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सिसकते मासूमों का दर्द देख आहत है मां

Thu, 17 Jun 2021 09:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 09:24 PM IST
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family in problem due to gaurdian death by corona
सिसकते मासूमों का दर्द देख आहत है मां
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सात मई को कारोना संक्रमित युवक की कैली बस्ती अस्पताल में हुई थी मौत
खुद का व्यवसाय कर परिवार का भरण पोषण करता था युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। करीब डेढ़ महीने पहले युवक की कैली अस्पताल बस्ती में कोरोना से मौत हुई तो उसके हंसते-खेलते कुनबे में मायूसी छा गई। जिसने भी यह घटना सुनी उसके मुंह से आह निकल आई। युवक की मौत से जहां उसके दो मासूमों के सिर से पिता का सहारा छिन गया, वहीं, पत्नी अब भी उस दिन को याद कर सिहर उठती है। एक ओर पति की मौत का गम तो दूसरी ओर पिता को याद कर सिसकते मासूमों का दर्द पत्नी को और आहत कर रहा है।

नाथनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी 35 वर्षीय युवक पत्नी और बच्चों के साथ बस्ती में रहकर अपना खुद का व्यवसाय करता था। 26 अप्रैल को युवक की तबीयत खराब हुई। एक मई को अचानक युवक को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो लोगों ने उसे कैली अस्पताल बस्ती में भर्ती कराया। जहां जांच में डॉक्टरों ने युवक को कोरोना पॉजिटिव बताया। सात मई की रात इलाज के दौरान अस्पताल में युवक ने दम तोड़ दिया। पति की मौत ने पत्नी को इतना आहत कर दिया कि आज भी उस दिन को याद कर वह सिहर उठती हैं। नौ साल पूर्व युवक की शादी हुई थी। दो बच्चे हैं। इसमें सात साल की बेटी कक्षा दो में और साढ़े चार साल का बेटा एलकेजी में पढ़ता है। खुद के व्यवसाय में दिन-रात मेहनत कर युवक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। एक ओर पति की मौत का सदमा तो दूसरी ओर सिसकते बच्चों को सांत्वना देते हुए पत्नी खुद फफकने लगती है। उसके लिए यह वक्त किसी कठिन परीक्षा की घड़ी की तरह है। पति की मौत के बाद अब पत्नी के सामने बच्चों की परवरिश की चुनौती है। परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत से अब मासूमों की शिक्षा की भी चिंता मां को सता रही है। जिला प्रोवेशन अधिकारी डॉक्टर श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि दोनों बच्चों का चयन मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में हुआ है। दोनों बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण के लिए चार-चार हजार रुपये महीने का अनुदान दिए जाने का अनुमोदन डीएम की अध्यक्षता में गठित टॉस्क फोर्स समिति ने कर दिया है।
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