{"_id":"697905c6a229e843960f0b10","slug":"electricity-workers-staged-a-sit-in-protest-against-privatisation-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-145078-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने दिया धरना
Wed, 28 Jan 2026 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
- फोटो : चरदा सीएचसी पर मरीज को गोद में उठाकर ले इलाज जाते हुए तीमारदार।
संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल संसद के बजट सत्र में लाने की सरकार तैयारी कर रही है। इसके विरोध में 12 फरवरी को देश व्यापी हड़ताल की जाएगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सूरज प्रजापति ने कहा कि यह आंदोलन देश के लाखों बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं में व्याप्त उस गहरे आक्रोश और चिंता की अभिव्यक्ति है, जो सार्वजनिक बिजली क्षेत्र को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पेश किया गया तो कार्य स्थल छोड़कर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा बिजली देश की अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और ग्रामीण जीवन की रीढ़ है। इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 सस्ती बिजली, सार्वजनिक स्वामित्व, संघीय ढांचे और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा हमला है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, वीरेंद्र मौर्य, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीष कुमार, प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी सूरज प्रजापति ने कहा कि यह आंदोलन देश के लाखों बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं में व्याप्त उस गहरे आक्रोश और चिंता की अभिव्यक्ति है, जो सार्वजनिक बिजली क्षेत्र को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पेश किया गया तो कार्य स्थल छोड़कर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा बिजली देश की अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और ग्रामीण जीवन की रीढ़ है। इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 सस्ती बिजली, सार्वजनिक स्वामित्व, संघीय ढांचे और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा हमला है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, वीरेंद्र मौर्य, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीष कुमार, प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन