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कृषि वैज्ञानिक ने धान की 10 प्रजातियों का किया मूल्यांकन
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कृषि वैज्ञानिक ने धान की 10 प्रजातियों का किया मूल्यांकन
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही में कार्यरत वैज्ञानिकों की सलाह पर विकास खंड हैंसर बाजार के सुरेना गांव में किसानों के रोपे गए काला नमक धान की 10 प्रजातियों का मूल्यांकन बुधवार को किया गया। केंद्रीय धान अनुसंधान संस्थान कटक उड़ीसा के पूर्व निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह ने बारीकी से निरीक्षण किया। धान की फसल अच्छी देख उन्होंने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की प्रशंसा की और कहा कि यहां की मिट्टी काला नमक धान के लिए अच्छी है।
कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि कृषक लालजी चौधरी के एक एकड़ खेत में शोध के लिए कृषि वैज्ञानिकों की ओर से लगवाई गई काला नमक की 10 प्रजातियों की फसल को देखा। प्रोफेसर ने कहा कि यहां की मिट्टी काला नमक धान के लिए अच्छी है। काला नमक की खेती करके यहां के किसान जहां खुद आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। यहां के काला नमक की महक पूरे प्रदेश और देश में फैल सकती है। डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि काला नमक धान का बीज अब संतकबीर नगर जिले में भी मिलेगा। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र बगही के डॉ. बीबी सिंह, डॉ. संदीप कश्यप, डॉ. सतीश कुमार चक्रवर्ती, लक्ष्मी सिंह, प्रदीप नायक आदि लोग मौजूद रहे।
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धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही में कार्यरत वैज्ञानिकों की सलाह पर विकास खंड हैंसर बाजार के सुरेना गांव में किसानों के रोपे गए काला नमक धान की 10 प्रजातियों का मूल्यांकन बुधवार को किया गया। केंद्रीय धान अनुसंधान संस्थान कटक उड़ीसा के पूर्व निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह ने बारीकी से निरीक्षण किया। धान की फसल अच्छी देख उन्होंने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की प्रशंसा की और कहा कि यहां की मिट्टी काला नमक धान के लिए अच्छी है।
कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि कृषक लालजी चौधरी के एक एकड़ खेत में शोध के लिए कृषि वैज्ञानिकों की ओर से लगवाई गई काला नमक की 10 प्रजातियों की फसल को देखा। प्रोफेसर ने कहा कि यहां की मिट्टी काला नमक धान के लिए अच्छी है। काला नमक की खेती करके यहां के किसान जहां खुद आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। यहां के काला नमक की महक पूरे प्रदेश और देश में फैल सकती है। डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि काला नमक धान का बीज अब संतकबीर नगर जिले में भी मिलेगा। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र बगही के डॉ. बीबी सिंह, डॉ. संदीप कश्यप, डॉ. सतीश कुमार चक्रवर्ती, लक्ष्मी सिंह, प्रदीप नायक आदि लोग मौजूद रहे।
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