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किसान खेतों में न जलाएं फसल के अवशेष : डीएम

Tue, 13 Oct 2026 12:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:18 AM IST
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Farmers should not burn crop residue in the fields: DM
संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। डीएम अनुज मलिक ने कहा कि किसान फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष को कदापि न जलाएं। पराली खेतों में जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति पर दुष्प्रभाव पड़ता है और लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। साथ ही फसल की उपज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
डीएम ने कहा कि यह भी देखने में आता है कि फसल अवशेष जलाने से भीषण अग्निकांड की घटनाएं हो जाती हैं, जिसमें जन, पशु की मृत्यु तक हो जाती है। डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने फसल अवशेष जलाने पर खेत के क्षेत्रफल के अनुसार अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
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दो एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले कृषकों से 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ वाले कृषकों से 5000 रुपये एवं पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले कृषकों से 15000 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रति घटना की वसूली जाएगी। इसके साथ ही दोषी के विरुद्ध कठोर दंड का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि कंबाइन हार्वेस्टिंग स्ट्रॉ रीपर विद बाइंडर अथवा स्ट्रॉ रीपर का प्रयोग अनिवार्य किए गए हैं।
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इसके साथ ही बिना रीपर मशीन के प्रयोग करने वाले कंबाइन मशीन मालिकों के विरुद्ध सिविल दायित्व भी निर्धारित किए जाने के निर्देश है।
बिना स्ट्रॉ रीपर के कंबाइन मशीन से फसल कटाई प्रतिबंधित हैं। अन्यथा की दशा में कंबाइन मशीन मालिक के विरुद्ध सिविल दायित्व निर्धारित करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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