को थाने पर लाकर पूछताछ की जा रही थी। तभी पूर्व विधायक के बेटे सद्दाम ने रिश्तेदारों और समर्थकों को फोन कर कहा कि पुलिस कुछ भी कर सकती है, थाने आ जाओ।
इस पर भीड़ ने पथराव कर दिया जिससे दो गाड़ियां टूट गईं और कुछ सिपाही घायल हो गए। पुलिस ने दो अलग मुकदमों में पूर्व विधायक, उनके भाई, बेटे समेत 20 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत कराना चाहते हैं मेरी हत्या : ताबिश खां
संतकबीरनगर। मेंहदावल के पूर्व विधायक मोहम्मद ताबिश खां ने प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेरी हत्या कराना चाहते हैं।
कहा कि राज्य मंत्री के इशारे पर ही पुलिस ने उनका गनर वापस ले लिया। आरोप लगाया कि पुलिस मंत्री के ही कहने पर लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। लेकिन धर्मसिंहवा पुलिस के साथ ही बखिरा और मेंहदावल की पुलिस खुद पक्ष बनकर सत्ता पक्ष को लाभ पहुुंचाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों को धमका रही है।
आरोप लगाया कि इसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद तीन थानों की पुलिस उनको और उनके भाई को अपराधियों की तरह पकड़कर थाने ले गई और मारा,पीटा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के इशारे पर पुलिस काम कर रही है, लेकिन वह झुकने वाले नहीं हैं।
वन चेतना केंद्र स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक ने घटना का विवरण देते हुए कहा कि मैं कुछ समर्थकों के साथ एसओ से मिलने धर्मसिंहवा थाने पर गया था। वहां दो सिपाही कमाल खान और श्रीनंद यादव मिले। थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे। वार्ता के दौरान समर्थकों से कुछ कहासुनी हुई थी।
इसके बाद वह लौटकर बरगदवा में एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के घर पर चले आए। इसी बीच धर्मसिंहवा, बखिरा और मेंहदावल के एसओ मय फोर्स पहुुंचे और अपराधियों की तरह बर्ताव करते हुए मुझे और मेरे भाई इफ्तेखार को पकड़कर पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया और थाने लाकर मारापीटा।
पूर्व विधायक ने कहा कि मेरे समर्थकों के पहुंचने के बाद रात में हम लोगों को छोड़ा गया। आरोप लगाया कि यह सब कुछ राज्यमंत्री के इशारे पर किया जा रहा है। ताकि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उनका प्रत्याशी न उतर सके। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अयूब, जुबेर अहमद, अबू सुफियान आदि को भी पुलिस ने दौड़कर पीटा।
उन्होंने इस मामले में डीएम और एसपी से वार्ता की और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही मानवाधिकार आयोग और प्रदेश के डीजीपी को भी मांग पत्र भेजा।
पुलिस अधीक्षक को ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ने दी तहरीर
संतकबीरनगर। सांथा विकास खंड क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार और खजुरी निवासी अलगू ने सिपाही कमाल खां और श्रीनंद यादव पर मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी। उन्होंने कहा कि मुुझे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारने-पीटने के साथ चुनाव न लड़ने के लिए धमकाया गया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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उधर पूर्व विधायक ने डीएम और एसपी से मिलकर आवेदन पत्र दिया जिसमें अपनी सुरक्षा के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने एसनी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जांच करा कर रिपोर्ट देने को कहा है। यदि प्रशासन ने सतर्कता नहीं बरती तो सांथा ब्लॉक से प्रमुख चुनाव को लेकर उठी चिंगारी जिले के कई अन्य ब्लॉकों में भी सुलग सकती है।
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दरअसल सांथा ब्लॉक में प्रमुख पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां पर सपा ने वीरेंद्र कुमार कन्नौजिया को प्रमुख पद का प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि पूर्व विधायक ताबिश खां अपने ही गांव खजुरी के निवासी अलगू को प्रमुख पद पर चुनाव लड़ा रहे हैं।
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मंगलवार को धर्मसिहवा थाने में विवाद की शुरुआत पूर्व विधायक ताबिश खां और सिपाही कमाल खान से हुई। बाद में पूर्व विधायक और उनके भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया तो भीड़ थाने पर जुट गई। चार बजे के बाद से रात आठ बजे तक थाना गेट के आसपास काफी भीड़ जमी रही।
पुलिस और भीड़ के बीच हुए संघर्ष में कोई बड़ी घटना संयोग से नहीं हुई। प्रमुख चुनाव को लेकर शुरू हुए विवाद का असर आसपास के क्षेत्रों में भी पहुंच सकता है। धर्मसिहवा थाने पर सुरक्षा के मद्देनजर एसओ दुधारा, एसओ महुली के अलावा एक कंपनी पीएसी मुस्तैद रही।
जबकि कलेक्ट्रेट में एएसपी, सीओ सदर, कोतवाल, स्वाट टीम के प्रभारी के साथ काफी फोर्स लगी रही। क्षेत्र में उठ रही चर्चा की माने तो प्रमुख चुनाव को लेकर सामान्य सीट वाले खलीलाबाद, नाथनगर और हैंसर भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसके लिए प्रशासन को पहले से ही चौकन्ना रहने की जरूरत है। डीएम डॉ.सरोज कुमार ने बताया कि पूर्व विधायक ने अपनी सुरक्षा की मांग के साथ धर्मसिंहवा में हुए विवाद के संबंध में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है।
