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न पेयजल की व्यवस्था न ही चहारदीवारी का हुआ इंतजाम
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राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली। संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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न पेयजल की व्यवस्था न ही चहारदीवारी का हुआ इंतजाम
- राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। दस साल पहले बनकर तैयार हुए राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली में अब तक न पेयजल का इंतजाम हो सका है और न बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ है। शौचालय की स्थिति भी बदतर है। बारिश में छत से पानी टपकता है। छात्रों की संख्या भी कम है।
2012 में महुली स्थित राजकीय विद्यालय के भवन का निर्माण हुआ, लेकिन छह साल बाद 2018 से यहां छात्रों की पढ़ाई शुरू हुई। विद्यालय में अब तक छात्रों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं कराया जा सका है। स्कूल के छात्र सामान्य नल से पानी पीने को विवश हैं। वहीं, विद्यालय की बाउंड्रीवाल न बनने से छुट्टा पशु परिसर में घूमते रहते हैं।
यहां तैनात प्रधानाचार्य सुनीता यादव ने बताया कि विद्यालय में नौ और दस की कक्षा संचालित होती है। जिसमें कुल मिलाकर 40 बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल का शौचालय खराब पड़ा हुआ है। अब तक कमरे और बरामदे का फर्श भी नहीं बना है। दस सालों में जर्जर हो चुके भवन की छत से पानी टपकने से कई जगह दीवार में दरारें आ गई हैं।
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15 छात्रों की पढ़ाई का जिम्मा संभाल रहे पांच शिक्षक
राजकीय विद्यालय में कक्षा नौ और दस की एक-एक कक्षाएं संचालित हैं। दोनों कक्षाओं में कुल पंद्रह छात्र और छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्य सुनीता यादव ने बताया कि कुल पंजीकृत छात्रों की संख्या 40 है।
विद्यालय में जलभराव की स्थिति
राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली में जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं है। जिसके चलते बारिश के मौसम में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। आसपास का कचरा भी पानी के साथ बहकर परिसर में इकट्ठा हो जाता है। स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली की स्थिति की जानकारी है। यहां की समस्याएं दूर किए जाने के लिए अलंकार योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जैसे ही बजट मिलेगा, यहां कार्य कराया जाएगा।
- मनमोहन शर्मा, डीआईओएस
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- राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। दस साल पहले बनकर तैयार हुए राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली में अब तक न पेयजल का इंतजाम हो सका है और न बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ है। शौचालय की स्थिति भी बदतर है। बारिश में छत से पानी टपकता है। छात्रों की संख्या भी कम है।
2012 में महुली स्थित राजकीय विद्यालय के भवन का निर्माण हुआ, लेकिन छह साल बाद 2018 से यहां छात्रों की पढ़ाई शुरू हुई। विद्यालय में अब तक छात्रों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं कराया जा सका है। स्कूल के छात्र सामान्य नल से पानी पीने को विवश हैं। वहीं, विद्यालय की बाउंड्रीवाल न बनने से छुट्टा पशु परिसर में घूमते रहते हैं।
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यहां तैनात प्रधानाचार्य सुनीता यादव ने बताया कि विद्यालय में नौ और दस की कक्षा संचालित होती है। जिसमें कुल मिलाकर 40 बच्चे पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल का शौचालय खराब पड़ा हुआ है। अब तक कमरे और बरामदे का फर्श भी नहीं बना है। दस सालों में जर्जर हो चुके भवन की छत से पानी टपकने से कई जगह दीवार में दरारें आ गई हैं।
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15 छात्रों की पढ़ाई का जिम्मा संभाल रहे पांच शिक्षक
राजकीय विद्यालय में कक्षा नौ और दस की एक-एक कक्षाएं संचालित हैं। दोनों कक्षाओं में कुल पंद्रह छात्र और छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्य सुनीता यादव ने बताया कि कुल पंजीकृत छात्रों की संख्या 40 है।
विद्यालय में जलभराव की स्थिति
राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली में जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं है। जिसके चलते बारिश के मौसम में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। आसपास का कचरा भी पानी के साथ बहकर परिसर में इकट्ठा हो जाता है। स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली की स्थिति की जानकारी है। यहां की समस्याएं दूर किए जाने के लिए अलंकार योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। जैसे ही बजट मिलेगा, यहां कार्य कराया जाएगा।
- मनमोहन शर्मा, डीआईओएस