{"_id":"6696afc2a57391b8850cc76b","slug":"f-you-miss-30-days-from-school-you-will-be-out-of-school-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-117744-2024-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: 30 दिन स्कूल से हुए गायब तो हो जाएंगे आउट ऑफ स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: 30 दिन स्कूल से हुए गायब तो हो जाएंगे आउट ऑफ स्कूल
Tue, 16 Jul 2024 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 11:07 PM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालय में साल में लगातार तीस दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो वह आउट ऑफ स्कूल हो जाएगा। शिक्षक इन बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग कराएंगे और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। यह निर्णय छात्र संख्या घटने पर लिया गया है।
जिले में 1248 परिषदीय विद्यालय है और इनमें एक लाख चार हजार बच्चे नामांकित है। परिषदीय स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके बावजूद विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रह रही है। विद्यालय में लगातार तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसे बुलाने के लिए शिक्षकों की टीम जाएगी। ऐसे बच्चों की लगातार निगरानी कर पता लगाया जाएगा कि किस कारण से बच्चे का स्कूल में मन नहीं लग रहा है। उसके बाद उसको अभिरुचि के अनुसार शिक्षा देने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों की माने तो छह से 14 साल का कोई बच्चा स्कूल में नामांकित नहीं है तो वह बिना विद्यालय का माना जाएगा। इसे साथ ही नामांकन के एक साल में लगातार 30 दिन तक अनुपस्थित रहता है तो उसे आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा। अगर वार्षिक मूल्याकंन में 35 फीसदी से कम नंबर मिले हैं तो ऐसे बच्चों के शैक्षिक स्तर सुधार के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। हर तिमाही होने वाली बैठक में ऐसे बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराकर पठन पाठन में सुधार लाने के लिए प्रेरित करेंगे। यदि बच्चा लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो फोन पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा और बुलावा टोली भेजी जाएगी। बीएसए अमित सिंह ने बताया कि साल में 30 दिन लगातार अनुपस्थित रहने वाला बच्चा आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1248 परिषदीय विद्यालय है और इनमें एक लाख चार हजार बच्चे नामांकित है। परिषदीय स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके बावजूद विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रह रही है। विद्यालय में लगातार तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उसे बुलाने के लिए शिक्षकों की टीम जाएगी। ऐसे बच्चों की लगातार निगरानी कर पता लगाया जाएगा कि किस कारण से बच्चे का स्कूल में मन नहीं लग रहा है। उसके बाद उसको अभिरुचि के अनुसार शिक्षा देने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
अधिकारियों की माने तो छह से 14 साल का कोई बच्चा स्कूल में नामांकित नहीं है तो वह बिना विद्यालय का माना जाएगा। इसे साथ ही नामांकन के एक साल में लगातार 30 दिन तक अनुपस्थित रहता है तो उसे आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा। अगर वार्षिक मूल्याकंन में 35 फीसदी से कम नंबर मिले हैं तो ऐसे बच्चों के शैक्षिक स्तर सुधार के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। हर तिमाही होने वाली बैठक में ऐसे बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराकर पठन पाठन में सुधार लाने के लिए प्रेरित करेंगे। यदि बच्चा लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो फोन पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा और बुलावा टोली भेजी जाएगी। बीएसए अमित सिंह ने बताया कि साल में 30 दिन लगातार अनुपस्थित रहने वाला बच्चा आउट ऑफ स्कूल माना जाएगा।
विज्ञापन