इसके लिए एसपी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रमेश रंजन को जांच करा कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ बता पाएंगे। जहां तक रहा सवाल पूर्व विधायक को गनर देने का तो जिले की सुरक्षा कमेटी के बीच होने वाली बैठक में चर्चा करेंगे। सुरक्षा समिति को तीन माह तक गनर देने का अधिकार है।
यदि सहमति बनी तो गनर दिया जाएगा अन्यथा उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही गनर दिया जा सकेगा।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व विधायक ताबिश खां ने दो तहरीर दी है। उनकी एक तहरीर पर एसओ धर्मसिहवा, एसओ बखिरा और सिपाही कमाल खान समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया है।
जबकि एक तहरीर में क्षेत्र पंचायत सदस्य को धमकाने का आरोप पुलिस कर्मियों पर लगाए है। उसकी जांच एएसपी अशोक वर्मा को दी है और दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांग की है।
जब डीएम और एसपी ने पूर्व विधायक ताबिश खां से घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने पुलिस पर खुद को मारने पीटने, भाई को मारपीट कर दांत तोड़ने का आरोप मढ़ा।
साथ ही पुलिस पर सत्ता के एजेंट के रूप में ब्लाक प्रमुख चुनाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपना और भाई का मेडिकल करा कर केस दर्ज करने की मांग की।
वहीं सिपाही कमाल खान का आरोप था कि पूर्व विधायक अपने लोगों के साथ आए और ब्लाक प्रमुख चुनाव की बात कहते हुए उसे धमकी देने लगे। ताबिश खां ने कॉलर पकड़ लिया और समर्थकों ने मारपीट की।
जबकि एसओ रामभवन यादव का आरोप था कि सिपाही के साथ हुए विवाद के मामले में पूर्व विधायक और उनके भाई इफ्तेखार खां को थाने पर लाकर पूछताछ की जा रही थी। तभी पूर्व विधायक के बेटे सद्दाम ने रिश्तेदारों और समर्थकों को फोन कर कहा कि पुलिस कुछ भी कर सकती है, थाने आ जाओ।
इस पर भीड़ ने पथराव कर दिया जिससे दो गाड़ियां टूट गईं और कुछ सिपाही घायल हो गए। पुलिस ने दो अलग मुकदमों में पूर्व विधायक, उनके भाई, बेटे समेत 20 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत कराना चाहते हैं मेरी हत्या : ताबिश खां
संतकबीरनगर। मेंहदावल के पूर्व विधायक मोहम्मद ताबिश खां ने प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेरी हत्या कराना चाहते हैं।
कहा कि राज्य मंत्री के इशारे पर ही पुलिस ने उनका गनर वापस ले लिया। आरोप लगाया कि पुलिस मंत्री के ही कहने पर लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। लेकिन धर्मसिंहवा पुलिस के साथ ही बखिरा और मेंहदावल की पुलिस खुद पक्ष बनकर सत्ता पक्ष को लाभ पहुुंचाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों को धमका रही है।
आरोप लगाया कि इसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद तीन थानों की पुलिस उनको और उनके भाई को अपराधियों की तरह पकड़कर थाने ले गई और मारा,पीटा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के इशारे पर पुलिस काम कर रही है, लेकिन वह झुकने वाले नहीं हैं।
वन चेतना केंद्र स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक ने घटना का विवरण देते हुए कहा कि मैं कुछ समर्थकों के साथ एसओ से मिलने धर्मसिंहवा थाने पर गया था। वहां दो सिपाही कमाल खान और श्रीनंद यादव मिले। थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे। वार्ता के दौरान समर्थकों से कुछ कहासुनी हुई थी।
इसके बाद वह लौटकर बरगदवा में एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के घर पर चले आए। इसी बीच धर्मसिंहवा, बखिरा और मेंहदावल के एसओ मय फोर्स पहुुंचे और अपराधियों की तरह बर्ताव करते हुए मुझे और मेरे भाई इफ्तेखार को पकड़कर पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया और थाने लाकर मारापीटा।
पूर्व विधायक ने कहा कि मेरे समर्थकों के पहुंचने के बाद रात में हम लोगों को छोड़ा गया। आरोप लगाया कि यह सब कुछ राज्यमंत्री के इशारे पर किया जा रहा है। ताकि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उनका प्रत्याशी न उतर सके। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अयूब, जुबेर अहमद, अबू सुफियान आदि को भी पुलिस ने दौड़कर पीटा।
उन्होंने इस मामले में डीएम और एसपी से वार्ता की और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही मानवाधिकार आयोग और प्रदेश के डीजीपी को भी मांग पत्र भेजा।
पुलिस अधीक्षक को ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ने दी तहरीर
संतकबीरनगर। सांथा विकास खंड क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार और खजुरी निवासी अलगू ने सिपाही कमाल खां और श्रीनंद यादव पर मारने-पीटने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी। उन्होंने कहा कि मुुझे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारने-पीटने के साथ चुनाव न लड़ने के लिए धमकाया गया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की।