{"_id":"698a223b4c9d7e0b8f01c1c9","slug":"electricity-workers-protested-against-privatization-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-145768-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत कर्मियों ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों की छंटनी और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।
समिति के पुष्पेंद्र भारती ने कहा कि अभिभाषण में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सहित पूरे पावर सेक्टर में व्यापक एवं क्रांतिकारी सुधारों का उल्लेख किया गया है। समिति ने प्रश्न उठाया कि जब सरकार स्वयं बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधारों की बात कर रही है, तो ऊर्जा निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया किस उद्देश्य से चलाई जा रही है, जिससे कार्यस्थल का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पॉवर सेक्टर में व्यापक सुधार हो चुके हैं और व्यवस्था बेहतर हो रही है, तो पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त की जाए। साथ ही बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाइयों को भी वापस लिया जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, सूरज प्रजापति, संतोष गुप्ता, नारायण चंद चौरसरिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सूरज प्रजापति, श्रवण प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत कर्मियों ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों की छंटनी और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।
समिति के पुष्पेंद्र भारती ने कहा कि अभिभाषण में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सहित पूरे पावर सेक्टर में व्यापक एवं क्रांतिकारी सुधारों का उल्लेख किया गया है। समिति ने प्रश्न उठाया कि जब सरकार स्वयं बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधारों की बात कर रही है, तो ऊर्जा निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया किस उद्देश्य से चलाई जा रही है, जिससे कार्यस्थल का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पॉवर सेक्टर में व्यापक सुधार हो चुके हैं और व्यवस्था बेहतर हो रही है, तो पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त की जाए। साथ ही बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाइयों को भी वापस लिया जाए।
विज्ञापन
इस अवसर पर रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, सूरज प्रजापति, संतोष गुप्ता, नारायण चंद चौरसरिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सूरज प्रजापति, श्रवण प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।